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'मुझे जाने दो प्रियांशु...' लिव-इन पार्टनर के सामने हाथ जोड़कर गिड़गिड़ाई थी मालिस्का, फिर कैसे कोमा में पहुंची होटल मैनेजमेंट छात्रा?

लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी में होटल मैनेजमेंट की छात्रा मालिस्का सोनवानी संदिग्ध सड़क हादसे के बाद कोमा में है. पिता ने लिव-इन पार्टनर प्रियांशु गुप्ता पर साक्ष्य मिटाने, प्रताड़ित करने और साजिश का आरोप लगाया है. परिजनों को गिड़गिड़ाने का वीडियो भी मिला है. पुलिस निष्पक्ष जांच कर रही है.

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पिता ने बेटी के लिव-इन-पार्टनर पर लगाया आरोप (Photo: ITG)
पिता ने बेटी के लिव-इन-पार्टनर पर लगाया आरोप (Photo: ITG)

लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है. यहां होटल मैनेजमेंट की इंटर्नशिप कर रही एक युवती संदिग्ध परिस्थितियों में गंभीर रूप से घायल हो गई, जो अब एक निजी अस्पताल में कोमा में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रही है. घटना को 22 दिन बीत चुके हैं, लेकिन पीड़ित परिवार न्याय के लिए दर-दर भटक रहा है. पिता ने लिव-इन पार्टनर पर साजिश के तहत बेटी को मारने और प्रताड़ित करने का गंभीर आरोप लगाया है.

शाहजहांपुर के रहने वाले पीड़ित पिता अतुल कुमार ने बताया कि उनकी बेटी मालिस्का सोनवानी लखनऊ में रहकर होटल मैनेजमेंट की पढ़ाई और इंटर्नशिप कर रही थी. 31 अगस्त की रात करीब 11:30 बजे उसकी बाइक दुर्घटनाग्रस्त हो गई. हादसे के वक्त बाइक पर उसका लिव-इन पार्टनर प्रियांशु गुप्ता मौजूद था. 

गंभीर बात यह है कि घटना रात 12 बजे के आसपास हुई, लेकिन प्रियांशु ने परिवार को इसकी सूचना सुबह करीब 4 बजे दी. आरोप है कि वह घायल अवस्था में लड़की को इधर-उधर भटकाता रहा और सुनियोजित तरीके से मरने का इंतजार करता रहा. जब परिजन लखनऊ पहुंचे, तो वह लगातार उन्हें गुमराह करता रहा और कुछ देर बाद मौके से फरार हो गया. 

घटना के बाद आरोपी ने युवती का मोबाइल अपने कब्जे में ले लिया था और परिजनों को देने से आनाकानी कर रहा था. जब सख्ती से फोन लिया गया और उसकी जांच की गई, तो उसमें एक खौफनाक वीडियो हाथ लगा. वीडियो में हाथ जोड़कर गिड़गिड़ाती दिखी बेटी, करीब एक मिनट के इस वीडियो में मालिस्का प्रियांशु के सामने हाथ जोड़कर रोते-गिड़गिड़ाते हुए खुद को जाने देने की गुहार लगा रही है. 

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पीड़ित पिता का आरोप है कि आरोपी ने साजिश के तहत युवती के आधार कार्ड में हेरफेर कर उसके नाम के आगे अपना उपनाम जोड़ लिया और पिता के कॉलम में भी खुद के पिता का नाम दर्ज करा दिया. पिता का कहना है कि जब वे वीडियो और साक्ष्य लेकर थाने पहुंचे, तो पुलिस ने मामले को महज एक साधारण सड़क हादसा बताकर टरका दिया. घटना के 22 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है. दावा है कि प्रियांशु ने फोन से कॉल्स और चैट्स डिलीट किए ताकि साजिश का खुलासा न हो सके.

मामले पर डीसीपी साउथ मोहम्मद मुस्ताक ने बताया कि पीड़ित पिता थाने आए थे. जांच में दोनों के लिव-इन में रहने की बात सामने आई है. शुरुआती तौर पर मामला एक्सीडेंट का प्रतीत हो रहा है, हालांकि पिता द्वारा लगाए गए सभी गंभीर आरोपों की निष्पक्ष जांच के आदेश दे दिए गए हैं. जांच में तथ्य सही पाए जाने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल, पुलिस और परिवार दोनों को ही युवती के होश में आने का इंतजार है.

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