दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने हिमांशु भाऊ गैंग के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसके दो कथित गुर्गों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपी गैंग के विदेश में बैठे सरगनाओं और शूटरों के बीच कड़ी का काम करते थे. वे शूटरों तक पैसे पहुंचाने, हथियारों की सप्लाई करने और उनके छिपने के लिए फर्जी पहचान पत्र (ID) का इंतजाम करने में मदद करते थे. पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से एक पिस्टल और पांच जिंदा कारतूस बरामद किए हैं.
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद निवासी मुरसलीन उर्फ गुल्लू (25) और हरियाणा निवासी नवीन (20) के रूप में हुई है. पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपी इंटरनेट के जरिए सुरक्षित मैसेजिंग ऐप पर गैंग के विदेश में बैठे सरगनाओं के संपर्क में थे.
वे गैंग के निर्देशों के मुताबिक पैसों के लेन-देन और हथियारों की सप्लाई से जुड़े काम करते थे. स्पेशल सेल अब दोनों आरोपियों से पूछताछ कर गैंग के नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटा रही है.
पुलिस के मुताबिक, मुरसलीन उर्फ गुल्लू गैंग के शूटरों के लिए पैसों का इंतजाम करता था. इसके अलावा, वह उन्हें होटलों में ठहरने के लिए फर्जी पहचान पत्र बनवाने में भी मदद करता था. इस तरह वह शूटरों को ठिकाने उपलब्ध कराने और उनकी गतिविधियों में सहायता करने की भूमिका निभा रहा था. पुलिस का दावा है कि गैंग का सरगना हिमांशु भाऊ मुरसलीन को भी शूटर बनाने की तैयारी कर रहा था.
दूसरे आरोपी नवीन की भूमिका भी गैंग के नेटवर्क से जुड़ी बताई जा रही है. पुलिस के मुताबिक, नवीन शुरुआत में अपना बैंक खाता देकर गैंग के पैसों के लेन-देन में मदद करता था. बाद में वह गैंग के लिए हथियार पहुंचाने का काम भी करने लगा.
जांच एजेंसियों के अनुसार, इस तरह दोनों आरोपी गैंग की गतिविधियों में अलग-अलग भूमिकाएं निभा रहे थे. पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उनके जरिए किन लोगों तक पैसे और हथियार पहुंचाए गए.
हिमांशु भाऊ गैंग का सरगना हिमांशु भाऊ कुछ दिन पहले अमेरिका में अमेरिकी एजेंसी की गिरफ्त में आया था. उसके पकड़े जाने के बाद भारत में गैंग के नेटवर्क और उससे जुड़े लोगों पर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है.
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की यह कार्रवाई इसी गैंग से जुड़े नेटवर्क की जांच के लिहाज से अहम है. हालांकि, हिमांशु भाऊ की गिरफ्तारी और भारत में उसके नेटवर्क के खिलाफ आगे की कार्रवाई से जुड़ी विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है.
दिल्ली पुलिस का दावा है कि दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी से हिमांशु भाऊ गैंग के पैसों और हथियारों की सप्लाई के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है. पुलिस अब गैंग के दूसरे सदस्यों की पहचान करने और उनसे जुड़े आपराधिक मामलों की कड़ियां जोड़ने में जुटी है.
जांच के दौरान यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि विदेश में बैठे गैंग के सरगनाओं और स्थानीय स्तर पर सक्रिय लोगों के बीच संपर्क कैसे बनाए रखा जाता था. पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ से गैंग की आपराधिक साजिशों और उसके नेटवर्क से जुड़ी अन्य जानकारियां सामने आ सकती हैं.