आईटी सेक्टर में अच्छी सैलरी और सालों का अनुभव होने के बावजूद कई कर्मचारियों को नौकरी की सुरक्षा को लेकर चिंता सताती है. कंपनियों में छंटनी और AI के बढ़ते इस्तेमाल के बीच एक 34 साल के IT प्रोफेशनल ने भी अपनी परेशानी साझा की है. उनके पास करीब 95 लाख रुपये की नेटवर्थ है, कोई कर्ज नहीं है और नौकरी के अलावा पैसिव इनकम भी आती है. इसके बाद भी उन्हें कॉरपोरेट नौकरी के भविष्य को लेकर भरोसा नहीं है और उन्हें चिंता सताई जा रही है.
12 साल का अनुभव लेकिन कॉरपोरेट नौकरी से हो रहा मोहभंग
इस IT प्रोफेशनल के पास कुल 12 साल का अनुभव है. इनमें से करीब 9 साल उन्होंने QA और टेस्ट ऑटोमेशन के क्षेत्र में काम किया है. फिलहाल वह टेलीकॉम डोमेन में काम कर रहे हैं और Postman ऑटोमेशन का भी अनुभव रखते हैं. उनका कहना है कि पिछले तीन साल से वह खुद को 'क्वाइट क्विटिंग' की स्थिति में महसूस करते हैं. यानी वह अपनी जिम्मेदारी का काम समय पर पूरा करते हैं लेकिन प्रमोशन, अवॉर्ड या अतिरिक्त पहचान पाने के लिए अलग से कोशिश नहीं करते. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि वह अपना काम पूरा करते हैं और इसके बाद अतिरिक्त दबाव लेने में दिलचस्पी नहीं रखते.
AI की मदद से बनाए दो टूल, फ्रीलांसिंग पर विचार
दिलचस्प बात यह है कि उन्हें कोडिंग में खास दिलचस्पी नहीं है, लेकिन AI टूल की मदद से तकनीकी परेशानियों को हल करने में सहज हैं. उन्होंने एक क्लाइंट के लिए AI असिस्टेंट की मदद से दो माइग्रेशन टूल बनाए. उनके मुताबिक, दोनों टूल प्रोडक्शन में सफलतापूर्वक काम कर रहे हैं. इसी अनुभव के बाद अब वह फुल-टाइम कॉरपोरेट नौकरी के अलावा फ्रीलांसिंग और ऑटोमेशन कंसल्टिंग जैसे विकल्पों पर विचार कर रहे हैं. वह AI की मदद से स्वतंत्र रूप से काम करने की संभावनाएं तलाश रहे हैं.
95 लाख रुपये की नेटवर्थ, कोई लोन नहीं
पोस्ट में उन्होंने आगे बताया कि इस प्रोफेशनल की लिक्विड नेटवर्थ करीब 95 लाख रुपये बताई गई है. उनके निवेश का लगभग 55 फीसदी हिस्सा इक्विटी में और 45 फीसदी डेट में है. उन पर कोई बकाया कर्ज नहीं है और वह अपने माता-पिता के साथ उनके घर में रहते हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, उनकी हर महीने की सैलरी करीब 1.45 लाख रुपये है जिसमें PF को भी शामिल किया गया है. इसके अलावा उन्हें निवेश और दूसरे स्रोतों से करीब 35 से 40 हजार रुपये की पैसिव इनकम मिलती है.
उनके घर का मासिक खर्च लगभग 65 से 70 हजार रुपये है. वहीं, उनके माता-पिता भी आर्थिक रूप से स्वतंत्र हैं और उनकी मासिक आय करीब 1.05 लाख रुपये बताई गई है. हालांकि, उन्हें भविष्य में माता-पिता के इलाज और स्वास्थ्य से जुड़े खर्च बढ़ने की चिंता है. परिवार के पास करीब 700 ग्राम सोना भी है.
अच्छी बचत के बाद भी क्यों सता रहा है नौकरी जाने का डर?
करीब 95 लाख रुपये की नेटवर्थ और बिना किसी कर्ज के भी इस IT प्रोफेशनल को नौकरी की अनिश्चितता परेशान कर रही है. इसकी वजह सिर्फ मौजूदा सैलरी नहीं, बल्कि लंबे समय तक कॉरपोरेट सेक्टर में काम जारी रख पाने को लेकर उनका संदेह है. उनकी कहानी ऐसे समय में सामने आई है, जब IT सेक्टर में छंटनी, AI के इस्तेमाल और बदलती स्किल की मांग को लेकर चर्चा तेज है. हालांकि, उन्होंने नौकरी जाने की बात नहीं कही है बल्कि भविष्य में संभावित छंटनी और कॉरपोरेट करियर को लेकर अपनी चिंता जाहिर की है.
सोशल मीडिया पर लोगों ने क्या कहा?
उनकी पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर नौकरी की सुरक्षा और आर्थिक आजादी को लेकर चर्चा शुरू हुई. कुछ यूजर्स ने कहा कि 12 साल का अनुभव होने के बाद भी नौकरी की सुरक्षा को लेकर चिंता होना मौजूदा समय की स्थिति दिखाता है. वहीं, कुछ लोगों ने सलाह दी कि कर्मचारियों को एक ही नौकरी पर निर्भर रहने के बजाय अपनी स्किल और कमाई के दूसरे विकल्प भी तैयार रखने चाहिए.