अगर आप भी उन महिलाओं में से हैं जिन्हें लगता है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आपकी नौकरी खा जाएगा? अगर ऐसा है तो ये नई रिपोर्ट आपकी इस चिंता को दूर कर सकती है. असल में, AI महिलाओं के लिए करियर की राह में 'स्पीड ब्रेकर' नहीं बल्कि 'एक्सीलरेटर' साबित हो रहा है. ANSR और Talent500 की ताजा रिपोर्ट कहती है कि जो महिलाएं AI का साथ पकड़ रही हैं, वे दफ्तरों में बड़ी कुर्सियों (लीडरशिप रोल) तक तेजी से पहुंच रही हैं.
क्या कहती है यह रिपोर्ट?
इस सर्वे में शामिल 64 फीसदी महिलाओं ने साफ कहा कि AI की वजह से उनके प्रमोशन का रास्ता आसान हुआ है. वहीं, 69 फीसदी महिलाओं को लगता है कि इस तकनीक ने उनके लिए करियर के ऐसे नए मौके खोल दिए हैं, जिनके बारे में उन्होंने पहले सोचा भी नहीं था.
समय की बचत और काम में स्मार्टनेस
कामकाजी महिलाओं के लिए सबसे बड़ी चुनौती होती है 'समय'. बिजनेस टुडे में छपी इस रिपोर्ट के मुताबिक, 85 फीसदी महिलाओं का कहना है कि AI टूल्स की मदद से उनके छोटे-मोटे प्रशासनिक काम (जैसे ईमेल ड्राफ्टिंग, डेटा एंट्री या शेड्यूलिंग) जल्दी निपट रहे हैं. इससे जो समय बच रहा है, उसे वे नई चीजें सीखने और ऑफिस के बड़े प्रोजेक्ट्स पर लगाने में कर रही हैं.
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भारत की बेटियों का दम, लेकिन यहां है पेच
एक दिलचस्प बात यह है कि पूरी दुनिया में जितने भी STEM (साइंस, टेक, इंजीनियरिंग और मैथ्स) ग्रेजुएट्स हैं, उनमें से 43 फीसदी हमारी भारतीय बेटियां हैं. लेकिन दिक्कत कहां आती है? रिपोर्ट बताती है कि शुरुआत में तो बहुत लड़कियां दफ्तरों में आती हैं (करीब 29%), लेकिन जैसे-जैसे पद ऊपर बढ़ते हैं, उनकी संख्या घटकर केवल 14% रह जाती है.
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यहीं पर AI एक 'गेम चेंजर' की तरह काम कर रहा है. यह तकनीक अनुभव से ज्यादा आपकी काबिलियत को तवज्जो दे रही है, जिससे महिलाएं पुराने ढर्रे को तोड़कर आगे बढ़ रही हैं.
95% महिलाएं बदलाव को तैयार
सबसे अच्छी बात यह है कि महिलाएं पीछे नहीं रहना चाहतीं. सर्वे में 95 फीसदी महिलाओं ने कहा कि अगर उन्हें सही ट्रेनिंग मिले, तो वे AI बेस्ड रोल में जाने को पूरी तरह तैयार हैं.