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छत पर बॉयफ्रेंड की पार्टी, जमीन पर गर्लफ्रेंड की लाश... दिल दहला देगी जान्हवी कुकरेजा मर्डर की कहानी

छत पर न्यू ईयर पार्टी और कुछ घंटों बाद जमीन पर एक लड़की की लाश. जान्हवी कुकरेजा मर्डर केस की कहानी जितनी चौंकाने वाली है, उतनी ही दिल दहला देने वाली भी. पांच साल तक चली कानूनी लड़ाई के बाद कोर्ट ने इस हत्याकांड में फैसला सुनाया, जिसने रिश्तों, शक और हिंसा की खौफनाक तस्वीर सामने रख दी.

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मुंबई के जान्हवी कुकरेजा हत्याकांड में बॉयफ्रेंड श्री जोगधंकर को उम्रकैद की सजा मिली है. (Photo: ITG)
मुंबई के जान्हवी कुकरेजा हत्याकांड में बॉयफ्रेंड श्री जोगधंकर को उम्रकैद की सजा मिली है. (Photo: ITG)

31 दिसंबर 2020 की रात जान्हवी कुकरेजा के लिए खास थी. मुंबई के सांताक्रूज इलाके में रहने वाली 19 साल की जान्हवी उस दिन अपने पिता का जन्मदिन मना रही थी. घर पर छोटी सी पार्टी रखी गई थी, जिसमें उसके दो करीबी दोस्त शामिल हुए. एक उसका बॉयफ्रेंड श्री जोगधंकर और दूसरी कॉमन फ्रेंड दीया पाडनकर. किसी को अंदाजा नहीं था कि जश्न की यह रात सुबह एक खौफनाक हत्याकांड में बदल जाएगी.

घर की पार्टी के बाद जान्हवी कुकरेजा अपने दोनों दोस्तों श्री जोगधंकर और दीया पाडनकर के साथ सांताक्रूज से कुछ दूरी पर खार स्थित भगवती हाइट्स नाम की हाईराइज बिल्डिंग पहुंची. यहां उनके कॉमन फ्रेंड यश आहूजा ने अपने घर की छत पर न्यू ईयर पार्टी रखी थी. शराब का दौर चला और रात जैसे-जैसे गहराती गई, माहौल भी बिगड़ता चला गया. उस पार्टी में मौजूद ज्यादातर लोग मदहोश हो गए थे.

31 दिसंबर और 1 जनवरी की दरमियानी रात करीब 2 बजे जान्हवी कुकरेजा ने 16वीं मंजिल पर ऐसा दृश्य देखा, जिसने उसकी दुनिया हिला दी. उसने अपने बॉयफ्रेंड श्री जोगधंकर और कॉमन फ्रेंड दीया पाडनकर को आपत्तिजनक हालत में देख लिया. जान्हवी ने इसका विरोध किया, जो जोगधंकर को नगवार गुजरा. दोनों के बीच बातचीत देखते ही देखते पहले झगड़ा फिर हिंसा में बदल गई.

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बेरहमी से मारपीट के बाद जान्हवी को दूसरी मंजिल से फेंका

आरोप है कि शराब और गुस्से में जोगधंकर ने जान्हवी के बाल खींचे और उसके साथ बेरहमी से मारपीट कर डाली. उसके सिर पर नुकीली चीज से वार किया गया. इसके बाद जान्हवी को दूसरी मंजिल से धक्का दे दिया गया. पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि वारदात के बाद जान्हवी के शव को पांचवीं मंजिल तक सीढ़ियों से नीचे घसीटा गया, जिसके निशान मिले थे. इसी बीच किसी ने पुलिस को सूचना दी. 

खून से लथपथ जान्हवी के शरीर पर मिले 48 चोटों के निशान

मौके पर पहुंची पुलिस ने जान्हवी कुकरेजा को खून से लथपथ हालात में पाया. उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने हत्या की भयावहता को उजागर कर दिया. जान्हवी के शरीर पर 48 चोटों के निशान पाए गए. पुलिस ने श्री जोगधंकर और दीया पाडनकर के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया. 

जान्हवी की मां ने कहा था- बेटी के लिए न्याय नहीं चाहती हूं...

इसके बाद मामला कोर्ट पहुंचा, जहां करीब पांच साल तक सुनवाई चली. कोर्ट में जान्हवी की मां निधि कुकरेजा की ओर से पेश वकील त्रिवनकुमार करनानी ने दलील दी कि यह हत्या बेहद क्रूर और बर्बर तरीके से की गई. सुनवाई के दौरान निधि कुकरेजा भावुक हो गईं. उन्होंने कहा कि वह बदला नहीं चाहतीं, बल्कि अपनी बेटी के लिए न्याय और गरिमा चाहती हैं, ताकि संदेश मिले कि जान्हवी की जिंदगी कीमती थी.

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बिल्डिंग की CCTV में जान्हवी के शव ले जाता दिखा जोगधंकर

स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर प्रदीप घरात ने कोर्ट को बताया कि जान्हवी कुकरेजा के शरीर पर 40 से ज्यादा चोटें थीं. प्रॉसिक्यूशन ने बिल्डिंग के सीसीटीवी फुटेज पर भी भरोसा जताया, जिसमें जोगधंकर को उस जगह से नीचे जाते हुए देखा गया, जहां जान्हवी की लाश पड़ी हुई मिली थी. कोर्ट में दलील दी गई कि यदि आरोपी बेगुनाह होता, तो खून से लथपथ शव को देखने के बाद शोर मचाता.

कोर्ट ने परिस्थितिजन्य सबूतों के आधार पर फैसला सुनाया

प्रॉसिक्यूशन ने यह भी कहा कि श्री जोगधंकर ने अपनी चोटों को लेकर विरोधाभासी बयान दिए. उसने अस्पताल में डॉक्टर को गलत कहानी सुनाई. वहीं बचाव पक्ष का दावा था कि जोगधंकर पार्टी छोड़ने के बाद जान्हवी से बात कर चुका था और उस पर किसी अज्ञात व्यक्ति ने अंधेरे में हमला किया था. हालांकि, कोर्ट ने परिस्थितिजन्य सबूतों के आधार पर अपना फैसला सुनाया है. 

आरोपी के फ्लर्ट वाले व्यवहार से बेहद परेशान थी जान्हवी

एडिशनल सेशंस जज सत्यनारायण नवंदर ने कहा कि पार्टी के दौरान आरोपी के फ्लर्ट वाले व्यवहार से जान्हवी बेहद परेशान थी. वो सीढ़ियों की ओर चली गई. दूसरी मंजिल पर दोनों के बीच झगड़ा हुआ, जो हाथापाई में बदला और गुस्से में आकर जोगधंकर ने उसे धक्का दे दिया. कोर्ट ने कहा कि किसी को दूसरी मंजिल से धक्का देना जानलेवा हो सकता है और यह कृत्य हत्या की श्रेणी में आता है. 

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दीया पाडनकर को कोर्ट ने इन वजहों से कर दिया बरी

इस घटना के बाद आरोपी का बेपरवाह रवैया भी उसके खिलाफ गया. इन आधारों पर कोर्ट ने श्री जोगधंकर को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई. कोर्ट ने यह भी कहा कि दीया पाडनकर की मौके पर मौजूदगी तो साबित होती है, लेकिन हत्या में उसकी सीधी भूमिका या साझा इरादा साबित नहीं हो सका. इसी वजह से उसे संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया है.

फैसले का अध्ययन कर कानूनी रणनीति तय करेगा पीड़ित पक्ष

फैसले के बाद जान्हवी कुकरेजा की मां निधि कुकरेजा ने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर भरोसा है, लेकिन वो दीया पाडनकर के बरी होने से संतुष्ट नहीं हैं. उनके वकील ने बताया कि फैसले का अध्ययन कर आगे की कानूनी रणनीति तय की जाएगी. फिलहाल पांच साल पहले हुए इस जघन्य हत्याकांड में अपराधी को उम्रकैद की सजा मिलना पीड़िता के लिए इंसाफ की लड़ाई में जीत है.

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इनपुट- पीटीआई
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