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मैं आपको बेनकाब करने में व्यस्त था, सिद्धांत सार्थक ने की CBSE से डेडलाइन बढ़ाने की मांग

CBSE आज कक्षा 12 की उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन प्रक्रिया बंद कर देगा. लेकिन इस बीच ओएसएम प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाने वाले सिद्धांत सार्थक ने आवेदन की समय सीमा बढ़ाने की मांग की है. उन्होंने बोर्ड की सोशल मीडिया पोस्ट के कमेंट सेशन में लिखा कि क्या आप कृपया समय सीमा बढ़ा सकते हैं? मैं इस सप्ताह आपको बेनकाब करने में व्यस्त था. इसके बाद से पोस्ट वायरल हो गया है. 

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CBSE Class 12 re-evaluation deadline, Siddhant Sarthak extension plea
CBSE Class 12 re-evaluation deadline, Siddhant Sarthak extension plea

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड आज, 7 जून को कक्षा 12 की उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन की प्रक्रिया बंद कर देगा. यह सुविधा उन उम्मीदवारों के लिए उपलब्ध है जिन्होंने अपनी उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन की हुई कॉपियां प्राप्त करने का विकल्प चुना है. सीबीएसई ने हाल ही में सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट शेयर कर छात्रों को याद दिलाया है. लेकिन पोस्ट के नीचे कुछ ऐसा दिखा जिससे ये तेजी से वायरल होने लगा है. 

पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कक्षा 12 के छात्र सिद्धांत सार्थक ने भी सोशल मीडिया पर पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन की समय सीमा बढ़ाने की मांग की. सिद्धांत सार्थक पहले सीबीएसई की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली को लेकर उठाए गए सवालों के कारण चर्चा में रहे थे. 

पोस्ट में क्या लिखा? 

सिद्धांत सार्थक ने पोस्ट में लिखा कि क्या आप कृपया समय सीमा बढ़ा सकते हैं? मैं इस सप्ताह आपको बेनकाब करने में व्यस्त था. इस ट्वीट को कुछ ही समय में हजारों लाइक्स और रिप्लाई मिलें जिसमें लोगों ने उनका समर्थन किया. 

पहले भी बढ़ चुकी है समय सीमा 

बता दें कि पोर्टल में आ रही लगातार परेशानियों के कारण बोर्ड ने पहले भी पुनर्मूल्यांकन की तारीखों को बढ़ाया है. समय सीमा 6 जून को खत्म होने वाली थी लेकिन इसे बढ़ाकर 7 जून तक कर दिया गया था. बोर्ड ने कहा था कि ऑन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) सिस्टम में समस्याओं के बारे में सोशल मीडिया पर कई छात्रों की ओर से उठाई गई चिंताओं के बाद, सभी सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद ही पोर्टल को 2 जून को लगभग 4:30 बजे सक्रिय किया गया था.

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वहीं, 3 जून को पोर्टल पर साइबर हमला हुआ लेकिन तकनीकी टीम ने समय रहते स्थिति संभाल ली. इसके कारण पोर्टल की सेवाएं प्रभावित नहीं हुईं और वह सामान्य रूप से चलता रहा. यह हमला उस समय हुआ जब प्लेटफॉर्म पर छात्रों की संख्या सबसे अधिक थी और हजारों छात्र एक साथ परिणाम के बाद के अनुरोध जमा करने के लिए प्लेटफॉर्म का उपयोग कर रहे थे. 

कौन हैं सार्थक सिद्धांत? 

सीबीएसई की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली को लेकर सवाल उठाने वाले 17 वर्षीय छात्र सिद्धांत सार्थक इस विवाद का प्रमुख चेहरा बनकर सामने आए. उन्होंने आरोप लगाया कि OSM का ठेका देने की प्रक्रिया में कुछ नियमों में बदलाव किए गए, जिससे एक खास कंपनी को फायदा मिला. सार्थक ने बताया कि पुनर्मूल्यांकन के दौरान अपनी स्कैन की गई उत्तर पुस्तिका देखने के बाद उन्होंने इस मामले की जांच शुरू की.

इसके बाद उन्होंने टेंडर से जुड़े दस्तावेजों का अध्ययन किया और दावा किया कि उन्हें प्रक्रिया में कई अनियमितताएं दिखीं. उन्होंने अपने निष्कर्ष सोशल मीडिया और एक ब्लॉग के जरिए साझा किए. 

उन्होंने आरोप लगाया कि टीसीएस और कोएम्प्ट एडुटेक दोनों ने फरवरी 2025 में जारी ओएसएम टेंडर में भाग लिया था, लेकिन निविदा की शर्तों में बाद में किए गए बदलावों जिनमें कथित तौर पर ब्लैकलिस्टिंग, टर्नओवर और पिछले प्रदर्शन के मानदंडों में संशोधन शामिल हैं.

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