Jagram Paswan
SP
Hari Ram
BSP
Babita
INC
Nota
NOTA
Ravindra Kumar
IND
Jay Mangal
IND
Lal Ji
ASPKR
Madan Lal
PECP
Hariram
BSRD
Uday Chand
AAAP
Santosh Kumari
INJSP
Uma Devi
BMUP
निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय निषाद ने सपा नेता माता प्रसाद पांडे से मुलाकात को लेकर सफाई दी है. उन्होंने बताया कि वो शिष्टाचार के नाते उनकी तबीयत पूछने गए थे. हालांकि इस मुलाकात के बाद निषाद पार्टी और सपा के गठबंधन की अटकलें सामने आ रही थीं. इसे लेकर संजय निषाद ने कहा कि अगर बीजेपी अपने दरवाजे बंद करती है, तो वो इस बारे में सोच सकते हैं.
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 के लिए बीजेपी खास रणनीति पर काम कर रही है. पार्टी सपा के शासनकाल की कमियों को उजागर करते हुए अपनी उपलब्धियों का तुलनात्मक रिपोर्ट कार्ड जनता के सामने रखेगी. पार्टी कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा, बिजली सप्लाई और गरीब कल्याण योजनाओं पर जोर दे रही है.
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनावों में कुछ ही महीने बाकी हैं, मगर उससे पहले ही दोनों प्रमुख पार्टियों ने अपनी-अपनी पिच तय कर दी है. बीजेपी सनातन के सहारे तीसरी बार लगातार सरकार बनाने की कोशिश कर रही है तो विपक्ष को लगता है कि अगर वोट जातियों में बंट गया तो उनके लिए ज्यादा मुफीद होगा. जाति Vs सनातन, वोटर क्या चुनेगा? देखें विशेष.
समाजवादी पार्टी ने 15 नवंबर को आगरा में बड़ा दलित सम्मेलन आयोजित करने की योजना बनाई है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में दलित वोट बैंक को मजबूत करने की कोशिश पार्टी कर रही है. सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव इस कार्यक्रम में बतौर चीफ गेस्ट शामिल होंगे.
बसपा में मायावती द्वारा आकाश आनंद को सभी पदों से मुक्त किए जाने के बाद उनका राजनीतिक भविष्य अधर में लटक गया है. बहुजन राजनीति के इस युवा चेहरे के सामने अब अपनी नई पार्टी बनाने, शांत रहकर सही समय का इंतजार करने या अन्य दलों का ऑफर स्वीकार करने के तीन मुख्य विकल्प मौजूद हैं.
बसपा सुप्रीमो मायावती भले ही आकाश आनंद को लेकर अब सॉफ्ट नजर आ रही हों, लेकिन अशोक सिद्धार्थ को लेकर उनकी आशंकाएं बरकरार हैं. पार्टी के करीबी नेताओं ने कथित तौर पर मायावती के मन में यह बात बैठा दी है कि उनके बाद आकाश के जरिए अशोक सिद्धार्थ बसपा पर कब्जे की कोशिश कर सकते हैं.
उत्तर प्रदेश में गोंडा, अयोध्या और प्रतापगढ़ में हुई तीन हत्याओं ने 'ओबीसी बनाम सवर्ण' की सियासत को हवा दी जा रही है. पीड़ित परिवारों के समर्थन में उतरे विपक्षी दलों ने बीजेपी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है, जिससे आगामी 2027 के चुनाव से पहले राज्य का सियासी तापमान और पार्टी की टेंशन बढ़ गई है.
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के तहत लखनऊ में एक दिवसीय चुनावी वर्कशॉप का आयोजन किया गया है. इस वर्कशॉप में 33 जनपदों के जिला निर्वाचन अधिकारी, उप निर्वाचन अधिकारी और एफएलसी सुपरवाइजर शामिल होंगे. बैठक का फोकस EVM और VVPAT की फर्स्ट लेवल चेकिंग की पारदर्शिता और गुणवत्ता तय करना था.
यूपी की चुनावी महाभारत में इन दिनों मुद्दों का शोर बढ़ रहा है. जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहा है, व्यक्तिगत हमले भी तेज होते जा रहे हैं. सारी मर्यादाएं पार की जा रही हैं. हालात ये हैं कि कोल्ड ड्रिंक से लेकर टॉयलेट पेपर तक सियासी पर्चे छपे पड़े हैं. बीजेपी और समाजवादी पार्टी के बीच 'AI वॉर' भी जारी है. देखें ये स्पेशल शो.
ऊंचाहार में शिव महापुराण कथा का आयोजन है. रविवार को CM योगी आदित्यनाथ भी इसमें शामिल हुए. इस कार्यक्रम का आयोजन कैबिनेट मंत्री मनोज कुमार पांडेय करवा रहे हैं. यह 2027 विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है. इससे बीजेपी धार्मिक-सांस्कृतिक माध्यमों से जनसंपर्क को मजबूत करने पर जोर दे रही है.