असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने ‘मिया’ समुदाय के बारे में विवादित बयान दिया है. उन्होंने दावा किया कि उन्होंने पहले बीजेपी कार्यकर्ताओं को सलाह दी थी कि वो उन पर ‘दबाव’ बनाएं ताकि वो राज्य छोड़ने पर मजबूर हो जाएं.
असम के सीएम ने जोर देकर कहा कि उन्होंने बैठकें और वीडियो कॉन्फ्रेंस में, जहां तक हो सके मिया समुदाय के लिए मुश्किलें पैदा करने का सुझाव दिया था. सरमा ने दावा किया कि इस तरह ये दिखाया जा सकता है कि असमिया समुदाय अभी भी सक्रिय है.
हिमंत बिस्वा सरमा ने बताया कि मिया सुमदाय के लोगों को परेशान करने के लिए रोजमर्रा के कामों का भी इस्तेमाल किया जा सकता है. उन्होंने कहा, अगर वो रिक्शा के लिए 5 रुपये मांगें, तो 4 रुपये ही दो. इस तरह के छोटे-छोटे काम से परेशानी होने पर ही वो राज्य छोड़ेंगे.
सरमा ने ये भी कहा कि अगर किसी को उनकी टिप्पणियों से कोई दिक्कत है, तो वो कानूनी रास्ता अपनाने के लिए आजाद है. उन्होंने कहा, 'अगर किसी को कोई समस्या है, तो वो मामला दर्ज कर सकते हैं. पुलिस मामले का फैसला करेगी.'
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विपक्ष को बताया मौजूदा हालात का जिम्मेदार
असम सीएम ने इस दौरान विपक्ष पर हमला बोलते हुए दावा किया कि कांग्रेस ने इस मुद्दे को गलत तरीके से संभाला. उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस ने पहले ही कार्रवाई की होती, तो असम में ऐसे हालात नहीं होते.
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इसका विरोध नहीं किया गया तो ये समुदाय पूरे असम में फैल जाएगा. उन्होंने लोगों से अपील की कि वो सहानुभूति न दिखाए. सरमा ने इस मामले को 'लव जिहाद' जैसे कथित मामलों से जोड़ते हुए दावा किया कि ऐसी घटनाओं से परिवारों पर असर पड़ सकता है.
(इनपुट- सारस्वत कश्यप)