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'राम मंदिर में CEO नहीं, प्रधान राम सेवक चाहिए', संत समाज ने रखी मांग

राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद अब सीईओ की नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी हो गया है. संत समाज ने सीईओ की नियुक्ति का विरोध करते हुए कहा है कि मंदिर को अधिकारी नहीं, दास चाहिए.

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राम मंदिर में सीईओ नियुक्ति के विरोध में संत समाज (Photo: ITG)
राम मंदिर में सीईओ नियुक्ति के विरोध में संत समाज (Photo: ITG)

यूपी की राजधानी लखनऊ में आजतक के कार्यक्रम पंचायत आजतक उत्तर प्रदेश का मंच बुधवार को सजा. इस आयोजन के जो राम को लाए हैं सेशन में साधु-संत भी पहुंचे. साधु संतों ने अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी को लेकर खुलकर अपनी राय रखी. इस सेशन में निर्वाणी अखाड़े की ओर से महंत धर्मदास, श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट के ट्रस्टी महंत दिनेंद्र दास, हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास, स्वामी करपात्री जी महाराज और जगदगुरु सतीशाचार्य जी महाराज शामिल हुए.

 जगतगुरु सतीशाचार्य महाराज ने कहा कि हमें सीईओ नहीं चाहिए. हमें दास चाहिए. हमारे यहां दासता से जीवन चलता है. दासत्व चाहिए. उन्होंने कहा कि हमें अखाड़ा परंपरा से, हमारे रामानंदी संप्रदाय से कोई साधु हो, शिक्षित और विद्वान. धर्म को जानने वाला चाहिए. राम यहां के रग-रग में व्याप्त हैं. यह देश राम से चलता है, राम की परंपरा से चलता है. यहां धर्म चाहिए. यहां धर्म की रक्षा, राज करना लेकिन धर्म से करना.

महंत धर्मदास ने सीईओ की नियुक्ति पर कहा कि मुख्य प्रशासनिक अधिकारी की वहां पर कोई जरूरत नहीं है. इसलिए जरूरत नहीं है, क्योंकि राम वहां बैठे हैं. बिना श्रद्धा के भक्ति, पूजा-पाठ नहीं हो सकता है. उन्होंने कहा कि श्रद्धा की जरूरत होती है. सीईओ नहीं चाहिए. योगी जी नहीं होते, तो इतने लोग नहीं पकड़े जाते. वो अच्छे आदमी हैं. अखिलेश यादव भी कहे, तो उनको भी कोई वहीं का बताया. महंत धर्मदास ने कहा कि योगी आदित्यनाथ के रहते कोई अन्याय नहीं होगा, इसलिए हम आश्वस्त हैं.

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करपात्री जी महाराज ने कहा कि राम मंदिर को सीईओ की नहीं, प्रधान राम सेवक की जरूरत है और वह रामानंदी समाज से हो. उन्होंने कहा कि कैमरा ठाकुर जी का है, उससे कोई कहां बच सकता है. करपात्री जी महाराज ने आपसी सहमति से श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर का निर्माण होने की भी उम्मीद जताई और कहा कि इसका भी समाधान बातचीत से निकलेगा.

बिजनेस पॉइंट खोल दिया गया- धर्मदास

महंत धर्मदास ने चंदा चोरी पर कहा कि वहां एक बिजनेस पॉइंट खोल दिया गया. जितने विवादित मंदिर हैं, सब दे दिया गया चंपत राय को. एक व्यक्ति जो कर्म करेगा, पार्टी बदनाम होगी. जिस प्रकार वहां पर जमीन खरीद हुई, झगड़े वाली जमीन भी ली गई, 2020 में एक चिट्ठी भेजी थी सीएम-पीएम को.  उन्होंने कहा कि डीएम शिकायत ले लेगा, चाय-पकौड़ा खिला देगा लेकिन कुछ करेगा नहीं. कहेगा ऊपर से आदेश है. अरे ये ऊपर क्या होता है, ये तो बता दो. महंत धर्मदास ने कहा कि कोई आगे सुनेगा भी नहीं.

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उन्होंने कहा कि हिंदू समाज के मंदिरों की व्यवस्था से जुड़े साधु समाज को काट कर अलग कर दो. जमीन खरीदने का अभियान चला दो. ये कोई पार्टी नहीं कर रही है, व्यक्ति कर रही है. साधु किसी पार्टी का नहीं होता. जो साधु किसी पार्टी का हो, वह साधु नहीं है.  

