भारत की आंतरिक सुरक्षा प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है. गृह मंत्रालय के अनुसार, राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय (Rashtriya Raksha University) और सशस्त्र सीमा बल (Sashastra Seema Bal) अकादमी ने अपने-अपने प्रशिक्षण संस्थानों के साथ मिलकर विशेष सुरक्षा पाठ्यक्रमों को मान्यता और संबद्धता देने के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर साइन किया है. यह समझौता दिल्ली में SSB मुख्यालय में हुआ. इस मौके पर आरआरयू के प्रो-वाइस चांसलर प्रोफेसर (डॉ.) कल्पेश एच. वांड्रा, आरआरयू के डीन अविनाश खरेल, एसएसबी के महानिदेशक (DG) संजय सिंघल और अन्य अधिकारी मौजूद रहे.
सुरक्षा ट्रेनिंग को मिलेगा आधुनिक स्वरूप
इस समझौता का मुख्य उद्देश्य सुरक्षा बलों के ट्रेनिंग को अधिक आधुनिक, व्यवस्थित और तकनीकी रूप से मजबूर बनाना है. इसके तहत जवानों और अधिकारियों को विशेष सुरक्षा विषयों में प्रमाणित ट्रेनिंग उपलब्ध कराया जाएगा. यह साझेदारी एक ऐसा सिस्टम तैयार करती है, जिसमें राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय (Rashtriya Raksha University) सशस्त्र सीमा बल (Sashastra Seema Bal) अकादमी के प्रशिक्षण कार्यक्रमों को शैक्षणिक मान्यता देगा.

इस समझौते के तहत दोनों संस्थान एक-दूसरे के साथ अपने संसाधनों को साझा करेंगे, जैसे—
इस सहयोग का मुख्य उद्देश्य यह है कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े शोध और सीमा पर काम करने वाले सुरक्षा बलों की वास्तविक जरूरतों के बीच की दूरी कम की जा सके.
https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2243258®=3&lang=2
क्षमता निर्माण और दक्षता पर ध्यान
अधिकारियों के अनुसार, यह सहयोग सुरक्षा बलों की क्षमता निर्माण पर फोकस किया जाएगा. विशेष रूप से उन क्षेत्रों में ट्रेनिंग को मजबूत किया जाएगा जहां एडवांस सुरक्षा नॉलेज और तकनीकी स्किल की आवश्यकता होती है.

आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था होगी
सरकारी बयान के मुताबिक, यह पहल देश की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने में मदद करेगी. साथ ही, इससे सीमाओं की सुरक्षा और आंतरिक सुरक्षा से जुड़े अभियानों की कार्यक्षमता बढ़ने की उम्मीद है.