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बंगाल वाला घर, आखिरी वॉर्निंग और... CCTV से खुला DU प्रोफेसर के कातिलों का राज

बर्धमान की एक जायदाद को लेकर शुरू हुआ विवाद दिल्ली में खौफनाक मर्डर में बदल गया. DU की असिस्टेंट प्रोफेसर देबोस्मिता पॉल की हत्या के मामले में पुलिस ने खुलासा किया है कि आरोपी परिवार पश्चिम बंगाल से साजिश रचकर दिल्ली आया, वारदात को अंजाम दिया और ट्रेन से वापस लौट गया. CCTV, फोन ट्रैकिंग और रेलवे रिकॉर्ड ने पूरी साजिश की परतें खोल दीं.

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दिल्ली यूनिवर्सिटी की असिस्टेंट प्रोफेसर देबोस्मिता पॉल का उनके फ्लैट में मर्डर हुआ था (फोटो- ITG)
दिल्ली यूनिवर्सिटी की असिस्टेंट प्रोफेसर देबोस्मिता पॉल का उनके फ्लैट में मर्डर हुआ था (फोटो- ITG)

पश्चिम बंगाल में जमीन-जायदाद के झगड़े से शुरू हुई रंजिश दिल्ली में खूनी अंजाम तक पहुंच गई. दिल्ली यूनिवर्सिटी की असिस्टेंट प्रोफेसर देबोस्मिता पॉल (49 साल) की उनके ही फ्लैट में बेरहमी से हत्या कर दी गई. जांच में खुलासा हुआ है कि हत्यारे बर्धमान से सैकड़ों किलोमीटर का सफर तय कर वारदात को अंजाम देने आए थे और कुछ घंटों के भीतर फरार हो गए.

घटना के बाद गहरी खोजबीन शुरू हुई, जिसमें सीसीटीवी फुटेज, फोन ट्रैकिंग और रेलवे रिकॉर्ड के जरिए आरोपियों की गतिविधियों का पता लगाया गया.

प्रोफेसर की हत्या 4 जून को पूर्वी दिल्ली के वसुंधरा एन्क्लेव स्थित सत्यम अपार्टमेंट्स में उनके फ्लैट में हुई थी. जांचकर्ताओं का मानना है कि आरोपी संपत्ति विवाद को लेकर उनसे बहस करने के बाद फ्लैट में घुसे थे. जब पॉल ने समझौता करने से इनकार कर दिया, तो कथित तौर पर उनकी हत्या कर दी गई.

पुलिस ने कहा कि जबरन प्रवेश या चोरी के कोई संकेत नहीं मिले, जिससे अंदरूनी मिलीभगत या पूर्व-जान-पहचान की आशंका और मजबूत हो गई थी.

सीसीटीवी फुटेज में दिखे आरोपी, मास्क पहनकर छिपाई शक्ल

सीसीटीवी फुटेज सामने आया है जिसमें तीनों आरोपी, एक दंपत्ति और उनका नाबालिग बेटा, पूर्वी दिल्ली की उस इमारत में घुसते दिखाई दे रहे हैं जहां हत्या हुई थी. एक दूसरी फुटेज में तीनों को लिफ्ट से बाहर निकलते हुए दिखाया गया है, जिसमें पति-पत्नी दोनों ने मास्क पहन रखे हैं. पुलिस का मानना है कि यह अपनी पहचान छिपाने की कोशिश थी.

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बार-बार बेदखली की मांग के कारण हत्या हुई

पुलिस के मुताबिक, आरोपी रामप्रसाद दास (42), उसकी पत्नी बनश्री दास (36) और उनके नाबालिग बेटे पश्चिम बंगाल के बर्धमान में पीड़ित की पैतृक संपत्ति में 2023 से रह रहे थे. अधिकारियों ने बताया कि यह संपत्ति पारिवारिक समझौते के जरिए पीड़ित को ट्रांसफर की गई थी.

पुलिस ने बताया कि पीड़िता देबोस्मिता पॉल, जो शिवाजी कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर थीं, ने परिवार से बार-बार परिसर खाली करने को कहा था, जिससे विवाद बढ़ता चला गया. पुलिस के मुताबिक, प्रोफेसर द्वारा दी गई आखिरी चेतावनी के बाद, आरोपियों ने कथित तौर पर उनकी हत्या की साजिश रची.

डिजिटल फुटप्रिंट्स से आरोपियों की गतिविधियों का खुलासा हुआ

आवासीय परिसर और आसपास से मिले सीसीटीवी फुटेज की जांच से पता चला कि आरोपी इमारत के अंदर घुसे, अपने चेहरे छुपाए, कपड़े बदले और पहचान से बचने के लिए सीढ़ियों और लिफ्ट दोनों का इस्तेमाल किया.

अपराध के बाद, उन्होंने कथित तौर पर फ्लैट को बाहर से बंद कर दिया और टैक्सी और ऑटो रिक्शा का इस्तेमाल करके घटनास्थल से फरार हो गए.

पुलिस ने बताया कि आरोपी हत्या को अंजाम देने की पूर्व नियोजित योजना के तहत 3 जून को दिल्ली आए थे. पकड़े जाने से बचने के लिए, उन्होंने कथित तौर पर मयूर विहार के दल्लूपुरा स्थित एक गेस्ट हाउस में अलग-अलग व्यक्तियों के आधार कार्ड का इस्तेमाल करके चेक-इन किया.

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मामले में सफलता तब मिली जब जांचकर्ताओं ने गेस्ट हाउस के रिकॉर्ड के माध्यम से इन विवरणों का पता लगाया और संबंधित मोबाइल नंबरों पर निगरानी रखी.

सीसीटीवी फुटेज और भागने का रास्ता

अपराध करने के बाद, परिवार आनंद विहार पहुंचा और फिर 3 जून को शाम लगभग 5.40 बजे नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से पूर्वा एक्सप्रेस के जरिए बर्धमान जाने वाली ट्रेन में सवार हो गया.

इसके बाद पुलिस टीम 6 जून को बर्धमान पहुंच गई. आरोपियों को एक गुप्त ठिकाने पर ढूंढ निकाला गया. तीनों को 7 जून को पकड़ा गया.

पुलिस के अनुसार, टीम ने मृतक का सैमसंग मोबाइल फोन, अपराध में कथित तौर पर इस्तेमाल किया गया एक रेजर, अपराध के दौरान पहने गए कपड़े और एक टोपी, एक बैग, ट्रेन टिकट और अन्य यात्रा दस्तावेज बरामद किए हैं.

भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) मतलब हत्या के तहत मामला दर्ज किया गया है. पूरी साजिश का पता लगाने और आरोपियों के डिजिटल और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच करने के लिए आगे की जांच जारी है.

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