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दिल्ली में फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा, करोड़ों की ठगी करने वाले 18 लड़के और 3 लड़कियां गिरफ्तार

आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वो, लोगों को अमेज़न टेक्निकल सपोर्ट टीम का हिस्सा होने का झांसा देते थे. पहले वह अपने शिकार को रिकॉर्डेड मैसेज भेजते थे, उसके बाद उनसे कहते थे कि उनके अकाउंट से अवैध खरीदारी हुई है.

दिल्ली पुलिस ने ईस्ट दिल्ली इलाके में फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा किया है (सांकेतिक तस्वीर) दिल्ली पुलिस ने ईस्ट दिल्ली इलाके में फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा किया है (सांकेतिक तस्वीर)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • अमेजन की टेक्निकल टीम का हिस्सा बताकर करते थे ठगी
  • पुलिस ने छापेमारी में 21 लोगों को गिरफ्तार किया है

दिल्ली पुलिस ने ईस्ट दिल्ली इलाके में चल रहे एक फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है. इस कॉल सेंटर के जरिए अब तक विदेशों में बैठे हुए सैकड़ों लोगों के साथ करीब 7 से 8 करोड़ रुपए की ठगी की गयी है. पुलिस ने इस मामले में 18 लड़के और 3 लड़कियों को पकड़ा है, जबकि कॉल सेंटर चलाने वाले मुख्य तीन आरोपियों को पुलिस तलाश रही है.

ऑनलाइन शॉपिंग की मशहूर कंपनी अमेजन की टेक्निकल टीम का हिस्सा बताकर यह गैंग अमेरिकी नागरिकों से ठगी करता था. पुलिस ने इनसे 24 डेस्क टॉप और 38 मोबाइल बरामद किए हैं. यहां सस्ते रेट पर सामान बेचने का ऑफर देकर भी ठगी का धंधा चलाया जा रहा था. 

डीसीपी ईस्ट दीपक यादव ने बताया कि स्पेशल स्टाफ को 8 अप्रैल को प्रीत विहार के स्कोप मिनार के करीब डीडीए कॉम्प्लेक्स में अमेजन कंपनी के नाम पर फर्जी कॉल सेंटर चलने की खबर मिली थी. इंस्पेक्टर सतेंद्र खारी, एसआई निहित, एएसाई अमित कुमार, शैलेश, प्रमोद, एचसी महेंद्र और सिपाही अनुज की टीम बनाई गई. टीम ने गुरुवार रात करीब 11 बजे छापेमारी कर मैनेजर, सुपरवाइजर्स और ऑपरेटर्स को हिरासत में लिया. आरोपी अमेजन के नाम पर सर्विस देने का झांसा देकर अमेरिकी नागरिकों से ठगी कर रहे थे.

डीसीपी दीपक यादव ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया है. आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वो, लोगों को अमेज़न टेक्निकल सपोर्ट टीम का हिस्सा होने का झांसा देते थे. पहले वह अपने शिकार को रिकॉर्डेड मैसेज भेजते थे, उसके बाद उनसे कहते थे कि उनके अकाउंट से अवैध खरीदारी हुई है.

इस कॉल सेंटर को चलाने वाले तीनों आरोपी इंटरव्यू के दौरान भर्ती किए जाने वाले कैंडिडेट की अंग्रेजी की पड़ताल करते थे. वहीं  जरूरत पड़ते पर उनको अंग्रेजी बोलने की बाकायदा ट्रेनिंग भी दी जाती थी. ट्रेनिंग यह भी दी जाती थी कि उनका एक्सेंट अमेरिकन हो. एक कॉलर को औसतन 25 से 30 हजार रुपए, जबकि टीम लीडर को 50 से 60 हजार रुपए सैलरी दी जाती थी. 

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