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बच्चों के झगड़े में थाने ले गई पुलिस, इलाज के दौरान दलित की मौत... दो पुलिसकर्मी सस्पेंड, 6 पर FIR

उत्तर प्रदेश के बलिया में एक दलित व्यक्ति की इलाज के दौरान मौत के बाद पुलिस पर गंभीर आरोप लगे हैं. परिजनों का दावा है कि थाने में पिटाई के कारण उसकी हालत बिगड़ी और बाद में इलाज के दौरान मौत हो गई. मामले में एक उपनिरीक्षक, एक सिपाही और ग्राम प्रधान समेत छह लोगों पर केस दर्ज किया गया है, जबकि दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है.

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पुलिस की पिटाई से मौत का आरोप.(Photo: Screengrab)
पुलिस की पिटाई से मौत का आरोप.(Photo: Screengrab)

उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में एक दलित व्यक्ति की मौत के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. परिजनों ने आरोप लगाया है कि पुलिस की पिटाई से घायल हुए व्यक्ति की इलाज के दौरान मौत हो गई. घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने शव रखकर सड़क जाम कर दिया और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की. 

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने एक उपनिरीक्षक, एक सिपाही और ग्राम प्रधान समेत छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है. मामला रेवती थाना क्षेत्र के गायघाट गांव का है. मृतक की पहचान कामजी गोंड के रूप में हुई है. परिजनों के मुताबिक, 7 जुलाई को बच्चों के बीच हुए विवाद के बाद 8 जुलाई को पुलिस कामजी गोंड को पूछताछ के लिए थाने ले गई थी.

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परिजनों का आरोप है कि थाने में कामजी गोंड के साथ मारपीट की गई. इसके बाद पुलिस ने उन्हें ग्राम प्रधान लालू सिंह के सुपुर्द कर दिया. आरोप है कि ग्राम प्रधान उन्हें एक मठिया पर छोड़कर चला गया, जहां से गांव के बच्चों ने उन्हें देखा और परिवार को सूचना दी.

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इलाज के दौरान मौत, परिजनों ने लगाया गंभीर आरोप

परिजनों का कहना है कि जब वे मौके पर पहुंचे तो कामजी गोंड की हालत बेहद खराब थी. उन्हें पहले इलाज के लिए बलिया ले जाया गया, लेकिन हालत गंभीर होने पर वाराणसी रेफर कर दिया गया. वाराणसी में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.

मृतक का शव गांव पहुंचते ही परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया. लोगों ने गायघाट में बलिया-रेवती मार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया और पुलिस के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. काफी देर तक सड़क पर प्रदर्शन चलता रहा.

पीड़ित परिवार की तहरीर के आधार पर पुलिस ने रेवती थाने के एक उपनिरीक्षक, एक सिपाही, ग्राम प्रधान लालू सिंह समेत कुल छह लोगों के खिलाफ हत्या सहित अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है. मामले की जांच जारी है.

दो पुलिसकर्मी निलंबित, मजिस्ट्रेट जांच की सिफारिश

आजमगढ़ परिक्षेत्र के डीआईजी ने बताया कि मामले में प्रथम दृष्टया लापरवाही सामने आने पर रेवती थाने के एक उपनिरीक्षक और एक कांस्टेबल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है.

डीआईजी के मुताबिक पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए मजिस्ट्रेट जांच कराने की सिफारिश भी की गई है. साथ ही पीड़ित परिवार की शिकायत के आधार पर पुलिसकर्मियों समेत छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है.

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फिलहाल, पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मेडिकल रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके अनुसार कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी.

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