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सोना तपकर कुंदन... यूपी CM ने बोर्ड र‍िजल्ट के बाद फेल स्टूडेंट्स को कही ये बड़ी बात, पढ़ें- योगी की पाती

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने छात्रों को एक प्रेरक पत्र लिखा है जिसमें उन्होंने सफल छात्रों को बधाई दी और असफल छात्रों को निराश न होने की सलाह दी. सीएम ने महान विभूतियों एडिसन और रामानुजन के संघर्ष का उदाहरण देते हुए कहा कि असफलता सफलता की पहली सीढ़ी है. उन्होंने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों का हौसला बढ़ाएं और उनकी प्रतिभा को निखारने में मदद करें.

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छात्रों को दिया चरैवेत‍ि-चरैवेति का मंत्र. (Photo: PTI)
छात्रों को दिया चरैवेत‍ि-चरैवेति का मंत्र. (Photo: PTI)

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद् (UPMSP) के नतीजे घोषित होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के लाखों छात्र-छात्राओं के नाम एक विशेष 'पाती' लिखी है. इस पत्र के जरिए सीएम ने जहां सफल छात्रों को आशीर्वाद दिया है, वहीं उन बच्चों का हाथ थामा है जो इस बार अपेक्षित परिणाम हासिल नहीं कर सके. सीएम ने स्पष्ट संदेश दिया कि एक असफलता भविष्य की असीमित सफलताओं की जननी हो सकती है.

सफल छात्रों को बधाई, असफल को 'सफलता' का मंत्र
मुख्यमंत्री ने अपनी पाती में लिखा कि इस वर्ष का परीक्षाफल अत्यंत उत्साहजनक है और बच्चों ने अपने कठिन परिश्रम से प्रदेश का नाम रोशन किया है. लेकिन उनका खास संबोधन उन छात्रों के लिए था जो किन्हीं कारणों से पीछे रह गए. सीएम ने लिखा, 'सफलता और असफलता जीवन के अंग हैं. सफलता हमें उत्साहित करती है, लेकिन असफलता से निराशा घर कर सकती है. हमें इसी निराशा को हटाकर 'चरैवेति-चरैवेति' (चलते रहो-चलते रहो) के मंत्र पर आगे बढ़ना है.'

एडिसन और रामानुजन का दिया उदाहरण
बच्चों का हौसला बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री ने महान विभूतियों के संघर्ष को याद किया. उन्होंने लिखा कि महान आविष्कारक थॉमस अल्वा एडिसन के कई प्रयोग नाकाम रहे, लेकिन उन्होंने प्रयास नहीं छोड़े. दुनिया के महान गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन ने भी बाधाओं से हार नहीं मानी. सीएम ने बच्चों को समझाया कि 'सोना तपकर ही कुंदन बनता है.' उन्होंने जोर देकर कहा कि कोई भी परिणाम जीवन का पहला या अंतिम नहीं होता, बल्कि यह एक नए आरंभ का अवसर है.

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बच्चों की प्रतिभा को खिलने दें
सीएम योगी ने अभिभावकों को भी बड़ी जिम्मेदारी याद दिलाई है. उन्होंने अपील की है कि परिणाम सकारात्मक न होने पर बच्चों को डांटने के बजाय उनका हौसला बढ़ाएं.

उन्होंने कहा कि माता-पिता बच्चों की रुचि को समझने का प्रयास करें. करियर निर्माण के ऐसे कई क्षेत्र हैं जहां असीमित संभावनाएं हैं. अच्छे अवसरों को पहचानने में बच्चों की मदद करें और उनकी स्वाभाविक प्रतिभा को खिलने का मौका दें.

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