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मासूम प्रद्युम्न के कत्ल की कहानी सीसीटीवी की जुबानी

गुड़गांव के रेयान इंटरनेशनल स्कूल में हुए जघन्य हत्याकांड के बारे में पिछले एक हफ्ते से हर कोई यही बात कर रहा है कि क्या सचमुच बस कंडक्टर अशोक ने ही प्रद्यूमन को मारा है? या फिर कातिल कोई और है? शक कत्ल के मकसद को लेकर भी किया जा रहा है. मगर हम आपके सामने जो खुलासा करने जा रहे हैं उसके बाद शायद आप लोगों को सारे सवालों के जवाब मिल जाएं. वारदात वाली सुबह रेयान स्कूल के सारे सीसीटीवी कैमरे खराब नहीं थे. बल्कि कुछ कैमरे काम कर रहे थे और उनकी रिकार्डिंग गुड़गांव पुलिस के पास है.

CCTV के मुताबिक महज 17 मिनट में एक मासूम की मौत का किस्सा खत्म हो जाता है CCTV के मुताबिक महज 17 मिनट में एक मासूम की मौत का किस्सा खत्म हो जाता है

गुड़गांव के रेयान इंटरनेशनल स्कूल में हुए जघन्य हत्याकांड के बारे में पिछले एक हफ्ते से हर कोई यही बात कर रहा है कि क्या सचमुच बस कंडक्टर अशोक ने ही प्रद्यूमन को मारा है? या फिर कातिल कोई और है? शक कत्ल के मकसद को लेकर भी किया जा रहा है. मगर हम आपके सामने जो खुलासा करने जा रहे हैं उसके बाद शायद आप लोगों को सारे सवालों के जवाब मिल जाएं. वारदात वाली सुबह रेयान स्कूल के सारे सीसीटीवी कैमरे खराब नहीं थे. बल्कि कुछ कैमरे काम कर रहे थे और उनकी रिकार्डिंग गुड़गांव पुलिस के पास है. सीसीटीवी के उन्हीं कैमरों की जुबानी पेश है प्रद्यूमन की आखिरी 17 मिनट की कहानी.

8 सितंबर 2017, सुबह 7 बजकर 45 मिनट, रेयान इंटरनेशनल स्कूल, गुड़गांव

स्कूल में 7 बजकर 50 मिनट पर क्लास शुरू हो जाती है, लिहाजा बच्चों को लेकर करीब-करीब सभी बसें स्कूल पहुंच चुकी थीं. स्कूल में इम्तेहान चल रहा था इसलिए असेंबली भी क्लास में हो रही थी. तभी 7 बजकर 40 मिनट पर वो बस आती हैं जिसका कंडक्टर अशोक था. सारे बच्चों के बस से उतर जाने के बाद ड्राइवर बस को ले जाकर स्कूल के अंदर ही पार्क कर देता है जबकि अशोक इसी मेन गेट से स्कूल के अंदर चला जाता है. स्कूल के अंदर जाने के बाद अशोक सीधे टॉय़लेट में जाता है. ये टॉय़लेट प्रद्यूम्न के क्लास रूम के बेहद करीब है.

8 सितंबर 2017, 7 बजकर 55 मिनट

यही वो वक्त था जब प्रद्य़ूम्न के पापा उसे और उसकी बहन को स्कूल के मेन गेट पर छोड़ते हैं और वापस चले जाते हैं. तब तक क्लास के अंदर असेंबली शुरू हो चुकी थी. स्कूल में दाखिल होने के बाद प्रद्य़ूम्न की बहन अपनी क्लास में चली जाती है जबकि प्रद्य़ूमन क्लास में नहीं जाता बल्कि वो सीधे उसी बाथरूम में जाता है, जिसमें कुछ देर पहले अशोक गया था. यही वजह है कि बाथरूम जाते वक्त प्रद्य़ूम्न का बस्ता भी उसी के पास था.

स्कूल के अंदर जिस जगह पर ये बाथरूम है उसके आसपास सीसीटीवी कैमरे भी लगे हैं. ये कैमरे बाथरूम के बाहर लगे थे. इनमें से ही एक कैमरे में अशोक का बाथरूम मे जाना और फिर प्रद्यूम्न का वहां जाना दोनों तस्वीरें कैद हैं. जिस वक्त ये वारदात हुई उस वक्त की तस्वीरों से ये भी साफ है कि बाथरूम में तब कोई तीसरा नहीं था. क्योंकि किसी तीसरे के वहां आने-जाने की तस्वीरें नहीं हैं. इसकी एक वजह ये भी हो सकती है कि 7 बज कर 50 मिनट के बाद क्लास शुरू हो चुकी थी और सारे बच्चे और टीचर तब क्लास रूम में थे.

8 सितंबर 2017, 8 बजकर 5 मिनट

यही वो वक्त था जब अशोक बाथरूम के बाहर करीब ही पानी पीते सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ था. यानी तब तक वो बाहर आ चुका था. इसके बाद खून से लथपथ प्रद्यूम्न बाथरूम के अंदर से जमीन पर घिसटते हुए बाहर निकलता है. उसके मुंह से कोई आवाज नहीं निकल रही थी. एक हाथ से वो अपनी गर्दन पकड़े हुए था. बाहर आकर इसी कॉरीडोर में वो एक जगह रुक जाता है.

प्रद्यूम्न को बाथरूम से बाहर इस तरह जमीन पर पड़े हुए तब सबसे पहले स्कूल का माली देखता है. स्कूल का माली भी कैमरे में कैद है. इसके बाद माली सबसे पहले शोर मचाता है. जिसके बाद आसपास की क्लास से कुछ टीचर निकल कर बाहर आती हैं. टीचर प्रद्य़ूम्न की ये हालत देख कर लगभग चीख पड़ती हैं और कुछ तो रोने लगती हैं. इसी हंगामे का भीड़ का फायदा उठा कर तभी अशोक भी वहां आ पहुंचता है. वह जल्दी-जल्दी प्रद्यूम्न को उठाने लगता है. ऐसा शायद इसलिए ताकि उसकी कमीज पर जो खून के निशान थे, वो मदद के नाम पर छुप जाएं. यानी ऐसा लगे कि प्रद्यूम्न को उठाने की वजह से उसकी कमीज पर खून लगा है.

इसके बाद एक टीचर की गाड़ी में प्रद्य़ूम्न को डालकर अस्पताल ले जाया जाता है. जहां डॉक्टर उसे मृत घोषित कर देते हैं. ये तो रही उस कैमरे की जुबानी कहानी जो पुलिस के पास है. पुलिस की तफ्तीश और सीसीटीवी कैमरे से बाहर आई है. जो जल्द ही पुलिस की चार्जशीट का हिस्सा भी बनने वाले हैं.

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