पंजाब के संगरूर जिले के बडरुखां गांव में स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारे में आधी रात चार नकाबपोश हमलावरों के घुसने का मामला सामने आया है. आरोप है कि हमलावरों ने पहले लंगर के कमरे में सो रहे सेवादार अजीब सिंह को दबोच लिया और उसका गला दबाने की कोशिश की. अजीब सिंह के शोर मचाने पर दूसरे कमरे से लंगर सेवादार जसवंत सिंह बाहर आए. इसी दौरान हमलावरों ने जसवंत सिंह पर गोली चला दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए.
संगरूर के नजदीक बडरुखां गांव में महाराजा रणजीत सिंह की याद में बनाए गए गुरुद्वारे में यह घटना देर रात करीब एक बजे हुई. बडरुखां को इतिहास में महाराजा रणजीत सिंह के जन्मस्थान के तौर पर भी बताया जाता है और उनकी याद में यहां गुरुद्वारा बनाया गया है. जानकारी के मुताबिक, करीब चार अज्ञात नकाबपोश गुरुद्वारे की हद में दाखिल हुए थे. बताया जा रहा है कि हमलावर एक गाड़ी में सवार होकर वहां पहुंचे थे.
गुरुद्वारे में दाखिल होने के बाद हमलावर लंगर के कमरे में पहुंचे, जहां लंगरी अजीब सिंह सो रहे थे. आरोप है कि नकाबपोशों ने अजीब सिंह को चारपाई पर ही दबोच लिया और उसका गला दबाने की कोशिश की. अजीब सिंह ने खुद को हमलावरों के चंगुल से छुड़ाने की कोशिश की और शोर मचाना शुरू कर दिया. उसकी आवाज सुनकर गुरुद्वारे के दूसरे कमरे में मौजूद लंगर सेवादार जसवंत सिंह बाहर आ गए.
अजीब सिंह के शोर के बाद जसवंत सिंह बाहर आए तो आरोप है कि हमलावरों ने उन पर गोली चला दी. गोली लगने से जसवंत सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए. घटना के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए. घायल जसवंत सिंह को गांव के लोगों की मदद से इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया. घटना के बाद पूरे गांव में दहशत और सहम का माहौल है.
इस घटना से जुड़ी CCTV तस्वीरें और फुटेज भी सामने आई हैं. एक फुटेज में एक व्यक्ति हाथ में पिस्तौल लिए गुरुद्वारे की हद में दाखिल होता दिखाई दे रहा है. दूसरी फुटेज में कुछ नकाबपोश लोग चारपाई पर लेटे अजीब सिंह को दबोचते नजर आते हैं. फुटेज में अजीब सिंह के चीखने की आवाजें भी सुनाई देती हैं. इसके बाद दूसरे कमरे से जसवंत सिंह बाहर आते हैं और इसी दौरान हमलावर उन पर गोली चलाकर फरार हो जाते हैं.
पीड़ित अजीब सिंह के मुताबिक, करीब रात एक बजे कुछ अज्ञात लोग उसके पास आए और उसका गला दबाने लगे. उसने हमलावरों से खुद को छुड़ाने की कोशिश की और शोर मचाया. इसी दौरान अंदर मौजूद जसवंत सिंह बाहर आए. अजीब सिंह के मुताबिक, इसके बाद हमलावरों ने जसवंत सिंह पर गोली चला दी. घटना के बाद आसपास के लोगों को इसकी जानकारी दी गई.
गांव निवासी मेजर सिंह ने बताया कि अजीब सिंह हमलावरों के चंगुल से निकलकर उनके पास पहुंचा और पूरी घटना की जानकारी दी. इसके बाद उन्होंने गांव के लोगों को मौके पर बुलाया और घायल जसवंत सिंह को अस्पताल पहुंचाया. मेजर सिंह ने आशंका जताई कि हमलावर चोरी या गुरुद्वारे में बेअदबी की नीयत से दाखिल हुए हो सकते हैं. हालांकि हमलावरों के गुरुद्वारे में घुसने का वास्तविक मकसद अभी स्पष्ट नहीं है.
गांव के सरपंच रणदीप सिंह मिंटू ने बताया कि उन्हें रात करीब एक बजे के बाद घटना की जानकारी मिली. इसके बाद गुरुद्वारे में अनाउंसमेंट करवाई गई, जिसके बाद धीरे-धीरे संगत मौके पर पहुंची. गांव के पास ही पुलिस चौकी मौजूद है और सूचना मिलने के बाद चौकी इंचार्ज भी मौके पर पहुंचे. घटना के बाद पुलिस ने मामले की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है और CCTV फुटेज भी जांच का अहम हिस्सा है.
सरपंच रणदीप सिंह मिंटू के मुताबिक, गुरुद्वारे के ग्रंथी सिंह या वहां रहने वाले किसी व्यक्ति की किसी के साथ कोई पुरानी रंजिश नहीं है. उन्होंने बताया कि हमलावर करीब चार की संख्या में थे और एक गाड़ी में सवार होकर आए थे. ऐसे में यह सवाल भी उठ रहा है कि आखिर हमलावर आधी रात गुरुद्वारे में किस मकसद से दाखिल हुए थे. फिलहाल इस बारे में कोई निश्चित जानकारी सामने नहीं आई है.
सरपंच ने संगरूर जिले में पिछले करीब दो महीनों के दौरान लगातार सामने आ रही घटनाओं को लेकर भी चिंता जताई. उनका कहना है कि करीब हर 15 दिन में कोई न कोई बड़ी घटना सामने आ रही है. उन्होंने घटना के पीछे किसी साजिश या मकसद की आशंका जताते हुए चुनाव के दौरान ऐसी घटनाओं का जिक्र किया और कहा कि चुनाव खत्म होने के बाद माहौल शांत होने की उम्मीद है.
साथ ही उन्होंने कहा कि गांव में आज से पहरा शुरू किया जाएगा और ग्रामीण अपने लाइसेंसी हथियारों के साथ निगरानी करेंगे, ताकि किसी संदिग्ध व्यक्ति को गांव में दाखिल होने से रोका जा सके.