scorecardresearch
 

जॉब का झांसा, फर्जी खाते और ऑनलाइन ठगी, बस्ती पुलिस ने ऐसे किया करोड़ों की ठगी का खुलासा

बस्ती के पुलिस अधीक्षक हेमराज मीना के आदेश पर जिले में साइबर अपराधियों पर अकुंश लगाए जाने का अभियान चल रहा है. साइबर सेल के प्रभारी मजहर खान ने बताया कि गुरुवार को करोड़ों की ऑनलाइन ठगी में शामिल रंजीत कुमार गुप्ता और रितेश कुमार को मूडघाट तिराहे के पास फोरलेन से गिरफ्तार कर लिया गया.

पुलिस टीम ने दोनों शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया पुलिस टीम ने दोनों शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया
स्टोरी हाइलाइट्स
  • पहले नौजवानों को देते थे नौकरी का झांसा
  • फिर उनकी आईडी पर खुलवाते थे बैंक खाते
  • करोड़ों की ठगी करने की बात कबूली

उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में पुलिस के साइबर सेल ने फर्जी वेबसाइट और ई-मेल के जरिए लोगों से करोड़ो रुपये की ऑनलाइन ठगी करने वाले अंतरराज्यीय  गिरोह का पर्दाफाश किया है. पुलिस इस गैंग के दो शातिर साइबर अराधियों को गिरफ्तार किया है, जिनकी पहचान रंजीत कुमार गुप्ता और रितेश कुमार के तौर पर हुई है. आरोपी रंजीत के खिलाफ बस्ती जिले में पहले से चार मुकदमे दर्ज हैं.
 
बस्ती के पुलिस अधीक्षक हेमराज मीना के आदेश पर जिले में साइबर अपराधियों पर अकुंश लगाए जाने का अभियान चल रहा है. साइबर सेल के प्रभारी मजहर खान ने जानकारी देते हुए बताया कि गुरुवार को करोड़ों की ऑनलाइन ठगी में शामिल रंजीत कुमार गुप्ता और रितेश कुमार को मूडघाट तिराहे के पास फोरलेन से गिरफ्तार कर लिया गया. इन दोनों के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 66सी, आईटी एक्ट के अलावा आईपीसी की धारा 419, 467 ,468, 471 के तहत मुकदमा अपराध संख्या 06/2021 दर्ज किया गया था. 

जिले के एएसपी रवीन्द्र कुमार सिंह के निर्देशन में सीओ (सदर) गिरीश कुमार सिंह के पर्यवेक्षण में कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक रामपाल यादव, एसओजी प्रभारी राजेश कुमार मिश्र, साइबर सेल के प्रभारी एसआई मजहर और सर्विलांस सेल की टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए दोनों शातिर बदमाशों को धर दबोचा. जिसमें बस्ती की आवास विकास कालोनी में रहने वाला रंजीत कुमार गुप्ता और गोरखपुर के कोतवाली क्षेत्र का निवासी रितेश कुमार उर्फ रिक्की शामिल है. 

साइबर सेल के प्रभारी मजहर खान के अनुसार पूछताछ में रंजीत कुमार गुप्ता ने बताया कि उनके गैंग के लोग दूसरे व्यक्तियों के नाम का खाता खुलवाकर उनका आधार कार्ड, पासबुक, एटीएम कार्ड और क्रेडिट कार्ड आदि सब ले लेते हैं. जिस व्यक्ति का खाता खुलवाते हैं, उसे बता देते हैं कि उनकी कंपनी में उन्हें जॉब मिल जायेगी और तुम्हारे खाते में कंपनी वेतन और कमीशन डालेगी. इसके लिए ये खाता संख्या, पैन कार्ड, आधार कार्ड, एटीएम कार्ड सब कंपनी में देना है. ये सब जमा होने के बाद वेरिफिकेशन होगा, तब आपकी नौकरी पक्की हो जाएगी.

देखेंः आज तक Live TV

आरोपी ने पूछताछ में खुलासा किया कि वो और रितेश अग्रहरी साथ-साथ रहकर नए बेरोजगार नौजवानों को नौकरी का झांसा देकर उनका खाता किसी भी बैंक में खुलवा देते हैं. फिर उन्ही का फोटो लगाकर कुछ फर्जी आधार कार्ड और दूसरा खाता भी खुलवा लेते हैं. उनके गैंग के सदस्य बैंकों के क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड का डाटा फर्जी वेबसाइट बनाकर लेते हैं. उसी डाटा के आधार पर वे दूसरे लोगों के खाते से रुपये उनके द्वारा खुलवाए गए खातों में ट्रान्सफर करते हैं और उसे निकाल लेते हैं. 

आरोपी रंजीत कुमार गुप्ता ने पुलिस को बताया कि उनका गैंग ये काम पिछले पांच वर्षो से कर रहा है. इस गैंग ने देश के विभिन्न राज्यों में कई व्यक्तियों के साथ ठगी की है. आरोपी ने बताया कि वे अब तक करोड़ों रुपये की ठगी कर चुके हैं. पुलिस के अनुसार बीते वर्ष में इस गैंग ने लगभग 1 करोड़, 50 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी की है. इस गैंग के सदस्यों ठगी के पैसे से जो भी सम्पत्ति अर्जित की है, उसका पता लगाकर जब्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी. अब पुलिस इस गैंग के दूसरे शातिर अपराधियों की तलाश कर रही है. 

एसआई मजहर खान के मुताबिक पकड़े गए शातिर साइबर अपराधी रंजीत कुमार गुप्ता के खिलाफ बस्ती जिले के थाना कोतवाली में पहले से आईपीसी की धारा 420 और 419 के चार मामले दर्ज हैं. इनमें से तीन मामले वर्ष 2018 में दर्ज किए गए थे, जबकि एक मामला 2017 का है. पुलिस ने इस दोनों के कब्जे से 5 आधार कार्ड, 1 पैन कार्ड, 1 वोटर कार्ड, 3 एटीएम कार्ड , 2 दिल्ली मेट्रो कार्ड, 7 मोबाइल फोन, 1 बैंक पासबुक, 1 चेकबुक, 1 अकाउंट ओपनिंग फार्म, अलग-अलग कंपनियों के 4 सिम कार्ड, 2500 रुपये नगद और 1 इको स्पोर्ट कार  (यूपी 51 एडी 2220) बरामद की है. आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है.

 

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें