scorecardresearch
 
Advertisement
यूटिलिटी

सैलरी, बोनस और ग्रेच्‍युटी... न्‍यू लेबर कोड से कर्मचारियों की बल्‍ले-बल्‍ले!

नए श्रम कानूनों में खास बदलाव
  • 1/6

देश में पुराने श्रम कानूनों को खत्म करके नए श्रम कानूनों को पेश किया गया है, जो पहले से काफी आसान और कैटेगराइज हैं. साथ ही इस नए कानून में कुछ अहम बदलाव भी हुए हैं, जो प्राइवेट सेक्‍टर में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए फायदेमंद है. 

सैलरी से ग्रुेच्‍युटी का नियम बदला
  • 2/6

नए लेबर कानून में सैलरी स्‍ट्रक्‍चर, सोशल सिक्‍योरिटी, बोनस और ग्रेच्‍युटी जैसे नियमों में बदलाव किया गया है. अगर आप भी प्राइवेट सेक्‍टर में काम करते हैं तो आइए जानते हैं अब आपको क्‍या-क्‍या लाभ मिलने वाले हैं? 
 

सैलरी स्‍ट्रक्‍चर
  • 3/6

सैलरी स्‍ट्रक्‍चर
नए लेबर कोड में सैलरी को लेकर 50 फीसदी का नियम रखा गया है. बेसिक पे + DA + अन्‍य अलाउंस जोड़कर 50 फीसदी टेक होम सैलरी और 50 फीसदी पीएफ और ग्रेच्‍युटी में जमा किया जाएगा. इसका मतलब है कि आपको सोशल सिक्‍योरिटी का लाभ ज्‍यादा मिलेगा और नौकरी छोड़ने या रिटारमेंट पर आपके पास एक मोटी रकम होगी. 

Advertisement
ग्रेच्‍युटी का लाभ 
  • 4/6

ग्रेच्‍युटी का लाभ 
नए लेबर कोड के तहत ग्रेच्‍युटी के साल में बदलाव किया गया है. ग्रेच्‍युटी का लाभ देने के लिए उन लोगों को भी जोड़ा गया है, जो पहले इसके तहत शामिल नहीं थे. अब ग्रेच्‍युटी फिक्‍स्‍ट टर्म कर्मचारियों या कॉन्‍ट्रैक्‍ट बेस्‍ड कर्मचारियों को भी दिया जाएगा, जो 5 साल की सर्विस पर नहीं बल्कि 1 साल की सर्विस पर मिलेगा. वहीं रेगुलर कर्मचारियों को ग्रेच्‍युटी का लाभ 5 साल की सर्विस के बाद ही दिया जाएगा. 

तगड़ा बोनस का भी लाभ 
  • 5/6

तगड़ा बोनस का भी लाभ 
सरकार की ओर से न्‍यू लेबर कोड में एक और बड़ा बदलाव किया गया है, जो बोनस को लेकर है. श्रम मंत्रालय के नोटिफिकेशन के मुताबिक, 21,000 रुपये से कम सैलरी वाले लोगों को सालाना बोनस देना अनिवार्य है. अगर कोई कंपनी बोनस नहीं देती है तो उसपर कार्रवाई हो सकती है. यह बोनस 8.33 फीसदी से लेकर 22 फीसदी तक हो सकता है. लेकिन अगर कर्मचारी की सैलरी 21,000 रुपये से ज्‍यादा है तो यह कंपनी के ऊपर है कि उसे बोनस देना है या नहीं. 

कब आया था ये नया श्रम कानून 
  • 6/6

कब आया था ये नया श्रम कानून 
बता दें न्‍यू लेबर कोड का नियम 21 नवंबर 2025 से प्रभावी है और इसके तहत अब सिर्फ 4 श्रम कानून रखे गए हैं, जो कर्मचारियों के नियम पूरा नियम-कायदे पेश करता है और कर्मचारियों को एक सिक्‍योरिटी प्रोवाइड कराता है.

Advertisement
Advertisement