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ISI का आतंकी नेटवर्क, पुलिस पर हमले की साजिश और स्पेशल सेल का एक्शन! पांच और संदिग्ध गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पाकिस्तान समर्थित ISI आतंकी नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए 5 और संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है. इनकी गिरफ्तारी से पुलिसकर्मियों पर हमले, हथियार सप्लाई और TTH प्रचार की साजिश का खुलासा हुआ है. पढ़ें पूरी साजिश की कहानी.

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मंगलवार को इसी नेटवर्क के 7 आतंकी पकड़े गए थे (फोटो-ITG)
मंगलवार को इसी नेटवर्क के 7 आतंकी पकड़े गए थे (फोटो-ITG)

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े एक बड़े आतंकी मॉड्यूल के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पांच और संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है. जांच में खुलासा हुआ है कि यह नेटवर्क दिल्ली-एनसीआर समेत कई राज्यों में पुलिसकर्मियों और सुरक्षा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने की तैयारी कर रहा था. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से हथियार, कारतूस, मोबाइल फोन और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की है.

दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल की इस कार्रवाई में पांच नए आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस के अनुसार यह पूरा मॉड्यूल पाकिस्तान में बैठे ISI हैंडलर शाहजाद भट्टी के निर्देश पर काम कर रहा था. गिरोह का मकसद भारत में अस्थिरता फैलाना और सुरक्षा एजेंसियों को निशाना बनाना था.

गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान सोहेल, सोनू मीणा, सचिन कुमार मीणा, मोहम्मद कैफ और मोहम्मद रिहान के रूप में हुई है. पुलिस ने इनके कब्जे से पांच पिस्टल, जिंदा कारतूस, पाकिस्तान समर्थित नेटवर्क से जुड़े पोस्टर और कई आपत्तिजनक वीडियो बरामद किए हैं. जांच एजेंसियां अब इनके डिजिटल और वित्तीय नेटवर्क की भी पड़ताल कर रही हैं.

स्पेशल सेल की जांच में सामने आया है कि आरोपियों को दिल्ली और आसपास के राज्यों में पुलिसकर्मियों की रेकी करने का जिम्मा दिया गया था. उन्हें सुरक्षा बलों पर हमला करने और युवाओं को आतंकी गतिविधियों के लिए भर्ती करने के निर्देश मिले थे. पुलिस का कहना है कि गिरोह का मुख्य निशाना पुलिस और सुरक्षा प्रतिष्ठान थे.

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जांच में पता चला कि आरोपी कथित आतंकी संगठन 'तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान (TTH)' के नाम पर दीवारों पर नारे और ग्रैफिटी लिख रहे थे. इसके जरिए संगठन का प्रचार-प्रसार किया जा रहा था. पुलिस के मुताबिक हाल ही में पंजाब के मजीठा में एक एएसआई की हत्या की जिम्मेदारी भी इसी संगठन ने ली थी. इस मामले को भी जांच से जोड़कर देखा जा रहा है.

मुख्य आरोपी सोहेल सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप के जरिए पाकिस्तान में बैठे हैंडलर शाहजाद भट्टी के संपर्क में था. उसने दिल्ली और फरीदाबाद में कई स्थानों पर TTH के नारे लिखे और उनके वीडियो बनाकर पाकिस्तान भेजे. इसके बदले उसे 5 हजार रुपये की रकम दी गई थी. पुलिस के अनुसार सोहेल पहले भी कई आपराधिक मामलों में शामिल रहा है.

गिरफ्तार आरोपी सोनू मीणा गिरोह के लिए आर्थिक सहायता और हथियारों की व्यवस्था करता था. उसके पास से तीन पिस्टल और कारतूस बरामद किए गए हैं. पुलिस के मुताबिक उसी ने सोहेल को प्रचार गतिविधियों के लिए पैसे भेजे थे. वहीं सचिन कुमार मीणा के पास से भी दो पिस्टल और जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं.

जांच में खुलासा हुआ है कि मोहम्मद कैफ और मोहम्मद रिहान सीधे पाकिस्तान में बैठे राना हुनैन, आबिद जट्ट और मोहसिन के संपर्क में थे. उन्हें पुलिस थानों, सुरक्षा कैंपों और अन्य संवेदनशील स्थानों की रेकी करने के निर्देश दिए गए थे. साथ ही पोस्टर लगाने और पुलिसकर्मियों पर फायरिंग जैसी वारदातों को अंजाम देने की योजना बनाई जा रही थी.

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स्पेशल सेल की जांच में यह भी सामने आया कि मोहम्मद रिहान को पुलिसकर्मियों पर हमला करने के लिए 3 लाख रुपये देने का लालच दिया गया था. एजेंसियों का मानना है कि गिरोह युवाओं को पैसे और कट्टरपंथी प्रचार के जरिए अपने साथ जोड़ने की कोशिश कर रहा था. इस नेटवर्क का मकसद आतंकी गतिविधियों के लिए स्थानीय स्तर पर सहयोगियों की भर्ती करना था.

बता दें कि दिल्ली पुलिस ने 16 जून को इस पाकिस्तान समर्थित नेटवर्क का पहली बार खुलासा किया था. उस कार्रवाई में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था, जबकि इससे पहले सोयब, अनमोल राय उर्फ अन्नू और रवि कश्यप को भी पकड़ा जा चुका है.

पुलिस ने अब तक पांच पिस्टल, 41 जिंदा कारतूस, सात मोबाइल फोन और एक स्कॉर्पियो गाड़ी बरामद की है. जांच एजेंसियों का मानना है कि मोबाइल फोन और डिजिटल डेटा से विदेशी संपर्कों तथा नेटवर्क के अन्य सदस्यों के बारे में अहम जानकारी मिल सकती है.

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