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ईरान में स्टारलिंक की 'जैमिंग' भारत के लिए क्यों है चेतावनी?

ईरान ने विरोध प्रदर्शनों के दौरान एलन मस्क की स्टारलिंक को सफलतापूर्वक जैम कर दिया गया. मिलिट्री-ग्रेड तकनीक से 80% तक ट्रैफिक प्रभावित हुआ. यह 'अटूट' इंटरनेट की कमजोरी दिखाता है. ये भारत के लिए चेतावनी है कि विदेशी नेटवर्क पर निर्भर न रहें. खुद की तकनीक बनाएं और राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करें.

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ईरान में स्टारलिंक की जैमिंग पूरी दुनिया के लिए चेतावनी है. (File Photo: Getty)
ईरान में स्टारलिंक की जैमिंग पूरी दुनिया के लिए चेतावनी है. (File Photo: Getty)

एलन मस्क की स्टारलिंक को 'अटूट' इंटरनेट कहा जाता था, लेकिन अब यह एक दीवार से टकरा गया है. हाल की रिपोर्ट्स से पता चला है कि ईरान ने देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों के दौरान स्टारलिंक को सफलतापूर्वक जैम कर दिया है. यह संभवतः रूस या चीन से मिली मिलिट्री-ग्रेड तकनीक की मदद से हुआ है.

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार इस घटना ने अमेरिकी टेक कंपनियों की उस सोच को झटका दिया है कि वे दूर से ही किसी देश में 'शासन बदल' सकती हैं. अब यह सपना एक काले अंधेरे में बदल गया है.

'स्वतंत्रता का हथियार' कैसे असफल हो गया

एलन मस्क और अमेरिकी सरकार ने स्टारलिंक को 'तानाशाहों' के खिलाफ एक हथियार के रूप में बेचा था. यह सैटेलाइट-आधारित इंटरनेट है जो पारंपरिक नेटवर्क से अलग काम करता है. इसे विरोध प्रदर्शनों में इस्तेमाल करने के लिए प्रचारित किया गया. लेकिन जब ईरान जैसे देश ने रूस या चीन जैसी शक्तियों से मिली इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर (ईडब्ल्यू) तकनीक का इस्तेमाल किया, तो स्टारलिंक के सैटेलाइट अंधेरे में डूब गए. परिणाम? प्रदर्शनकारी उजागर हो गए, संचार कट गया और शासन अभी भी मजबूती से खड़ा है.

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ईरान में हाल के विरोध प्रदर्शनों के दौरान सरकार ने पूरे देश में इंटरनेट ब्लैकआउट कर दिया. स्टारलिंक को बायपास करने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था, लेकिन मिलिट्री जैमर्स ने इसे भी रोक दिया. तेहरान में कम से कम कुछ स्टारलिंक कनेक्शन बाधित हो गए. 80% से ज्यादा ट्रैफिक प्रभावित हुआ. 

Starlink Jamming in Iran Warning for India

ईरानवायर डॉट कॉम के मुताबिक  कुछ यूजर्स अभी भी वर्कअराउंड्स से जुड़े हुए हैं, जैसे ऐप में सेटिंग्स बदलकर या एंटीना को ऊंचाई पर लगाकर, लेकिन यह पूरी तरह से काम नहीं कर रहा. यह दिखाता है कि स्टारलिंक जैसी तकनीक भी मजबूत विरोधी ताकतों के सामने कमजोर पड़ सकती है.

अंतरिक्ष में प्रॉक्सी युद्ध

यह सिर्फ ईरान बनाम प्रदर्शनकारियों की लड़ाई नहीं है. यह रूस और चीन बनाम अमेरिकी टेक कंपनियों का युद्ध है. उन्होंने साबित कर दिया कि वे अमेरिका के प्रमुख सिविलियन-मिलिट्री एसेट को बेअसर कर सकते हैं. अगर वे ईरान में स्टारलिंक को अंधा कर सकते हैं, तो वे कहीं भी ऐसा कर सकते हैं.

रूसी इंटेलिजेंस ने ईरान को जैमिंग सिस्टम दिए हैं, जो स्टारलिंक के सिग्नल को ब्लॉक करते हैं. यह एक बड़ा झटका है क्योंकि स्टारलिंक को यूक्रेन जैसे संघर्षों में सफल माना जाता था, लेकिन यहां यह फेल हो गया. 

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यह घटना दिखाती है कि सैटेलाइट इंटरनेट भी सुरक्षित नहीं है. चीन और रूस जैसी शक्तियां 'ब्रूट फोर्स' जैमिंग का इस्तेमाल कर रही हैं, जो जीपीएस और ku/ka बैंड्स को टारगेट करती हैं. स्पेसएक्स ने ईरान में सर्विस को फ्री एक्टिवेट किया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मस्क से बात करने की योजना बनाई है, लेकिन फिलहाल जैमिंग जीत रही है.

Starlink Jamming in Iran Warning for India

भारत के लिए चेतावनी

यह घटना भारत के लिए एक बड़ा सबक है. भारत को अपने आसमान को स्टारलिंक को सौंपने से पहले सोचना चाहिए. हमें खुद का किल स्विच चाहिए, यानी ऐसी व्यवस्था जहां हम जरूरत पड़ने पर इसे बंद कर सकें. हम ऐसे नेटवर्क पर निर्भर नहीं रह सकते जो चीन द्वारा जैम हो सके या अमेरिका द्वारा बंद कर दिया जाए.

स्टारलिंक भारत में एंट्री की कोशिश कर रहा है. यह सिक्योरिटी टेस्ट्स से गुजर रहा है. रेगुलेटरी अप्रूवल इंतजार कर रहा है. लेकिन अगर स्टारलिंक भारतीय कानूनों को बायपास करता है, तो डेटा का नियंत्रण किसके पास होगा? नैरेटिव कौन बनाएगा? स्टारलिंक रिलायंस जियो और भारती एयरटेल जैसी भारतीय कंपनियों के साथ पार्टनरशिप कर रहा है, लेकिन यह अभी भी विदेशी कंट्रोल में है.

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इसके बजाय, भारत को मेक-इन-इंडिया टेक को सपोर्ट करना चाहिए. जैसे जियोस्पेस (रिलायंस जियो का सैटेलाइट वेंचर) और वनवेब/भारती. वनवेब को पहले ही अप्रूवल मिल चुका है. यह एंटरप्राइज और डिफेंस पर फोकस कर रहा है. स्टारलिंक 80-90 गुना तेज स्पीड ऑफर कर सकता है, लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए हमें अपनी तकनीक पर भरोसा करना चाहिए.

एक संप्रभु राष्ट्र अपनी महत्वपूर्ण कम्युनिकेशन को किसी विदेशी अरबपति के शौक पर नहीं चला सकता. भारत को पार्टनर्स चाहिए, मालिक नहीं. ईरान की घटना हमें सिखाती है कि हमें अपना किला खुद बनाना चाहिए, किसी से किराए पर नहीं लेना चाहिए.

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