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'2027 से ऑनलाइन होगा NEET-UG', सुप्रीम कोर्ट में NTA ने बताया- CBT मोड में होगी परीक्षा

NEET-UG परीक्षा में बड़ा बदलाव होने जा रहा है. NTA ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि 2027 से मेडिकल प्रवेश परीक्षा पेन-पेपर मोड की जगह पूरी तरह कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) मोड में आयोजित होगी. पेपर लीक विवाद के बाद बनाई गई विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों पर यह फैसला लिया गया है. NTA ने कहा कि परीक्षा सुरक्षा मजबूत करने के लिए AI आधारित अनुवाद, मल्टी-सेशन टेस्ट और नई SOP भी लागू की जाएंगी.

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NTA ने NEET पेपर लीक को लेकर सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर किया (Photo- PTI)
NTA ने NEET पेपर लीक को लेकर सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर किया (Photo- PTI)

मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG को लेकर बड़ा बदलाव सामने आया है. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि वर्ष 2027 से NEET-UG परीक्षा कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) मोड में आयोजित की जाएगी. यानी अब यह परीक्षा पारंपरिक पेन-पेपर मोड की जगह ऑनलाइन होगी.

NTA ने यह जानकारी सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में दी. शीर्ष अदालत फिलहाल NEET-UG पेपर लीक मामले और 3 मई को हुई परीक्षा रद्द किए जाने से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है. यह मामला जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच के सामने चल रहा है.

NTA ने अपने हलफनामे में कहा कि उच्च स्तरीय विशेषज्ञ समिति (HLCE) ने NEET-UG को CBT मोड में बदलने की सिफारिश की है. एजेंसी ने बताया कि NEET-UG 2026 ही एकमात्र बड़ी परीक्षा थी, जो अब तक पेन-पेपर मोड में कराई जा रही थी, जबकि NTA की बाकी प्रमुख परीक्षाएं पहले से ऑनलाइन आयोजित होती हैं.

हाई-लेवल कमेटी ने की सिफारिश

हलफनामे के अनुसार, स्वास्थ्य मंत्रालय और नेशनल मेडिकल कमीशन से परामर्श के बाद अगले परीक्षा चक्र यानी 2027 से NEET-UG को पूरी तरह CBT मोड में लाया जाएगा. इसके साथ ही मल्टी-सेशन और मल्टी-स्टेज परीक्षा प्रणाली लागू करने की भी तैयारी है.

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न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक NTA ने बताया कि जून 2024 में शिक्षा मंत्रालय ने पूर्व इसरो प्रमुख डॉ. के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता में एक हाई लेवल कमेटी बनाई थी, जिसने परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए 101 सिफारिशें दी थीं. इन सिफारिशों को लागू करने के लिए नवंबर 2024 में हाई पावर स्टीयरिंग कमेटी (HPSC) भी गठित की गई.

AI टूल्स का होगा इस्तेमाल, इंसानी दखल होगा कम

एजेंसी ने दावा किया कि परीक्षा की पारदर्शिता और सुरक्षा मजबूत करने के लिए कई बड़े कदम उठाए गए हैं. प्रश्नपत्र तैयार करने और उसकी जांच के लिए नई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) लागू की गई है. इसके अलावा पेपर सेटर्स, ट्रांसलेटर्स और मॉडरेटर्स की नियुक्ति में रैंडमाइजेशन और रोटेशन नीति अपनाई जा रही है.

NTA ने यह भी बताया कि भविष्य में कम से कम 85 प्रतिशत अनुवाद कार्य AI आधारित टूल्स की मदद से किया जाएगा, ताकि मानवीय हस्तक्षेप कम हो और पेपर लीक जैसी घटनाओं की आशंका घटे.

हलफनामे में कहा गया कि 3 मई 2026 को हुई NEET-UG परीक्षा में 22 लाख से ज्यादा छात्र शामिल हुए थे. पेपर लीक के आरोपों के बाद परीक्षा रद्द कर दी गई और मामले की जांच CBI को सौंप दी गई है. NTA ने कहा कि वह जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग कर रही है और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं.

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