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अजय की फिल्म चौहान पर गरमाया विवाद, क्षत्रिय संगठन ने राजपूतों की छवि बिगाड़ने पर जताई आपत्ति

अजय देवगन की फिल्म चौहान अनाउंसमेंट के बाद से विवादों में घिर गई है. पहले श्रीनगर के सांसद ने इस फिल्म पर अपनी नाराजगी जाहिर की. अब एक संगठन क्षत्रिय परिषद ने चौहान फिल्म में राजपूतों के इतिहास की छवि को दिखाने पर आपत्ति जताई है.

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अजय की फिल्म पर शुरू विवाद (Photo: Screengrab)
अजय की फिल्म पर शुरू विवाद (Photo: Screengrab)

बॉलीवुड एक्टर अजय देवगन काफी समय बाद एक दमदार किरदार में नजर आने वाले थे. कुछ दिन पहले उनकी नई फिल्म चौहान का टीजर जारी किया गया, जिसमें वो एक आर्मी ऑफिसर के रोल में दिखे. इसमें वो कश्मीर में मौजूद पत्थरबाजों को कड़ा जवाब देने की बात करते सुनाई देते हैं. मगर फिल्म के मेकर्स की इस प्रेजेंटेशन से विवाद भी खड़ा हो चुका है. 

अजय की फिल्म पर बवाल

दरअसल श्रीनगर के सांसद आगा सैयद रुहुल्लाह मेहदी ने चौहान फिल्म के टीजर में कश्मीरियों के उस दर्द को दिखाए जाने पर नाराजगी जताई, जिसकी भरपाई उनके मुताबिक कभी नहीं हो सकती. सांसद ने ये भी कहा कि मेकर्स कश्मीर के दर्द को बेचना छोड़ दें. 

अब कश्मीरी सासंद के बाद, एक संगठन क्षत्रिय परिषद ने फिल्म चौहान में राजपूतों को गलत तरीके से पेश किए जाने पर आपत्ति जताई है. उनका कहना है कि मेकर्स इस फिल्म से राजपूत इतिहास को अपने फायदे के लिए इस्तेमाल करने और राजपूत पहचान को अपने हिसाब से अपनाने की कोशिश कर रहे हैं. संगठन ने ये भी आरोप लगाए ऐसी कोशिशें चुनावी या वैचारिक फायदा उठाने या प्रोपेगेंडा फैलाने के मकसद से की जा रही हैं. 

क्या है क्षत्रिय संगठन की मांग?

X पर क्षत्रिय परिषद के अकांउट की तरफ से एक नोट में लिखा गया है- क्षत्रिय परिषद नीरज यादव और एक्टर अजय देवगन के चौहान वंश के नाम का इस्तेमाल आज की सांप्रदायिक राजनीति के लिए किए जाने की कोशिश की कड़ी निंदा करता है. चौहान एक ऐतिहासिक राजपूत (क्षत्रिय) वंश है, जिसकी विरासत इतिहास की धरोहर है. इसका इस्तेमाल किसी राजनीतिक अभियान या जानबूझकर खड़े किए गए विवाद के लिए नहीं होना चाहिए.

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'ये बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक बार फिर राजपूत समाज की पहचान को ऐसे राजनीतिक विवाद में घसीटा जा रहा है, जिसे ना तो राजपूतों ने शुरू किया और ना ही इसकी मांग की. ऐसे समय में जब मेनस्ट्रीम मीडिया और पब्लिक प्लेटफॉर्म में राजपूतों की आवाज पहले से ही कम सुनाई देती है, तब सिर्फ लोगों को भड़काने, जातीय और सांप्रदायिक भावनाएं उकसाने या राजनीतिक माहौल बनाने के लिए किसी राजपूत वंश के नाम का इस्तेमाल करना गैर-जिम्मेदाराना और अपमानजनक है.' 

संगठन ने आगे राजपूतों और अफगानों के बीच हुई लड़ाइयों का भी जिक्र किया, और अपने योगदान को भी दर्शाया. उनका कहना है कि ये सभी लड़ाइयां उस दौर में राजनीतिक और सैन्य गठबंधन धर्म के आधार पर नहीं, बल्कि राज्यहित, निष्ठा और रणनीति के आधार पर बनते थे. क्षत्रिय परिषद ने साफ कहा कि वो राजपूत इतिहास और राजपूत पहचान का चुनावी या वैचारिक फायदे के लिए इस्तेमाल किए जाने का विरोध करती है. 

परिषद का कहना है- इतिहास को सांप्रदायिक माहौल बनाने का हथियार नहीं बनाया जाना चाहिए. साथ ही उसने राजनीतिक दलों, फिल्म निर्माताओं और मीडिया से अपील की है कि वे भारत के इतिहास को जिम्मेदारी के साथ पेश करें और उसकी जटिलता का सम्मान करें, ना कि राजपूत विरासत का इस्तेमाल लोगों को बांटने वाली राजनीति के लिए करें.

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अब देखना है कि जियो स्टूडियोज और फिल्म के डायरेक्टर नीरज यादव इस पूरे मुद्दे पर क्या सफाई देते हैं. अजय की फिल्म चौहान अगले साल यानी 1 अक्टूबर 2027 को रिलीज होगी. 

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