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दिल्लीः खुद को बताया फाइव स्टार होटल का मालिक, फिर कनाडा के बुज़ुर्ग NRI से ठगे करोड़ों

पकड़े गए आरोपी की पहचान 50 वर्षीय राजकुमार खत्री के रूप में हुई है. आर्थिक अपराध शाखा के एडिशनल कमिश्नर आरके सिंह के मुताबिक कनाडा के कारोबारी ने शिकायत देकर बताया कि उनके साथ राजकुमार खत्री ने करोड़ों की ठगी की है.

आरोपी राजकुमार खत्री के खिलाफ पहले से ठगी मामले दर्ज हैं आरोपी राजकुमार खत्री के खिलाफ पहले से ठगी मामले दर्ज हैं
स्टोरी हाइलाइट्स
  • खुद को होटल कारोबारी बताकर NRI से मिला था आरोपी
  • फाइव स्टार होटल में निवेश के नाम पर ठगे करोड़ों रुपये
  • दिल्ली पुलिस की EOW ने किया आरोपी को गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने एक ऐसे शातिर ठग को गिरफ्तार किया है, जिसने खुद को एक फाइव स्टार होटल का मालिक बताकर कनाडा में रहने वाले एक बुजुर्ग कारोबारी से होटल में निवेश कराने के नाम पर करोड़ो रुपये ठग लिए. इस मामले में पीड़ित एनआरआई ने ईओडब्ल्यू को शिकायत दर्ज कराई थी.

पकड़े गए आरोपी की पहचान 50 वर्षीय राजकुमार खत्री के रूप में हुई है. आर्थिक अपराध शाखा के एडिशनल कमिश्नर आरके सिंह के मुताबिक कनाडा के कारोबारी ने शिकायत देकर बताया कि उसे राजकुमार खत्री नाम का एक शख्स मिला. जिसने बताया कि वो आल इंडिया हेंडीक्राफ्ट एसोसिएशन का चेयरमैन है और उसकी त्रिमूर्तिइम्पेक्स नाम की एक फर्म है.

ईओडब्ल्यू ने जांच में पाया कि 2012 में आरोपी ने फर्जी कागजात के जरिए कनाडा में मेसर्स रूहानी कंस्ट्रक्शन कंपनी बनाई थी. उसी कंपनी के जरिए पीड़ित एनआरआई के साथ उसने एक सौदा किया था.

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राजकुमार ने एनआरआई कारोबारी को निर्माणाधीन फाइव स्टार होटल के पचास फीसदी शेयर देने का भरोसा दिलाया और इसके बदले में कनाडा की 11 प्रॉपर्टी कंपनी के नाम ट्रांसफर करवा लीं. इससे पहले साल 2012 में एक डील के तहत आरोपी राजकुमार पीड़ित सोहन लाल को एरोसिटी के एक निर्माणाधीन होटल में ले गया और बताया कि ये होटल उसका है. उसने होटल के फर्ज़ी कागज भी दिखाए. 

आरोपी राजकुमार ने सोहन लाल से कहा कि अगर पीड़ित उसके होटल में निवेश करेगा तो वो होटल के 50 प्रतिशत शेयर पीड़ित को ट्रांसफर कर देगा. लेकिन इसके बदले में पीड़ित को अपनी कनाडा की 10-12 संपत्तियां उसे देनी होगीं. 


होटल के नाम पर करोड़ों इन्वेस्ट

पीड़ित सोहनलाल के वकील सुनील शर्मा ने बताया कि पीड़ित बुज़ुर्ग कारोबारी इस डील के लिए तैयार हो गए. उन्होंने होटल के नाम पर करोड़ों रुपये निवेश कर दिए. इसके बाद आरोपी ने पीड़ित की कनाडा की संपत्तियां भी अपनी एक कंपनी के नाम ट्रांसफर करा लीं और उन्हें गिरवी रखकर 5.50 करोड़ रुपये ले लिए.

इसके बाद आरोपी राजकुमार ने पीड़ित से कहा कि वो होटल उसने किसी बड़े कारोबारी को बेच दिया है. पैसा मिलते ही उसका हिस्सा वापस दे दिया जाएगा. लेकिन कई बार कहने के बाद भी जब पीड़ित को पैसा नहीं मिला तो उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. 

पीड़ित सोहनलाल के वकील सुनील शर्मा ने बताया कि पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपी को जनकपुरी से गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस के मुताबिक आरोपी फर्ज़ी दस्तावेज बनवाकर लोगों से इसी तरह ठगी करता था. आरोपी राजकुमार खत्री पर आईजीआई और विकासपुरी इलाके में भी ठगी के मामले दर्ज हैं.

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राजकुमार खत्री खुद को अखिल भारतीय हस्तशिल्प संघ का अध्यक्ष और त्रिमूर्ति इम्पेक्स का मालिक बताता था. वह भारत में कई कंपनियां, एनजीओ और व्यवसाय चलाता है. उधर, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी राजकुमार के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है. ईओडब्ल्यू की टीम राजकुमार खत्री को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है.

 

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