महज 10 सेकंड की देरी के कारण अंजलि पुलिस कांस्टेबल बनने से रह गई थीं. लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी. हरदोई के एक छोटे किसान परिवार से आने वाली 23 वर्षीय अंजलि ने अपनी असफलता को मेहनत और हौसले में बदल दिया. लगातार प्रयास और लगन से उन्होंने उत्तर प्रदेश पुलिस सब-इंस्पेक्टर (SI) भर्ती परीक्षा पास कर ली और साबित कर दिया कि मेहनत और धैर्य से असफलता को सफलता में बदला जा सकता है.
उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के किसान परिवार से आने वाली अंजलि 2024 की यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती में महज 10 सेकंड की देरी की वजह से चयन से चूक गई थीं. दौड़ परीक्षा में तय समय पूरा न कर पाने से उनका सपना अधूरा रह गया था.
लेकिन अंजलि ने इस असफलता को अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया. उन्होंने मेहनत जारी रखी और आखिरकार पुलिस विभाग में सब-इंस्पेक्टर बनने का अपना सपना पूरा कर लिया. उनकी सफलता से परिवार, गांव और कोचिंग संस्थान में खुशी का माहौल है.
पिता हैं किसान
हरदोई के सुरसा थाना क्षेत्र के खुतेहना गांव की रहने वाली अंजलि किसान परिवार से आती हैं. उनके पिता राम मूर्ति किसान हैं और उनके पास कम जमीन है. उनकी मां गृहिणी है. वह पट्टे पर जमीन लेकर खेती करते हुए अपने दो बेटों और दो बेटियों के परिवार का पालन-पोषण करते हैं. सभी बच्चों में अंजलि सबसे बड़ी हैं. अंजलि और उनके पिता दोनों का हमेशा से यही सपना था कि वह पुलिस बल में शामिल हो. अपने पिता के सपने को पूरा करने के लिए परिवार की जिम्मेदारी पूरी करते हुए अपनी पढ़ाई और परीक्षा की तैयारी जारी रखी.
10 सेकंड से हो गई पीछे
अंजलि ने 2024 में यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा दी थी, लेकिन 2400 मीटर की दौड़ में वह महज 10 सेकंड से पीछे रह गईं और चयन नहीं हो सका. इसके बाद उन्होंने हार नहीं मानी और एसआई भर्ती परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी.
लगातार मेहनत और आत्मविश्वास के दम पर अंजलि ने 2025 की यूपी पुलिस सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा पास कर ली और अपना सपना पूरा कर लिया.
मेहनत और हौसले की मिसाल बनी अंजली
अंजलि अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, परिवार और शिक्षकों को देती हैं. उन्होंने कहा कि उनके शिक्षक के मार्गदर्शन और हौसले ने उन्हें लक्ष्य पर ध्यान बनाए रखने में मदद की. उनका मानना है कि अगर लक्ष्य साफ हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए तो सफलता जरूर मिलती है. पढ़ाई में भी अंजलि का प्रदर्शन अच्छा रहा है. उन्होंने 2018 में दयानंद इंटर कॉलेज, सुरसा से हाईस्कूल और 2020 में इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की. इसके बाद उन्होंने हरदोई के आर कन्या डिग्री कॉलेज से बीए की पढ़ाई पूरी की और पुलिस भर्ती की तैयारी शुरू की.
कांस्टेबल भर्ती में महज 10 सेकंड से चूकने के बाद भी अंजलि ने हार नहीं मानी और मेहनत जारी रखी. आखिरकार उन्होंने सब-इंस्पेक्टर बनकर अपने परिवार और गांव का नाम रोशन किया. उनकी कहानी बताती है कि हौसले और मेहनत से असफलता को भी सफलता में बदला जा सकता है.