बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सुझाव दिया है कि राज्य के कॉलेजों में शाम 8 बजे तक क्लास चलनी चाहिए. उनका कहना है कि उच्च शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए कॉलेजों के समय में बदलाव करना जरूरी है.
एएन कॉलेज के स्थापना दिवस पर बोलते हुए सम्राट चौधरी ने कहा, 'मैंने कॉलेज की प्रिंसिपल से पूछा कि आपके यहां कितने बजे तक क्लास चलती है? फिर, उन्होंने बताया कि दोपहर 2 बजे के बाद ही पूरा कैंपस खाली हो जाता है. मुझे इसमें एक अच्छा अवसर दिखाई देता है. मेरा तो यही मानना है कि कॉलेज में क्लास शाम 8 बजे तक चलनी चाहिए.'
उन्होंने आगे कहा कि ये सिर्फ एक बयान नहीं है, बल्कि सरकार सच में एक ऐसी व्यवस्था तैयार करने की कोशिश कर रही है, जिससे इसे जमीनी स्तर पर लागू किया जा सके.
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बिहार में उच्च शिक्षा को मजबूत करने की तैयारी
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने चिंता जताते हुए कहा, 'हमारे बच्चे हायर एजुकेशन के लिए पंजाब और महाराष्ट्र जैसे दूसरे राज्यों में जाते हैं. हमें बिहार की उच्च शिक्षा व्यवस्था को इतना मजबूत बनाना होगा कि हमारे बच्चों की सभी जरूरतें बिहार में ही पूरी हो सकें.'
इसके अलावा उन्होंने ये भी कहा कि बिहार की 13 करोड़ की आबादी को देखते हुए यहां पढ़ाई-लिखाई का इन्फ्रास्ट्रक्चर अभी काफी नहीं है, लेकिन आने वाले समय में आपको बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा.
साथ ही सम्राट चौधरी ने जानकारी दी कि सरकार राज्य में 200 से ज्यादा नए कॉलेज खोलने जा रही है. ओपन यूनिवर्सिटी और डीम्ड यूनिवर्सिटी बनाने की योजना पर भी काम कर रही है.
जमीन की कमी को नहीं बनने देंगे रुकावट
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा, 'मैंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बिहार में आबादी भले ही ज्यादा है, लेकिन जमीन की कमी को नए यूनिवर्सिटी बनाने में रुकावट नहीं बनने दिया जाएगा. इससे जुड़े प्रस्ताव तुरंत कैबिनेट में लाए जाएं, ताकि उन्हें जल्द से जल्द मंजूरी दी जा सके'.
राज्य में शिक्षा के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर काम हो रहा है, ताकि छात्रों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें. इस दौरान सम्राट चौधरी ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कामों की भी तारीफ की और कहा कि सरकार उनके किए गए कामों को ही आगे बढ़ाएगी.
उन्होंने बजट का जिक्र करते हुए कहा, 'एक समय था, जब बिहार का बजट 6 हजार करोड़ रुपये हुआ करता था. झारखंड के अलग होने के बाद बिहार को अपनी कमाई का 87 फीसदी हिस्सा गंवाना पड़ा था. लेकिन आज हम काफी आगे आ चुके हैं और हमारा बजट बढ़कर 3.17 लाख करोड़ रुपये हो गया है. बिहार को तरक्की के रास्ते पर आगे ले जाने के लिए पढ़ाई लिखाई के साथ-साथ कई दूसरे क्षेत्रों में भी लगातार काम किया जा रहा है.