होर्मुज टेंशन (Hormuz Tension) जारी है, इसे लेकर अमेरिका और ईरान में ठनी हुई है. भले ही मिडिल ईस्ट युद्ध में अभी दोनों देशों के बीच सीजफायर चल रहा है, लेकिन तेल-गैस की सप्लाई पर संकट बरकरार है. भारत में खासतौर पर एलपीजी क्राइसिस (LPG Crisis India) से निपटने के लिए सरकार ने तमाम कदम उठाए हैं और उनका फायदा भी मिल रहा है.
सरकार द्वारा उठाए गए इन कदमों में घरेलू एलपीजी प्रोडक्शन में इजाफे के साथ ही सिर्फ खाड़ी देशों पर निर्भरता न रखकर अन्य देशों से गैस का आयात शामिल है. अब सरकारी तेल कंपनियों ने स्पॉट मार्केट से खरीदारी भी शुरू कर दी है, ताकि किसी भी स्थिति में देश के लोगों को सप्लाई में कमी की दिक्कतों का सामना न करना पड़े.
स्पॉट मार्केट में खरीदारी शुरू!
वेस्ट एशिया में तनाव के कारण गैस सप्लाई अभी भी बाधित चल रही है. टीओआई की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि इसे घरों और कमर्शियल जगहों पर एलपीजी गैस सिलेंडर की डिमांड को पूरा करने के लिए स्पॉट मार्केट से खरीदारी शुरू की गई है. यहां से लगातार LPG कार्गो हासिल किए जा रहे हैं.
इससे जुड़े सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि भारत की सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) ने देश में एलपीजी सप्लाई सुचारू रखने के लिए अमेरिका से टाइअप भी किया है. स्पॉप मार्केट से एलपीजी कार्गो जून और जुलाई में भारत पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है.
'जहां से मिलेगी, हम खरीदेंगे LPG'
रिपोर्ट में पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मिनिस्ट्री की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा के हवाले से कहा गया है कि अमेरिका-इजरायल और ईरान में लड़ाई शुरू होने से पहले भारत अपनी LPG ज़रूरत का लगभग 60% इम्पोर्ट करता था. लेकिन एलपीजी संकट के बीच सरकार द्वारा घरेलू प्रोडक्शन बढ़ाने के दिए गए आदेश के चलते उत्पादन में बड़ा इजाफा हुआ है और भारत की इंपोर्ट डिपेंडेंसी कम हुई है.
उन्होंने बताया कि सरकार की प्राथमिकता घरेलू सप्लाई को पूरा करना है और इसके लिए जहां से भी मुमकिन होगा, वहीं से कार्गो मंगाया जाएगा. मंत्रालय की ओर से शेयर किए गए आंकड़ों को देखें, तो भारत में रोजाना करीब 80,000 टन LPG की जरूरत है.
वहीं देश में घरेलू एलपीजी प्रोडक्शन करीब 20 फीसदी बढ़कर अब 46,000 टन किया जा चुका है. इसके अलावा बाकी की जरूरत की गैस अब कई देशों से आ रही है. पहले जहां 10 देशों से एलपीजी आयात किया जाता था, तो अब ऐसे देशों की संख्या बढ़कर 15 हो गई है.
अब इन देशों से ज्यादा आयात
युद्ध से पहले भारत की जरूरत की 90% एलपीजी तमाम खाड़ी देशों से होती थी. इनमें UAE, कतर, सऊदी अरब, कुवैत, बहरीन और ओमान शामिल थे. वहीं LPG Crisis के बीच इंपोर्ट डेस्टिनेशंस में विविधिकरण के सरकार के प्लान बी (Modi Govt Plab-B ) के चलते अब लेकिन अब ज्यादातर खरीदारी अमेरिका, नॉर्वे, कनाडा, अल्जीरिया और रूस जैसे देशों से हो रही है. बीते दिनों सरकार की ओर से साफ किया गया था कि करीब 8 लाख टन एलपीजी का कार्गो पहले ही सुरक्षित कर लिया गया है और रास्ते में है.