Abhinav Kumar
SP
Devendra Singh
BSP
Tanmay Srivastava
RVLP
Asha Singh
INC
Nota
NOTA
Yuvraj Singh Chandel
AAAP
Er. Pankaj Bajpai
IND
Babita Kushwaha
JNABHNP
Suraj Vimal
RTVP
Kamlesh Verma
IND
30 अगस्त को लखनऊ में रालोद का राष्ट्रीय सम्मेलन होगा, जिसमें जयंत चौधरी संगठन और 2027 विधानसभा चुनाव की रणनीति पर मंथन करेंगे. जाट और ब्राह्मण समीकरण, ब्राह्मण समाज में बढ़ती सक्रियता और बूथ स्तर तक तैयारी के जरिए रालोद सपा को सीधी चुनौती देने की कोशिश में है.
सपा के 'महिला कार्ड' पर तीखा पलटवार करते हुए यूपी के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अखिलेश यादव पर तंज कसा है. केशव मौर्य ने तेजस्वी, ममता और केजरीवाल का जिक्र करते हुए भविष्यवाणी की है कि विपक्षी गठबंधन के तीन नेताओं को जनता रिजेक्ट कर चुकी है और 2027 में चौथे नंबर पर अखिलेश यादव की बारी सेलेक्टेड है.
समाजवादी पार्टी ने भी यूपी चुनावों को देखते हुए अहम ऐलान किया है. लखनऊ में पार्टी सांसद डिम्पल यादव ने एलान किया है कि यूपी में अगर समाजवादी पार्टी की सरकार बनी तो स्त्री सम्मान समृद्धि योजना के तहत महिलाओं को 40 हजार देंगें. उनके मुताबिक साल दर साल इस रकम में बढ़ोत्तरी की जाएगी. देखें...
मैनपुरी से सपा सांसद डिंपल यादव के 'महिला कार्ड' और मुफ्त वादों के दांव को काटने के लिए बीजेपी ने अपनी चार प्रमुख महिला नेताओं को मोर्चे पर उतार दिया है. बीजेपी की इस महिला ब्रिगेड ने सपा के शासनकाल की कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा के पुराने रिकॉर्ड को कुरेदते हुए अखिलेश यादव को सीधे कठघरे में खड़ा कर दिया है.
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सपा ने महिलाओं के लिए बड़ा चुनावी वादा किया है। डिंपल यादव ने ‘स्त्री सम्मान समृद्धि योजना’ के तहत हर साल 40 हजार रुपये देने का ऐलान किया. उन्होंने कहा कि राशि में सालाना बढ़ोतरी होगी और मोबाइल, लैपटॉप, प्रशिक्षण व शिक्षा से महिला सशक्तिकरण किया जाएगा,
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर सभी राजनीतिक पार्टियों ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं. सपा, बसपा ले लेकर बाजेपी सभी दल ब्राह्मण वोटरों को लुभाने की कोशिश कर रहे हैं. देखें इसी पर आधारित आजतक की खास पेशकश सो सॉरी.
रक्षाबंधन से पहले सीएम योगी ने 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को बड़ी सौगात दी है. यूपी में 60 साल से अधिक उम्र की महिलाओं को अब रोडवेज बसों में किराया नहीं देना होगा.
सहारनपुर सितंबर में पश्चिमी यूपी की राजनीति का मुख्य अखाड़ा बनने जा रहा है, जहां आरएलडी प्रमुख जयंत चौधरी 3 सितंबर को अपनी रैली से 'मिशन-2027' का आगाज करेंगे. वहीं, 6 सितंबर को 'युवा योद्धा सम्मेलन' के जरिए अखिलेश यादव 'चवन्नी' वाले बयान के बाद बिगड़े सियासी समीकरणों को साधने और जयंत के गढ़ को भेदने की हुंकार भरेंगे.
गोरखपुर की चिल्लूपार सीट पर बसपा द्वारा अस्मिता चंद को प्रत्याशी घोषित करने के बाद 'गोरखनाथ मठ' बनाम 'तिवारी हाता' की पुरानी जंग एक बार फिर 'ब्राह्मण बनाम ठाकुर' के सियासी संग्राम में बदल गई है. 2027 के विधानसभा चुनाव में जहां सपा और भाजपा ब्राह्मण चेहरों पर दांव लगाने की तैयारी में हैं, वहीं बसपा का 'ठाकुर-दलित' समीकरण ने मुकाबले को रोचक बना दिया है.
आरक्षण और जातिगत राजनीति के मुद्दे ने उत्तर प्रदेश समेत चुनावी राज्यों में सियासी हलचल तेज कर दी है. सवर्णों के प्रदर्शन और विपक्ष के हमलों के बीच फंसी बीजेपी के लिए यह स्थिति 'एक तरफ कुआं और दूसरी तरफ खाई' जैसी बन गई है. बीजेपी के सामने डबल चैलेंज खड़ा हो गया है?