पंजाब में कांग्रेस की स्टेट लीडरशिप में चल रही खींचतान के बीच पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने अपने समर्थकों के साथ आज चंडीगढ़ में पंजाब के कांग्रेस प्रभारी और छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश सिंह बघेल से मुलाकात की है. चन्नी गुट के कांग्रेस नेताओं से मुलाकात के बाद भूपेश सिंह बघेल ने कहा है कि पार्टी नेतृत्व में कोई झगड़ा नहीं है. लेकिन उन्होंने कहा कि मौजूदा पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग को हटाने पर कोई चर्चा नहीं हुई है.
चुनाव से पहले पंजाब कांग्रेस में 'चन्नी बनाम वडिंग' गुट के बीच वर्चस्व की लड़ाई चल रही है और पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी प्रदेश अध्यक्ष के पद से अमरिंदर सिंह राजा वडिंग को हटवाना चाहते थे.
लेकिन भूपेश बघेल ने कांग्रेस नेता राणा गुरजीत सिंह के घर चन्नी और चन्नी गुट के नेताओं से मुलाकात के बाद कहा कि अमरिंदर सिंह राजा वडिंग को हटाने के मुद्दे पर कोई बात नहीं हुई. हालांकि पंजाब कांग्रेस के प्रभारी भूपेश बघेल ने कहा कि यदि कोई नेता काबिल है और उसमें जीतने की क्षमता है तो निश्चित रूप से उसे टिकट मिलेगा.
पंजाब में फरवरी 2027 में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित है.
बता दें कि कई दिनों से चल रही अटकलों पर विराम लगाते हुए चन्नी और उनके करीबी वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने आखिरकार शनिवार को बघेल से मिलने और उन्हें पार्टी कार्यकर्ताओं की "भावनाओं" से अवगत कराने का फैसला किया. चन्नी अपने गुट के नेताओं के साथ चंडीगढ़ में स्थित कांग्रेस नेता राणा गुरजीत सिंह के घर पहुंचे.
बघेल की कार को चलाकर एयरपोर्ट ले गए वडिंग
यहीं पर भूपेश बघेल की मुलाकात चन्नी और उनके गुट के नेताओं से हुई. लेकिन इस मीटिंग में पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग मौजूद नहीं थे.
शनिवार को लगभग 80 मिनट तक चली बैठक के तुरंत बाद बघेल रायपुर लौटने के लिए वहां से निकल गए. पंजाब कांग्रेस के मौजूदा अध्यक्ष वडिंग इस मीटिंग में तो नहीं थे, लेकिन जब बघेल एयरपोर्ट जा रहे थे तो वे उनसे रास्ते में मिले. इस दौरान वडिंग ने बघेल की कार की ड्राइविंग सीट संभाली और उन्हें एयरपोर्ट तक ले गए.
विवाद क्या था
बता दें कि 1 जुलाई को कांग्रेस ने घोषणा की कि अमरिंदर सिंह राजा वडिंग पंजाब यूनिट के अध्यक्ष बने रहेंगे और जालंधर के सांसद चन्नी कैंपेन कमिटी के चेयरमैन होंगे.
पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष न बनाए जाने से "नाराज़" बताए जा रहे पूर्वसी एम चन्नी, बघेल से नहीं मिले. बघेल सोमवार को पंजाब पहुंचे थे और राज्य के नेताओं और पदाधिकारियों के साथ लगातार बैठकें कर रहे थे.
चन्नी के करीबी कई नेता भी इन बैठकों से दूर रहे.
आलाकमान के फैसले पर किसी को ऐतराज नहीं: बघेल
चंडीगढ़ में चन्नी गुट के नेताओं से मुलाकात के बाद भूपेश बघेल ने कहा कि आलाकमान से किसी की कोई नाराजगी नहीं है. उन्होंने कहा, "सभी साथियों से मुलाकात हुई, उन्होंने अपनी बात रखी है."
प्रदेश अध्यक्ष बदलने से इनकार करते हुए भूपेश बघेल ने कहा कि जो पार्टी हाईकमान का फैसला है उसपर किसी को ऐतराज नहीं है. उन्होंने कहा, "सब हाईकमान के साथ हैं, कुछ बातें हैं, जिसे हमारे साथियों ने रखा है, मैंने सभी साथियों को विश्वास दिलाया है कि जनरल सेक्रेटरी होने के नाते मैं सभी के हितों का खयाल रखूंगा. कोई व्यक्ति ये न सोचे कि उसके ऊपर किसी बड़े नेता का वरदहस्त नहीं है. लेकिन यदि वो जीतने लायक है तो उसे निश्चित रूप से टिकट मिलेगा."
उन्होंने कहा कि दूसरी महत्वपूर्ण बात यह है कि कुछ बातें साथियों ने रखी है उसे मैं आलाकमान तक पहुंचा दूंगा.
एक प्रश्न के जवाब में बघेल ने कहा कि वंडिग को प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष पद से हटाने पर कोई चर्चा नहीं हुई.
मीटिंग से पहले जब चन्नी से पूछा गया कि क्या वडिंग उन्हें राज्य कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर मंज़ूर हैं, इस पर चन्नी ने कहा कि मीटिंग में हर बात पर चर्चा की जाएगी.
जब यह बताया गया कि उनके कई समर्थकों ने कहा कि उन्हें वडिंग का नेतृत्व स्वीकार नहीं है, तो उन्होंने कहा, "पहले चर्चा करते हैं. आप शुरू से जानते हैं कि हमारा स्टैंड क्या है."
एक रहस्यमयी टिप्पणी में उन्होंने कहा, "बाकी तेल देखेंगे तेल की दार देखेंगे."
शुक्रवार शाम को एक X पोस्ट में चन्नी ने लिखा, "पंजाब के लिए एकजुट. हमने 11 जुलाई को पंजाब कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल जी को कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पंजाब के लोगों की भावनाओं को उनके सामने रखने के लिए आमंत्रित किया है."
समझौता किया हुआ नेता नहीं चाहिए
वहीं चन्नी गुट के नेता और पूर्व डिप्टी CM सुखजिंदर रंधावा ने कहा कि हमने भूपेश बघेल से कहा है कि हमें कोई ऐसा नेता नहीं चाहिए जिसने समझौता किया हो. हमने बघेल साहब से कहा है कि हमारा मकसद कांग्रेस को सत्ता में लाना है.