NEET UG 2026 की OMR उत्तर पुस्तिका को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल दावों के बीच राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने बड़ा बयान दिया है. एजेंसी ने कहा है कि जिस OMR शीट को एक अभ्यर्थी की बताकर वायरल किया जा रहा है, वह उसके रिकॉर्ड में मौजूद वास्तविक उत्तर पुस्तिका नहीं है. NTA के मुताबिक, वायरल तस्वीर डिजिटल रूप से तैयार की गई है और इसमें AI या OCR आधारित तकनीक का यूज किया गया है.
NTA के अनुसार, संबंधित अभ्यर्थी की वास्तविक OMR शीट उसके रिकॉर्ड में सुरक्षित है. इस पर अभ्यर्थी का सही नाम, माता-पिता के नाम, हस्ताक्षर और अंगूठे का निशान मौजूद हैं. इसी उत्तर पुस्तिका का निर्धारित प्रक्रिया के तहत मूल्यांकन किया गया और 16 जुलाई 2026 को घोषित परिणाम उसी के आधार पर जारी किया गया.
क्या है पूरा मामला?
सोशल मीडिया पर एक OMR आंसर शीट की फोटो वायरल हो रही है. ऐसे में दावा किया जा रहा है कि Re-NEET (UG) 2026 में शामिल एक अभ्यर्थी की OMR शीट की जगह किसी अन्य अभ्यर्थी की शीट अपलोड कर दी गई, जिससे उसके परिणाम पर असर पड़ा. इस दावे को एक राजनीतिक दल ने भी सोशल मीडिया पर साझा किया.
NTA ने क्या कहा?
इस मामले में एजेंसी ने कहा कि वायरल तस्वीर और उसके रिकॉर्ड में मौजूद वास्तविक OMR शीट के टेस्ट बुकलेट नंबर, OMR बारकोड, टेस्ट बुकलेट कोड और सभी 180 प्रश्नों के उत्तरों की मार्किंग पूरी तरह एक जैसी है. ऐसे में दो अलग-अलग अभ्यर्थियों की उत्तर पुस्तिकाएं होने का दावा सही नहीं हो सकता है.
NTA ने यह भी बताया कि वायरल तस्वीर में जिस अजीत सिंह का नाम दिखाई दे रहा है उस नाम का कोई भी अभ्यर्थी NEET UG 2026 के आधिकारिक डेटाबेस में रजिस्टर्ड नहीं मिला. इसलिए दो अभ्यर्थियों की OMR शीट आपस में बदलने का सवाल ही नहीं उठता.
फोरेंसिक जांच में क्या मिला?
NTA के मुताबिक, वायरल OMR की तकनीकी जांच में कई गड़बड़ियां सामने आई हैं. एजेंसी का कहना है कि वास्तविक OMR शीट कम रिजॉल्यूशन की स्कैन कॉपी है, जबकि वायरल तस्वीर कहीं अधिक रिजॉल्यूशन में तैयार की गई है. इसके अलावा उत्तरों की मार्किंग का रंग बदला हुआ दिखाई देता है और अंगूठे के निशान में प्राकृतिक रेखाएं भी मौजूद नहीं हैं.
एजेंसी ने दावा किया कि वायरल OMR के प्रिंटेड हिस्से में भी कई टाइपिंग और टेक्स्ट से जुड़ी गलतियां भी हैं. जैसे Roll No. की जगह Roll Ne, correctly filled की जगह correctly Nilled और Q.No. की जगह 2.No. या G.No. लिखा गया है. कई प्रश्न क्रमांक भी गलत क्रम में दिखाई देते हैं. NTA के मुताबिक, इस तरह की गलतियां AI या OCR आधारित डॉक्यूमेंट तैयार करने के दौरान सामने आती हैं.
परिवार को भेजा गया जवाब
NTA ने कहा कि अभ्यर्थी के परिवार की शिकायत की जांच की गई और उन्हें लिखित जवाब के साथ वास्तविक OMR शीट की कॉपी भी उपलब्ध करा दी गई है. एजेंसी का कहना है कि घोषित परिणाम में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा क्योंकि वह अभ्यर्थी की वास्तविक उत्तर पुस्तिका के मूल्यांकन पर आधारित है.
आगे होगी कार्रवाई
एजेंसी ने आगे कहा कि यह दो अभ्यर्थियों की OMR शीट बदलने का मामला नहीं, बल्कि एक कथित रूप से फर्जी और डिजिटल रूप से बदली गई तस्वीर को आधिकारिक रिकॉर्ड बताकर प्रसारित करने का मामला है. एजेंसी ने कहा कि पूरे मामले की आगे भी जांच की जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी.