
नवी मुंबई के तुर्भे MIDC इलाके में खाने-पीने की चीजों की एक्सपायरी डेट से छेड़छाड़ करने के कथित गोरखधंधे का खुलासा हुआ है. क्राइम ब्रांच की सेंट्रल सेल ने एक कंपनी पर छापा मारकर करीब 75.21 लाख रुपये का खाद्य सामान जब्त किया है. आरोप है कि इस सामान के पैकेट पर ओरिजिनल एक्सपायरी डेट को बदलकर नई और बढ़ी हुई डेट के स्टिकर लगाए जा रहे थे. इसके बाद इन प्रोडक्ट्स को विदेश भेजे जाने की तैयारी थी.
क्राइम ब्रांच को इस पूरे मामले की जानकारी मिलने के बाद कार्रवाई की गई. सेंट्रल सेल को सूचना मिली थी कि तुर्भे MIDC स्थित एक कंपनी में भारतीय कंपनियों के प्रोडक्ट्स की एक्सपायरी डेट से छेड़छाड़ की जा रही है. सूचना के आधार पर सीनियर इंस्पेक्टर अजय शिंदे की टीम ने 24 अगस्त को कंपनी में छापा मारा. तलाशी के दौरान वहां बड़ी मात्रा में खाने-पीने की चीजें और अन्य सामान बरामद हुआ.
क्राइम ब्रांच की कार्रवाई के दौरान कंपनी से 75 लाख 21 हजार रुपये का खाद्य और पेय पदार्थों का स्टॉक जब्त किया गया. इसमें मसाले, चाय पाउडर और कई अन्य खाने-पीने की चीजें शामिल थीं. जांच टीम के मुताबिक, इन प्रोडक्ट्स के पैकेट पर लगी ओरिजिनल एक्सपायरी डेट को बदलने और उसकी जगह नई डेट वाले स्टिकर लगाने का काम किया जा रहा था. इस तरह सामान की वैधता अवधि को कागजों और पैकेजिंग पर बढ़ाया जा रहा था.

जांच में सामने आया कि संबंधित खाद्य उत्पाद अलग-अलग कंपनियों के थे और उन्हें दूसरे देशों में भेजा जाता था. लंबी दूरी की अंतरराष्ट्रीय सप्लाई के दौरान कई बार सामान के संबंधित देश में पहुंचने से पहले ही उसकी ओरिजिनल एक्सपायरी डेट खत्म हो रही थी. आरोप है कि इसी समस्या का फायदा उठाकर कंपनी में पुराने एक्सपायरी डेट वाले स्टिकर हटाकर उनकी जगह बढ़ी हुई एक्सपायरी डेट वाले नए स्टिकर लगाए जा रहे थे.
जांच एजेंसियों के मुताबिक, इन सामानों को भारत से अलग-अलग देशों में भेजा जाता था. लेकिन सामान को संबंधित देश तक पहुंचने में समय लगने की वजह से कई प्रोडक्ट्स की ओरिजिनल एक्सपायरी डेट रास्ते में ही खत्म होने की स्थिति में थी. इसी वजह से कथित तौर पर पैकेट पर छपी पुरानी डेट को मिटाकर उसकी जगह आगे की तारीख डालने का काम किया जा रहा था.
इस तरह की गतिविधि से प्रोडक्ट की वास्तविक शेल्फ लाइफ और पैकेट पर लिखी जानकारी के बीच अंतर पैदा हो जाता है. उपभोक्ता को पैकेट पर जो एक्सपायरी डेट दिखाई देती है, वह वास्तविक डेट से अलग हो सकती है. क्राइम ब्रांच ने मामले की गंभीरता को देखते हुए खाद्य एवं औषधि प्रशासन यानी FDA को इसकी जानकारी दी.
क्राइम ब्रांच से जानकारी मिलने के बाद FDA की टीम भी जांच में शामिल हुई. FDA की ओर से लगातार पांच दिनों तक पंचनामा किया गया और मामले से जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई. इस मामले में कुल 12 लोगों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की जानकारी सामने आई है.

पूरे मामले में FDA की मदद से तुर्भे पुलिस स्टेशन में संबंधित लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है. क्राइम ब्रांच और संबंधित विभाग अब यह पता लगाने में जुटे हैं कि एक्सपायरी डेट बदलने का यह काम कितने समय से चल रहा था और ऐसे कितने प्रोडक्ट्स को बदलकर बाजार या विदेशी बाजारों में भेजा गया. जांच के दौरान जब्त किए गए करीब 75.21 लाख रुपये के सामान को भी अहम सबूत माना जा रहा है.
खाद्य उत्पादों की पैकेजिंग पर एक्सपायरी डेट उपभोक्ताओं की सुरक्षा से सीधे जुड़ी होती है. किसी प्रोडक्ट की वास्तविक एक्सपायरी डेट बदलकर उसे अधिक समय तक इस्तेमाल योग्य दिखाना गंभीर मामला हो सकता है. तुर्भे में सामने आए इस मामले ने खाद्य उत्पादों की पैकेजिंग, स्टोरेज और एक्सपोर्ट से जुड़े सिस्टम पर भी सवाल खड़े किए हैं.
फिलहाल पुलिस और FDA की कार्रवाई के बाद मामले की जांच जारी है. जांच में यह भी सामने आ सकता है कि जब्त किए गए सामान की सप्लाई कहां-कहां की जानी थी और एक्सपायरी डेट बदलने के इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे. मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों और संबंधित विभाग की रिपोर्ट के आधार पर होगी.