केरल में नाबालिग लड़की का यौन उत्पीड़न किए जाने के आरोपों की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है. पुलिस जांच और मेडिकल परीक्षण में यह सामने आया है कि कथित यौन उत्पीड़न की घटना हुई ही नहीं थी. मामले में नाबालिग लड़की का बयान दोबारा दर्ज किया गया, जिसमें उसने स्वीकार किया कि उसके साथ किसी प्रकार का यौन उत्पीड़न नहीं हुआ था. अब पुलिस इस मामले को बंद करने की तैयारी कर रही है.
जांच अधिकारियों के मुताबिक, शुरुआत से ही नाबालिग लड़की के बयानों में कई तरह की विसंगतियां सामने आ रही थीं. पुलिस ने मामले में कुछ नाबालिगों और अन्य लोगों को हिरासत में लिया था, लेकिन लड़की के बयानों में लगातार विरोधाभास मिलने के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया. जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्य और मेडिकल रिपोर्ट भी कथित आरोपों की पुष्टि नहीं कर सके.
पीटीआई के मुताबिक, पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि झूठी शिकायत के पीछे व्यक्तिगत दुश्मनी या बदले की भावना कारण हो सकती है. अधिकारियों का मानना है कि इसी वजह से यह मामला दर्ज कराया गया था. जांच एजेंसियों ने सभी पहलुओं की गहन जांच करने के बाद निष्कर्ष निकाला है कि आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है.
अब पुलिस जल्द ही इस मामले की जांच पूरी कर अदालत में अपनी अंतिम रिपोर्ट दाखिल करेगी. अधिकारियों के अनुसार, इस मामले में दर्ज दोनों एफआईआर को बंद करने की सिफारिश की जाएगी. पुलिस की ओर से अदालत को यह बताया जाएगा कि जांच, मेडिकल परीक्षण और दोबारा दर्ज किए गए बयान के आधार पर मामला झूठा पाया गया है.