NEET-UG 2026 की दोबारा से परीक्षा का रिजल्ट जारी होने के बाद महाराष्ट्र के बीड जिले के कई छात्रों ने स्कोर में गड़बड़ी का आरोप लगाया है. इस दौरान छात्रों का कहना है कि उनके स्कोरकार्ड के अंक, NTA की आधिकारिक आंसर-की के आधार पर निकाले गए अंकों से मेल नहीं खाते.अब इस मामले को लेकर कई परिवार जांच की मांग कर रहे हैं और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी में हैं.
छात्रों का ये आरोप NTA की ओर से जारी 16 जुलाई को रिजल्ट के बाद आया है जिसका आयोजन 21 जून को किया गया था. इसके पहले 3 मई को आयोजित हुई परीक्षा को पेपर लीक के बाद रद्द कर दी गई थी.
छात्रों ने किया दावा
महाराष्ट्र के बीड जिले के कई छात्रों ने दावा किया है कि उनके स्कोरकार्ड में दिए गए अंक, NTA की आधिकारिक आंसर की के आधार पर निकाले गए अंकों से मेल नहीं खाते.
उम्मीदवारों के अभिभावकों का कहना है कि इससे उनके बच्चों के मेडिकल कॉलेज में एडमिशन पर असर पड़ सकता है. इसलिए उन्होंने मामले की जांच की मांग की है.
छात्र सोहम गावते के परिवार का दावा है कि आंसर-की के अनुसार उसे 522 अंक मिलने चाहिए थे, लेकिन स्कोरकार्ड में सिर्फ 95 नंबर दिए गए हैं, जिसमें छात्रों और परिवारों को चिंता में डाल दिया है. सोहम के पिता नितिन गावते ने कहा कि इस परिणाम से उनका बेटा सदमे में है और परिवार को काउंसलिंग लेनी पड़ी. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर गलती नहीं सुधारी गई तो वे अदालत का रुख करेंगे.
आने थे 702 नंबर आ गए 87
एक अन्य छात्रा ज्ञानेश्वरी पवार ने आरोप लगाया कि NTA ने उनकी जगह किसी दूसरी OMR शीट अपलोड कर दी है. परिवार का कहना है कि आंसर-की के अनुसार उसके 702 नंबर आने चाहिए थे लेकिन स्कोरकार्ड में सिर्फ 87 अंक दिए गए.
ज्ञानेश्वरी के पिता अनिलकुमार पवार का दावा है कि उनके पास परीक्षा में इस्तेमाल किया गया मूल प्रश्न पत्र है, जिससे उनका दावा साबित हो सकता है. उन्होंने कहा कि उनकी बेटी के साथ अन्याय हुआ है.
प्रभावित छात्रों के अभिभावकों ने NTA से मामले की निष्पक्ष जांच, मूल्यांकन प्रक्रिया की समीक्षा और गलती मिलने पर संशोधित स्कोरकार्ड जारी करने की मांग की है. फिलहाल, NTA ने इन आरोपों पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है.