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करपात्री जी महाराज ने गोपाल राव पर लगाए गंभीर आरोप

करपात्री जी महाराज ने 'रंगा इतिहास है मेरा...' कविता के जरिये मंदिर आंदोलन में जान गंवाने वालों को याद किया. उन्होंने कहा कि राम मंदिर में एक फीसदी लोगों को छोड़ दें, तो बाकी सारे लोग सीनातनी हैं. उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ ने मुझसे कहा था कि 18 कौर बहुत दिनों से खा रहे हो, राम मंदिर में चरणामृत लेकर व्रत तोड़ दो. यही गोविंद गिरि नरेंद्र मोदी को चरणामृत देकर जूठा चम्मच चरणामृत में डाल दिया. करपात्री महाराज ने कहा कि अब कैसे उस जूठे चम्मच से चरणामृत लेता.

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उन्होंने कहा कि बाद में फिर एक दिन मन हुआ कि पेट नहीं भर रहा, चलूं और खुद ही चरणामृत लेकर व्रत तोड़ दूं. पहुंचा, तो पता चला गोपाल राव ने चरणामृत बंद करा दिया है. करपात्री जी महाराज ने कहा कि कहा कि राम किसी पार्टी की बपौती नहीं हैं. राम मंगल का नाम है. उन्होंने कहा कि गोपाल राव ने घंटा बजना बंद करा दिया है, तुलसी पत्ता बंद करा दिया है, डंठल से काम चलता है. उन्होंने कहा कि पापः, पापऊ, पापा... इन तीनों को जेल भेजा जाना चाहिए. ये तीनों बच गए तो सरकार नहीं बचेगी.

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अखाड़ों के हाथ होती व्यवस्था, तो नहीं होती गड़बड़ी- राजू दास

करपात्री जी महाराज ने कहा कि ट्रस्ट को तुरंत भंग किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि मर जाऊंगा, मिट जाऊंगा, लेकिन चंदा चोरों के खिलाफ मेरा संघर्ष जारी रहेगा. चंदा चोरों के लिए समाज में कोई जगह नहीं होनी चाहिए. महंत राजू दास ने कहा कि भगवान राम किसी पार्टी, किसी संगठन के नहीं हैं. किसी का कॉपीराइट नहीं है. उन्होंने कहा कि सवाल है कि जब हमको जरूरत थी, उस वक्त कौन कौन था. उस समय में अगर नाम ले लेते थे, तब ट्रिगर दब जाती थी. उन्होंने कहा कि कभी किसी को तकलीफ हुई नहीं, तो किसी को क्यों तकलीफ हो रही है.

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राजू दास ने कहा कि राम मंदिर में कालनेमी रूप धारण करके कुछ लोगों ने जो महापाप किया, किसी ने नहीं कहा कि ठीक किया. सबने कहा कि उनको सजा दो, जेल में बंद करो, फांसी पर चढ़ा दो. उन्होंने कहा कि अगर यह व्यवस्था अखाड़ों को दी जाती, तो ऐसी गड़बड़ियां नहीं होतीं. संत परंपरा में ठाकुर जी की सेवा व्यवसाय नहीं होता है. आस्था से लोग सेवा करते हैं. महंत राजू दास ने कहा कि नृपेंद्र मिश्रा को भी इस्तीफा देना चाहिए. सपा के लोग कहते हैं कि मुलायम सिंह ने नहीं, नृपेंद्र मिश्रा ने गोली चलाई. नृपेंद्र मिश्रा को भी हटना चाहिए.

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उन्होंने पंचायत आजतक उत्तर प्रदेश के मंच से कहा कि जितने लोग यहां से अभी पक्ष ले रहे थे, कोई बोलो कि कृष्णलला हम आएंगे, माखन-मिश्री खाएंगे, लाठी-डंडे खाएंगे और मंदिर वहीं बनाएंगे. राजू दास ने कहा कि हिम्मत है तो एक बार कोई ये बोल दे. इनको आस्थान से कोई मतलब नहीं है. इनको बस राजनीति करनी है. डंके की चोट पर कृष्ण जन्मभूमि बनाएंगे, चक्र सुदर्शन चलेगा.

मुझे बस ट्रस्ट का सदस्य बनाया है- दिनेंद्र दास

वहीं, राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य निर्वाणी अखाड़े के महंत दिनेंद्र दास जी महाराज ने मंदिर ट्रस्ट में अपनी भूमिका को लेकर सवाल पर कहा कि कोर्ट के आदेश पर मुझे बस सदस्य बनाया गया है, कोई पद नहीं मिला है. उन्होंने कहा कि तीन महीने में बुलाते हैं, हाजिरी में पहुंच जाते हैं हम. उन्होंने कहा कि रामलला के यहां जो चोरी करे, रामलला खुद दंड दे देंगे.

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