महंत धर्मदास (Mahant Dharamdas) अयोध्या के प्रसिद्ध हनुमानगढ़ी मंदिर के महंत हैं और राम जन्मभूमि आंदोलन से लंबे समय तक जुड़े रहे हैं. वे श्रीराम जन्मभूमि से जुड़े मामलों में पूर्व पक्षकार भी रह चुके हैं. अयोध्या और राम मंदिर से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर उन्होंने समय-समय पर अपनी राय सार्वजनिक रूप से रखी है.
महंत धर्मदास का नाम राम जन्मभूमि विवाद के दौरान कानूनी और धार्मिक दोनों स्तरों पर चर्चा में रहा. उन्होंने वर्षों तक इस मामले से जुड़े घटनाक्रम पर अपनी बात रखी और अदालत में भी पक्षकार के रूप में शामिल रहे. राम मंदिर निर्माण की प्रक्रिया के दौरान भी उनके कई बयान चर्चा का विषय बने.
हाल के समय में महंत धर्मदास ने राम मंदिर में कथित चढ़ावे और दान के प्रबंधन को लेकर सवाल उठाए हैं. मंदिर के संचालन को लेकर भी महंत धर्मदास ने अपनी राय व्यक्त की है. उनका मानना है कि राम मंदिर का संचालन ट्रस्ट की बजाय पारंपरिक महंताई व्यवस्था और साधु-संतों की देखरेख में होना चाहिए. इसी क्रम में उन्होंने राम जन्मभूमि परिसर पर सरकारी नियंत्रण का भी विरोध जताया.
राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद अब सीईओ की नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी हो गया है. संत समाज ने सीईओ की नियुक्ति का विरोध करते हुए कहा है कि मंदिर को अधिकारी नहीं, दास चाहिए.