प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को त्रिपुरा में एक जनसभा को संबोधित किया था लेकिन इस रैली को लेकर एक नया विवाद पैदा हो गया है. यहां विपक्षी लेफ्ट फ्रंट ने राज्य मंत्री मोनोज कांती देव पर आरोप लगाया है कि उन्होंने मंत्रिमंडल की एक साथी को गलत तरीके से छुआ है और अब उन्हें बर्खास्त किया जाए. हालांकि बीजेपी ने लेफ्ट फ्रंट पर चरित्र हनन का आरोप लगाते हुए उनकी मांग को ठुकरा दिया. दूसरी ओर इस पूरे मामले में कांग्रेस ने भी बीजेपी पर निशाना साधा है.
लेफ्ट फ्रंट के संयोजक बिजन धर ने कहा, "जिस मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री विप्लब कुमार देव और अन्य लोग जनसभा संबोधित कर रहे थे उस मंच पर एक महिला मंत्री को गलत तरीके से छूने के लिए मोनोज कांती देव को बर्खास्त कर गिरफ्तार कर लेना चाहिए."
Modi ji2,9,2019 ku tripura pucha oha
Ek udgatan pe tripura ki ki halat dekiye minister social welfare bar bar inki kamar par hat dalte minister of youth affairs ek minister honeki bad khud suraksit nahi
— Zakaria Ahmed (@zakariaahmed332)
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल हो चुके वीडियो में यह सार्वजनिक रूप से देखा गया कि देव ने समाज कल्याण और सामाजिक शिक्षा मंत्री संतना चकमा की कमर पर हाथ रखा था. चकमा एक युवा आदिवासी नेता हैं. ऐसा ही वीडियो ट्वीट करते हुए महिला कांग्रेस की अध्यक्ष और सांसद सुष्मिता देव ने कहा कि 'बीजेपी से बेटी बचाओ'.
लेफ्ट ने मांगा इस्तीफा
सीपीएम के केंद्रीय समिति के सदस्य धर ने दावा किया कि 11 महीने पहले त्रिपुरा में बीजेपी के सत्ता में आने के बाद जहां कई युवा और अधेड़ महिलाओं के साथ दुष्कर्म हो रहा है, उनकी हत्या हो रही है, वहीं सार्वजनिक मंच पर हुआ यह मामला बेहद निंदनीय और दंडनीय है.
कुछ आदिवासी दल भी मंत्री के इस्तीफे और उनकी गिरफ्तारी की मांग को लेकर जल्द ही आंदोलन करने की कोशिश कर रहे हैं. खाद्य, युवा मामले और खेल मंत्रालय देख रहे देव से बात की गई लेकिन उन्होंने इस मामले पर कोई बयान नहीं दिया.
बीजेपी प्रवक्ता नबेंदु भट्टाचार्य ने कहा कि बीजेपी सरकार के खिलाफ कोई मुद्दा नहीं मिलने के बाद लेफ्ट फ्रंट ने अब झूठे और बिना मतलब के मुद्दों पर बीजेपी मंत्रियों का चरित्र हनन शुरू कर दिया है. उन्होंने सवाल किया, "महिला मंत्री ने कभी वाम दलों द्वारा उठाए गए मुद्दों पर बयान या शिकायत नहीं की, वाम दल गंदी राजनीति क्यों कर रहे हैं?"
(IANS के इनपुट के साथ)