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विवेकानंद रेड्डी मर्डर केस, मनी लॉन्ड्रिंग एंगल... YSRCP सांसद अविनाश रेड्डी के ठिकानों पर ED की रेड

विवेकानंद रेड्डी हत्याकांड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में ED ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है. जिसके चलते हैदराबाद और कडपा में 6 ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया गया. जिसमें सांसद अविनाश रेड्डी और भास्कर रेड्डी के परिसर भी शामिल हैं. जानें, क्या है पूरा मामला?

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इस मामले में ED की जांच अभी जारी है (फोटो-ITG)
इस मामले में ED की जांच अभी जारी है (फोटो-ITG)

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आंध्र प्रदेश के पूर्व मंत्री वाई.एस. विवेकानंद रेड्डी की हत्या से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई की है. ED की टीमें शुक्रवार को हैदराबाद और कडपा पहुंची और अब कुल छह ठिकानों पर तलाशी चल रही है. इन ठिकानों में कडपा से YSRCP सांसद वाई.एस. अविनाश रेड्डी और उनके पिता वाई.एस. भास्कर रेड्डी के परिसर भी शामिल हैं. इस कार्रवाई के बाद 2019 के बहुचर्चित विवेकानंद रेड्डी हत्याकांड एक बार फिर चर्चा में आ गया है.

ED का मनी लॉन्ड्रिंग केस विवेकानंद रेड्डी की हत्या की जांच से जुड़े मामलों में CBI की ओर से दर्ज FIR और दाखिल की गई चार्जशीट पर आधारित है. एजेंसी अब इसी मामले में कथित वित्तीय लेनदेन और मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल की जांच कर रही है. तलाशी के दौरान ED की टीमें संबंधित दस्तावेजों और अन्य संभावित सबूतों की पड़ताल कर रही हैं. हैदराबाद और कडपा में एक साथ की जा रही इस कार्रवाई को मामले की जांच में अहम कदम माना जा रहा है.

वाई.एस. विवेकानंद रेड्डी आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी के चाचा थे. मार्च 2019 में कडपा जिले के पुलिवेंदुला स्थित उनके घर में उनकी हत्या कर दी गई थी. शुरुआती दौर में इस मामले की जांच आंध्र प्रदेश पुलिस ने की थी. बाद में साल 2020 में जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI को सौंप दी गई, जिसके बाद मामले की जांच ने नया मोड़ लिया.

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CBI ने अपनी जांच के दौरान इस हत्याकांड में कई लोगों की भूमिका और एक जटिल साजिश का आरोप लगाया. जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में कई नाम सामने आए. अब पूछताछ और कानूनी कार्रवाई का सिलसिला शुरू हुआ है. अप्रैल 2023 में CBI ने वाई.एस. भास्कर रेड्डी को गिरफ्तार किया था. भास्कर रेड्डी YSRCP सांसद वाई.एस. अविनाश रेड्डी के पिता हैं और उस समय के मुख्यमंत्री वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी के चाचा भी हैं.

अब इसी हत्याकांड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग एंगल में ED की कार्रवाई ने मामले को फिर सुर्खियों में ला दिया है. एजेंसी हैदराबाद और कडपा के छह परिसरों पर तलाशी अभियान चला रही है. इनमें वाई.एस. अविनाश रेड्डी और उनके पिता वाई.एस. भास्कर रेड्डी से जुड़े परिसर भी शामिल हैं. ED की कार्रवाई का आधार CBI की FIR और चार्जशीट से जुड़ी जानकारी है.

विवेकानंद रेड्डी हत्याकांड कई साल से आंध्र प्रदेश की राजनीति और जांच एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण मामला बना हुआ है. एक तरफ CBI हत्या की कथित साजिश और उसमें शामिल लोगों की भूमिका की जांच कर चुकी है, वहीं अब ED वित्तीय पहलू की पड़ताल कर रही है. छह ठिकानों पर चल रही तलाशी से यह साफ है कि जांच एजेंसी इस मामले में कथित मनी ट्रेल से जुड़े पहलुओं को भी खंगाल रही है. हालांकि तलाशी के दौरान क्या-क्या बरामद हुआ, इसकी विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है.

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विवेकानंद रेड्डी की हत्या मार्च 2019 में पुलिवेंदुला स्थित उनके घर में हुई थी. शुरुआत में स्थानीय पुलिस ने मामले की जांच की, लेकिन बाद में इसे CBI को सौंप दिया गया. CBI ने 2020 में जांच अपने हाथ में लेने के बाद मामले में कई लोगों से पूछताछ की और कथित साजिश के विभिन्न पहलुओं की पड़ताल की. अप्रैल 2023 में वाई.एस. भास्कर रेड्डी की गिरफ्तारी भी इसी जांच का अहम हिस्सा रही.

अब ED की ताजा कार्रवाई ने इस पुराने हत्याकांड की जांच में वित्तीय लेनदेन का पहलू जोड़ दिया है. कडपा के सांसद वाई.एस. अविनाश रेड्डी और उनके पिता से जुड़े परिसरों पर तलाशी के चलते राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर इस कार्रवाई पर नजर बनी हुई है. ED की जांच के दौरान सामने आने वाले दस्तावेज और अन्य सबूत आगे की कार्रवाई की दिशा तय कर सकते हैं. फिलहाल एजेंसी की टीमें छह ठिकानों पर अपनी तलाशी जारी रखे हुए हैं.

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