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हरियाणा: मूर्तिकार ने गढ़े 'कोरोना वॉरियर्स', कोविड से जंग में याद किया जाएगा योगदान

मूर्तिकार नरेश कुमावत ने कहा है कि चिकित्साकर्मी योद्धा के रूप में उन्होंने एक महिला डॉक्टर को रखा है. इसके पीछे वजह ये है कि इसमें आधी दुनिया के त्याग और समर्पण की नुमाइंदगी होती है. साथ ही एक महिला प्रेरणा, कर्तव्य निष्ठा और कल्पना की भी मूर्ति होती है.

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कोरोना योद्धा के साथ मूर्तिकार नरेश कुमावत (फोटो-आजतक)
कोरोना योद्धा के साथ मूर्तिकार नरेश कुमावत (फोटो-आजतक)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • मूर्तिकार ने गढ़े कोरोना वॉरियर्स
  • स्वास्थ्य, स्वच्छता और सुरक्षाकर्मी शामिल
  • हरियाणा के शहरों में लगेगी प्रतिमाएं

कोरोना से जंग में तीन समूह के लोगों ने सबसे ज्यादा योगदान दिया है. ये हैं स्वास्थ्यकर्मी, स्वच्छताकर्मी और सुरक्षाकर्मी.  इन कोरोना योद्धाओं ने ही इस बीमारी से सीधा मुकाबला किया है और इसे शिकस्त दे रहे हैं. इन तीनों के योगदान को याद करते हुए एक मूर्तिकार ने इनकी मूर्तियां बनाई हैं. 

राजस्थान के पिलानी के रहने वाले और मानेसर में काम करने वाले मूर्तिकार नरेश कुमावत ने कोरोना वॉरियर्स के रूप में स्वास्थ्यकर्मी, स्वच्छताकर्मी और सुरक्षाकर्मी की तीन मूर्तियां बनाई है. 

नरेश कुमावत ने कहा है कि चिकित्साकर्मी योद्धा के रूप में उन्होंने एक महिला डॉक्टर को रखा है. इसके पीछे वजह ये है कि इसमें आधी दुनिया के त्याग और समर्पण की नुमाइंदगी होती है. साथ ही एक महिला प्रेरणा, कर्तव्य निष्ठा और कल्पना की भी मूर्ति होती है.

इसके अलावा उन्होंने अपने कर्तव्य के आगे कोरोना वायरस से न डरने वाले और न ही हार मानने वाले सुरक्षाकर्मियों और स्वास्थ्यकर्मियों की प्रतिमाएं बनाई हैं. मूर्तिकार कुमावत ने कहा कि इनकी मेहनत और हिम्मत की वजह से ही जनता के हौसले बुलंद रहे. इसलिए उन्होंने इनके ये आकार गढ़े. 

नरेश कुमावत कहते हैं कि कोरोना वायरस को इतिहास के पन्नों में समाना ही होगा. जब पूरी दुनिया में कहर बरपाने वाला ये वायरस और इसका संक्रमण इतिहास बन जाएगा तो इसका स्मारक भी बनाया जाएगा. आने वाली पीढ़ियां जैसे प्लेग, कोलेरा, हैजा जैसी महामारियों के बारे में पढ़ती हैं वैसे ही कोरोना वायरस और संक्रमण के बारे में भी जानेंगी.

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अब हरियाणा सरकार चंडीगढ़ सहित कई बड़े शहरों के मुख्य चौराहों पर कोरोना वॉरियर्स की ये प्रतिमाएं स्मारक के तौर पर लगाने जा रही है.

नरेश कुमावत ने दुनिया के 60 से ज्यादा देशों में दो सौ मीटर ऊंची प्रतिमाएं गढ़ी और स्थापित की हैं. इनमें भगवान के विभिन्न स्वरूप, देसी विदेशी नेता, हस्तियां और गायक कलाकारों की प्रतिमाएं शामिल हैं. अयोध्या में सरयू तट पर भगवान राम की ढाई सौ मीटर ऊंची प्रतिमा, शिमला के जाखू में पहाड़ की चोटी पर हनुमान जी की विशाल प्रतिमा और श्रीनाथद्वारा में शिवजी की प्रतिमा भी इसी फेहरिस्त में शामिल है. 
 

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