जामिया मिल्लिया इस्लामिया (Jamia Millia Islamia) में छात्रसंघ चुनाव की बहाली और अनुशासनिक कार्रवाई के विरोध में शुरू हुआ आंदोलन हर बीतते घंटे के साथ उग्र और प्रशासनिक रूप से सख्त रूप लेता जा रहा है. कैंपस में छात्रों के दमन और भूख हड़ताल के बीच अब पुलिस व प्रशासन ने मोर्चा पूरी तरह से संभाल लिया है.
ताजा जानकारी के अनुसार, विश्वविद्यालय प्रशासन और दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए यूनिवर्सिटी के सभी वैकल्पिक गेटों (अल्टरनेटिव गेट्स) को पूरी तरह से सील कर दिया है.
जामिया के बाहर धारा 163 लागू
वामपंथी छात्र संगठनों द्वारा दोपहर 3 बजे जामिया के मुख्य गेट के बाहर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन की कॉल दी गई थी. इस प्रदर्शन को देखते हुए स्थिति न बिगड़े, इसके लिए दिल्ली पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए जामिया परिसर के बाहर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 (जो पहले सीआरपीसी की धारा 144 थी) लागू कर दी है. इसके तहत इलाके में 4 या उससे ज्यादा लोगों के एक साथ इकट्ठा होने पर पाबंदी लगा दी गई है.
कैंपस बना छावनी, भारी पुलिस बल तैनात
जानकारी के मुताबिक यूनिवर्सिटी के बाहर दिल्ली पुलिस के साथ-साथ पैरामिलिट्री फोर्स की कई टुकड़ियों को मुस्तैद कर दिया गया है. मुख्य रास्तों पर बैरिकेडिंग कर दी गई है और पूरे इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है. हालांकि, भारी सुरक्षा और पाबंदियों के चलते तय प्रदर्शन स्थल पर फिलहाल सन्नाटा पसरा हुआ है और जगह खाली नजर आ रही है.
इससे पहले कल 26 अक्टूबर को संस्थापक परिवारों, पूर्व छात्रों और SFI-NSUI जैसे संगठनों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोप लगाया था कि प्रशासन ने कैंपस को 'जेल' बना दिया है और अंदर बिजली-पानी की सप्लाई काट दी गई है. अब धारा 163 लागू होने और गेट सील किए जाने के बाद जामिया के भीतर और बाहर तनाव चरम पर बना हुआ है.