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कोलाकाता: इंटरव्यू के बहाने बुलाकर महिला को जिंदा जलाया, पीड़िता की मौत के बाद आरोपी गिरफ्तार

कोलकाता के मैदान इलाके में 30 वर्षीय महिला को केरोसिन डालकर जला दिया गया. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. 90% झुलसी पीड़िता की मौत के बाद पुलिस ने इस मामले को मर्डर केस में बदले जाने की तैयारी शुरू कर दी है. पढ़ें इस दर्दनाक वारदात की पूरी कहानी.

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महिला को जिंदा जलाने वाला सिद्धार्थ चारिवाल पकड़ा गया (फोटो-ITG)
महिला को जिंदा जलाने वाला सिद्धार्थ चारिवाल पकड़ा गया (फोटो-ITG)

कोलकाता के मैदान इलाके में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक 30 साल की महिला को कथित तौर पर केरोसिन डालकर जला दिया गया. गंभीर रूप से झुलसी महिला ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. पुलिस ने इस मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और अब केस को हत्या के मामले में तब्दील करने की तैयारी की जा रही है.

यह पूरी घटना 3 अप्रैल 2026 को शाम करीब 4 बजे की है. जब कोलकाता के मैदान थाना क्षेत्र में गंगा सागर ग्राउंड, ईडन गार्डन्स के सामने एक पेड़ के नीचे यह वारदात हुई. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, आरोपी सिद्धार्थ चारिवाल ने पीड़ित महिला को वहां बुलाया था. जैसे ही महिला वहां पहुंची, दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया, जो देखते ही देखते हिंसक हो गया.

आरोप है कि विवाद के दौरान आरोपी ने महिला पर केरोसिन डालकर आग लगा दी. घटना के तुरंत बाद आसपास के लोगों ने पुलिस को सूचना दी और महिला को गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया. महिला करीब 90 प्रतिशत तक झुलस चुकी थी, जिससे उसकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई थी. घटना के बाद पीड़िता को कोलकाता के एसएसकेएम अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की. 

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हालांकि, उसकी हालत लगातार बिगड़ती रही और आखिरकार उसने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. मरने से पहले महिला ने पुलिस को अपना बयान भी दर्ज कराया था, जो अब इस केस का अहम सबूत माना जा रहा है. पीड़िता की मां ने बताया कि उनकी बेटी को इंटरव्यू के बहाने बुलाया गया था. जब बेटी ने फोन नहीं उठाया तो उन्होंने कई बार कॉल किया. 

तीसरी बार कॉल करने पर उसका फोन एक पुलिस अधिकारी ने उठाया और बताया कि उनकी बेटी को बाबूघाट के पास जला दिया गया है. यह सुनते ही परिवार वाले तुरंत अस्पताल पहुंचे।. मां ने अस्पताल में बेटी की हालत का जिक्र करते हुए कहा कि उसका पूरा शरीर जल चुका था और त्वचा तक निकल रही थी. उन्होंने यह भी बताया कि बेटी ने मरने से पहले आरोपी का नाम लिया और कहा कि उसी ने केरोसिन डालकर आग लगाई. 

पीड़िता ने यह बयान पुलिस को भी दिया था. परिवार के मुताबिक, आरोपी ने महिला पर शादी का दबाव बनाया था, लेकिन दोनों अलग-अलग धर्म के होने की वजह से महिला ने इनकार कर दिया था. मां का दावा है कि आरोपी ने उसे नौकरी का लालच भी दिया था, लेकिन महिला ने उसे भी ठुकरा दिया. इसी बात से नाराज होकर आरोपी ने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया.

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पुलिस ने पीड़िता के बयान के आधार पर आरोपी सिद्धार्थ चारिवाल को बेलेघाटा इलाके से गिरफ्तार कर लिया. उसे शनिवार को बैंकशाल कोर्ट में पेश किया गया, जहां उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी गई. फिलहाल, आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है.

इस मामले में पहले भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109 (हत्या की कोशिश) के तहत केस दर्ज किया गया था. लेकिन पीड़िता की मौत के बाद अब इसे हत्या के केस में बदलने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. पब्लिक प्रॉसिक्यूटर अरूप चक्रवर्ती ने कोर्ट में बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और डेथ सर्टिफिकेट के बाद धाराएं बदल दी जाएंगी.

एफआईआर के अनुसार, यह मामला मैदान थाना में दर्ज किया गया है, जिसमें आरोपी पर जानबूझकर हत्या की कोशिश करने का आरोप लगाया गया है. केस की जांच इंस्पेक्टर मुकेश सिंह और एसआई प्रणेब मंडल कर रहे हैं. फिलहाल पुलिस इस वारदात के पीछे की असली वजह की जांच कर रही है, जिसमें प्रेम संबंध, शादी का दबाव या अन्य कारणों की पड़ताल की जा रही है.
 

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