अमेरिका और इजरायल हवाई हमले कर रहे हैं. कुर्द लड़ाके बॉर्डर पर तैयार बैठे हैं. लेकिन सबसे बड़ा सवाल ये है कि क्या अमेरिका ईरान में जमीन पर अपने सैनिक उतारकर ग्राउंड ऑपरेशन शुरू कर देगा? ईरान बहुत बड़ा देश है. उसका इलाका इराक से तीन गुना ज्यादा है. पहाड़ बहुत हैं. आबादी नौ करोड़ से ऊपर है.
अगर अमेरिका सैनिक भेजता है तो ईरानी सेना सीधे लड़ाई नहीं करेगी. वे छिपकर हमला करेंगे. सड़कें उड़ाएंगे. लंबी गुरिल्ला जंग शुरू कर देंगे. ये तरीका अमेरिका के लिए बहुत महंगा और थकाऊ साबित हो सकता है.
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एक्सपर्ट्स की चेतावनी – अमेरिका फंस सकता है
मिडिल ईस्ट के कई पुराने युद्ध विशेषज्ञ और राजनयिक अब खुलकर बोल रहे हैं कि अमेरिका इस जाल में आसानी से फंस सकता है. इराक और अफगानिस्तान के अनुभव याद दिलाते हुए एक्सपर्ट्स चेतावनी देते हैं कि ईरान इन दोनों देशों से भी ज्यादा खतरनाक साबित होगा.

यहां ईरान के पास शिया मिलिशिया का पूरा नेटवर्क है जो इराक, सीरिया और लेबनान तक फैला हुआ है. अगर अमेरिकी सैनिक जमीन पर उतरे तो ये मिलिशिया चारों तरफ से हमला कर सकते हैं.
अमेरिका हवा से हमले तो कर सकता है लेकिन जमीन पर उतरना उसके लिए बहुत बड़ी गलती होगी. वे कहते हैं कि ईरान का भूगोल, मिसाइलें, ड्रोन और समुद्री ताकत अमेरिका को लंबे समय तक उलझाए रखेगी.
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वापसी का रास्ता कितना मुश्किल होगा?
एक्सपर्ट्स की राय में एक बार अमेरिका ग्राउंड ऑपरेशन शुरू कर दे तो वापसी करना बहुत मुश्किल हो जाएगा. अगर ईरान की सरकार गिर भी गई तो वहां गृहयुद्ध शुरू हो सकता है. अलग-अलग गुट आपस में लड़ेंगे और अमेरिका को बीच में फंसना पड़ेगा. तेल की कीमतें आसमान छू लेंगी. खाड़ी देश प्रभावित होंगे.

चीन-रूस जैसे देश अमेरिका के खिलाफ खड़े हो सकते हैं. कई पुराने राजनयिक कह रहे हैं कि वापसी का खर्चा इराक से भी ज्यादा होगा – हजारों सैनिक, अरबों डॉलर और कई साल लग सकते हैं. वे चेतावनी देते हैं कि ईरान इराक या अफगानिस्तान नहीं है, यहां निकलना और भी कठिन होगा.
अमेरिका को ग्राउंड ऑपरेशन से दूर रहना चाहिए. वे कहते हैं कि हवाई हमले, आर्थिक दबाव और कुर्द जैसे स्थानीय लड़ाकों की मदद से ही ईरान को कमजोर किया जा सकता है.
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अमेरिका जमीन पर उतरा तो जंग 10-15 साल चलेगा
अमेरिका अगर जमीन पर उतरा तो यह युद्ध 10-15 साल तक चल सकता है. अंत में अफगानिस्तान जैसी जल्दबाजी वाली वापसी करनी पड़ेगी. ईरान में गुरिल्ला जंग अमेरिका की सेना को थका देगी. घरेलू राजनीति में भी भारी पड़ सकती है. सभी एक्सपर्ट एक बात पर सहमत हैं कि वापसी का रास्ता इतना पेचीदा होगा कि अमेरिका को सालों तक मिडिल ईस्ट में उलझे रहना पड़ेगा.
अमेरिका ईरान के ग्राउंड ऑपरेशन में फंस सकता है. वापसी का रास्ता बहुत मुश्किल और महंगा साबित होगा. पूरी दुनिया देख रही है कि अमेरिका इस बार कितनी समझदारी से आगे बढ़ता है.
मिडिल ईस्ट के विशेषज्ञों का मानना है कि हवाई और प्रॉक्सी हमलों से काम चलाना बेहतर है, जमीन पर उतरना अमेरिका के लिए नया जाल बन सकता है. अब देखना होगा कि अगले हफ्तों में अमेरिका क्या फैसला लेता है.