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IIM से ड‍िग्री पर ठुकराया मोटा पैकेज... जानिए कौन हैं सिंगई रामचंद्रन? मिली बड़ी जिम्मेदारी

सिंगई रामचंद्रन ने आईआईएम अहमदाबाद से एमबीए के बाद पारंपरिक प्लेसमेंट छोड़कर राजनीति और उद्यमिता की राह चुनी. अब तमिलनाडु सरकार ने उन्हें स्टार्टअप एंड इनोवेशन मिशन का चेयरपर्सन नियुक्त किया है. आइए जानते हैं कि कैसे उनका सफर बिजनेस, डिजिटल मीडिया और राजनीति के जरिये यहां तक पहुंचा.

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तमिलनाडु के 'स्टार्टअप चीफ' बने सिंगई रामचंद्रन कौन हैं? (Photo: LinkedIn/@singai-g-ramachandran)
तमिलनाडु के 'स्टार्टअप चीफ' बने सिंगई रामचंद्रन कौन हैं? (Photo: LinkedIn/@singai-g-ramachandran)

भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) अहमदाबाद से पासआउट होना किसी भी छात्र के लिए एक बड़े पैकेज वाली कॉर्पोरेट नौकरी की गारंटी माना जाता है. लेकिन सिंगई जी रामचंद्रन ने इस तय रास्ते से बिल्कुल अलग राह चुनी.

साल 2015 में IIM-A से एमबीए (MBA) पूरा करने के बाद उन्होंने पारंपरिक कैंपस प्लेसमेंट में भाग नहीं लिया. इसके बजाय उन्होंने राजनीति और उद्यमिता की दुनिया में कदम रखा. डिजिटल कैंपेनिंग, खुद के बिजनेस और राजनीति का सफर तय करते हुए अब वे तमिलनाडु के स्टार्टअप इकोसिस्टम के शीर्ष पद पर पहुंचे हैं.

तमिलनाडु सरकार ने सिंगई जी रामचंद्रन को 'तमिलनाडु स्टार्टअप एंड इनोवेशन मिशन' (TANSIM) का नया चेयरपर्सन नियुक्त किया है.

PSG कॉलेज से IIM-A तक का शानदार सफर

सिंगई रामचंद्रन का शैक्षणिक सफर काफी संघर्षपूर्ण और प्रेरणादायक रहा है. उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई पर्क्स मैट्रिकुलेशन हायर सेकेंडरी स्कूल से की. इसके बाद पीएसजी पॉलिटेक्निक कॉलेज से इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में डिप्लोमा किया और फिर पीएसजी कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री हासिल की.

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IIM अहमदाबाद में वे सिर्फ एक छात्र ही नहीं थे, बल्कि उनके लिंक्डइन प्रोफाइल के मुताबिक उन्होंने 'स्टूडेंट्स अफेयर्स काउंसिल' (SAC) के जनरल सेक्रेटरी के रूप में भी जिम्मेदारी संभाली थी. हालांकि, IIM-A के बाद उनका जीवन बिजनेस स्कूल के पारंपरिक ढर्रे पर नहीं चला.

बिजनेस, राजनीति और डिजिटल मीडिया का अनुभव

सक्रिय राजनीति में आने से पहले रामचंद्रन ने बिजनेस डेवलपमेंट में काम किया और फिर खुद का स्टार्टअप शुरू किया. उन्होंने कॉलेज के छात्रों को ध्यान में रखकर 'कैंपस कैफे' नाम से फूड आउटलेट खोला और बाद में 'फ्रेंड इन नीड' नाम से एक ऑनलाइन केक बिजनेस की सह-स्थापना की. इसके बाद साल 2017 में उन्होंने 'द सोशल मीडिया कंपनी' की शुरुआत की, जो वीडियो कंटेंट और डिजिटल मीडिया पर केंद्रित थी.

जल्द ही उनके जीवन में राजनीति का नया अध्याय शुरू हुआ. साल 2016 में तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता ने उन्हें ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIADMK) के आईटी विंग का राज्य सचिव नियुक्त किया. उन्होंने पार्टी के डिजिटल अभियानों और ऑनलाइन उपस्थिति को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई.

बाद में वे पार्टी के छात्र विंग के राज्य सचिव बने और 2024 के लोकसभा चुनाव में AIADMK के टिकट पर कोयंबटूर सीट से चुनाव लड़ा.

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अब जीवन में एक नया अध्याय

रामचंद्रन ने जुलाई 2026 में AIADMK छोड़ दी और अगस्त 2026 में अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी 'तमिलगा वेत्री कजगम' (TVK) में शामिल हो गए. उनकी यह नई नियुक्ति उनके करियर के उन तमाम पहलुओं को एक साथ जोड़ती है, जिन्हें वे अब तक जीते आए हैं यानी उद्यमिता, तकनीक, डिजिटल मीडिया और युवा.

TANSIM के अध्यक्ष के रूप में वे तमिलनाडु के स्टार्टअप और इनोवेशन इकोसिस्टम को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का काम करेंगे. IIM अहमदाबाद से निकलने के बाद सबसे आसान और सुरक्षित रास्ता चुनने के बजाय रामचंद्रन ने राजनीति और बिजनेस का जोखिम भरा रास्ता चुना, और आज वे खुद युवाओं के लिए स्टार्टअप्स के नए दरवाजे खोल रहे हैं.

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