बिहार में चुनावी समर के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर एक बार फिर तीखा हमला किया है. एक इंटरव्यू के दौरान बिहार के सीएम ने कहा कि लोग पीएम का मजाक उड़ा रहे हैं. कह रहे हैं कि मोदी जी अच्छे दिन अपने पास रखें, हमें पुराना दिन ही लौटा दें.
न्यूज एजेंसी 'एएनआई' को दिए इंटरव्यू में ने केंद्र सरकार की कार्यशैली को नाकामयाब बताया. उन्होंने कहा, '17 महीनों में उनकी सरकार ने कोई महत्वपूर्ण काम नहीं किया. ना वादे पूरे किए हैं न गवर्नेंस का कोई उदाहरण है. लोग कितने दिनों तक 'अच्छे दिन' का इंतजार करेंगे?
नीतीश ने आगे कहा, 'हालात ये हो चले हैं कि सब मजाक करते हैं कि पीएम जी अच्छे दिन अपने पास रखिए. पुराने दिन लौटा दीजिए. कम से कम दाल के 200 रुपये नहीं देने होंगे.' मुख्यमंत्री ने राम जेठमलानी और अरुण शौरी की ओर इशारा करते हुए कहा कि जो बुद्धिजीवी मोदी जी का समर्थन करते थे अब उनका भी मोहभंग हो रहा है.
Intellectuals who supported Modi ji are now getting disillusioned: Nitish Kumar on Ram Jethmalani and Arun Shourie
— ANI (@ANI_news)
'देश चलाने में नाकामयाब हैं प्रधानमंत्री'
'व्यापाम, ललितगेट पर क्यों थी खामोशी'
विभिन्न मुद्दों पर प्रधानमंत्री की चुप्पी को मुद्दा बनाते हुए नीतीश ने कहा, 'हम किसी भी गलत काम के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करते हैं. हम उनकी तरह नहीं हैं जो व्यापम और ललितगेट जैसे मुद्दों पर भी खामोश रहते हैं. संसद में हंगामा हुआ, कार्यवाही में व्यवधान पैदा किया गया, लेकिन वो पूरी तरह खामोश रहें.'
'मोदी कहें कि वो तंत्र-मंत्र के खिलाफ हैं'
बीते दिनों एक तांत्रिक से नीतीश कुमार की मुलाकात का और इस ओर राजनीतिक बवाल पर प्रतिक्रिया देते हुए सीएम ने कहा, 'हम उनसे (तांत्रिक) मिले, उनकी बात सुन लिया और चले आए. उन्होंने इसे तंत्र-मंत्र से जोड़ा है तो घोषित करें कि वो तंत्र-मंत्र के खिलाफ हैं. ऐसा है तो वो क्यों मिलते हैं साधुओं से फिर?'
We were with BJP for 17 years, but when they came in a new avatar we decided it was best to part ways: Nitish Kumar
— ANI (@ANI_news)
बीजेपी और जेडीयू के रिश्तों को लेकर नीतीश ने कहा कि उनकी पार्टी 17 वर्षों तक बीजेपी के साथ रही, लेकिन जब बीजेपी ने नया अवतार लिया तो अलग होना ही सही समझा.