उत्तर प्रदेश की इलाहाबाद लोकसभा सीट से बीजेपी प्रत्याशी और उत्तर प्रदेश की कैबिनेट मंत्री रीता बहुगुणा जोशी ने गठबंधन उम्मीदवार सपा के राजेंद्र सिंह पटेल को 184275 मतों से शिकस्त दी है.यहां इस बार बेहद दिलचस्प लड़ाई देखने को मिली. नेता तो वही हैं, लेकिन अधिकतर ने पाला बदल लिया है.

इस सीट पर छठे चरण के तहत 12 मई को वोटिंग हुई थी. इलाहाबाद में 50.73 फीसदी वोट पड़े थे. 2014 में यहां पर 53.44 फीसदी मतदान हुआ था. इस सीट पर 14 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं.
मौजूदा समय में इलाहाबाद में बीजेपी का कब्जा है, लेकिन सांसद पार्टी का दामन छोड़कर साइकिल पर सवार हो गए हैं. मुख्य मुकाबला भारतीय जनता पार्टी की रीता बहुगुणा जोशी, समाजवादी पार्टी के राजेंद्र सिंह पटेल और कांग्रेस के योगेश शुक्ला के बीच है, जबकि सीपीआई के टिकट पर गिरधर गोपाल त्रिपाठी भी चुनावी ताल ठोक रहे हैं.
इलाहाबाद के तहत 2 लोकसभा सीटें आती हैं जिसमें इलाहाबाद के अलावा फुलपूर की सीट भी शामिल है. इलाहाबाद लोकसभा सीट पर अभी तक 16 बार लोकसभा चुनाव और 3 बार उपचुनाव हुए हैं.
2014 का जनादेश
इलाबाद लोकसभा सीट पर 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी के श्यामा चरण गुप्ता सपा के रेवती रमण सिंह को 62 हजार 9 मतों से मात देकर सांसद चुने गए. बीजेपी के श्यामा चरण गुप्ता को 3,13,772 वोट मिले थे. सपा के रेवती रमण सिंह को 2,51,763 वोट, बसपा की केशरी देवी पटेल को 1,62,073 वोट और कांग्रेस के नंदगोपाल नंदी को 1,02,453 वोट मिले थे.
सामाजिक ताना-बाना
2011 की जनगणना के अनुसार इलाहाबाद जिले की आबादी 59,54,390 है. लिंगानुपात 1000 पुरुषों पर 901 है और साक्षरता दर 72.3% है. इलाहाबाद संसदीय क्षेत्र में कुल पांच विधानसभा सीटें हैं. इनमें मेजा, करछना, इलाहाबाद दक्षिण, बारा और कोरांव हैं. बारा और कोरांव विधानसभा सीट अनुसूचित जाति के लिए सुरक्षित है. मौजूदा समय में इन पांच सीटों में से चार सीटों पर बीजेपी का कब्जा है और महज करछना सीट सपा के पास है.
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