scorecardresearch
 
Advertisement
यूटिलिटी

मेड इन इंडिया बुलेट ट्रेन! BEML ने शुरू की मैन्युफैक्चरिंग, बॉडी से सीट तक... देखें पहली झलक

मेड इन इंडिया बुलेट ट्रेन
  • 1/9

मेड इन इंडिया बुलेट ट्रेन

भारत की पहली स्वदेशी डिजाइन वाली बुलेट ट्रेन आकार ले रही है. खास बात यह है कि भारत में चलने वाली यह बुलेट ट्रेन मेड इन इंडिया होगी. जापानी इंजीनियर्स की देखरेख में भारतीय इंजीनियर्स इस ट्रेन को देश की जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन कर रहे हैं. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML) की बेंगलुरु फैक्ट्री में बन रही देश की पहली बुलेट ट्रेन के निर्माण की झलक साझा की है. यह ट्रेन मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर पर चलेगी.

B28 है पहली स्वदेशी बुलेट ट्रेन का नाम
  • 2/9

B28 है पहली स्वदेशी बुलेट ट्रेन का नाम

भारत की इस पहली स्वदेशी बुलेट ट्रेन को B28 नाम दिया गया है. इसे आधुनिक तकनीक और भारतीय इंजीनियरिंग के मेल से तैयार किया जा रहा है. ट्रेन की मजबूती और हाई-स्पीड परफॉर्मेंस जांचने के लिए स्ट्रक्चरल टेस्टिंग की जा रही है. इसका डिजाइन भारतीय यात्रियों की जरूरतों, आराम और सुरक्षा को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है.

बेंगलुरु की BEML फैक्ट्री में हो रहा निर्माण
  • 3/9

बेंगलुरु की BEML फैक्ट्री में हो रहा निर्माण

इस बुलेट ट्रेन का निर्माण बेंगलुरु स्थित भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML) की मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी में किया जा रहा है. यहीं ट्रेन के अलग-अलग हिस्सों को तैयार करने और उनकी जांच का काम चल रहा है. भारी मशीनरी और उपकरण बनाने वाली सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी BEML भारत की पहली स्वदेशी बुलेट ट्रेन के निर्माण में अहम भूमिका निभा रही है. यह परियोजना देश में हाई-स्पीड ट्रेन निर्माण की क्षमता बढ़ाने की दिशा में भी एक कदम है.

Advertisement
280 Kmph होगी बुलेट ट्रेन की टेस्ट स्पीड 
  • 4/9

280 Kmph होगी बुलेट ट्रेन की टेस्ट स्पीड 

B28 ट्रेनसेट को अधिकतम 280 किलोमीटर प्रति घंटे की टेस्ट स्पीड के हिसाब से डिजाइन किया जा रहा है. हालांकि, इसकी प्रस्तावित ऑपरेशनल स्पीड 249 किलोमीटर प्रति घंटा होगी. करीब 202 मीटर लंबी इस ट्रेन में कुल 8 कोच होंगे. इनमें 4 मोटर कार और 4 ट्रेलर कार शामिल हैं. दोनों छोर पर ड्राइवर केबिन होगा, जिससे ट्रेन को दोनों दिशाओं में चलाया जा सकेगा. यात्रियों के कंफर्ट को ध्यान में रखकर ट्रेन में इंटरनेशनल स्टैंडर्ड का सीटिंग होगी.

एक बार में 557 यात्री कर सकेंगे सफर
  • 5/9

एक बार में 557 यात्री कर सकेंगे सफर

यह बुलेट ट्रेन के कोच के अंदर का कंप्यूटराइज्ड थ्रीडी पिक्चर है. बनने के बाद ट्रेन के अंदर का दृश्य ऐसा ही दिखाई देगा. इस बुलेट ट्रेन में एक साथ करीब 557 यात्री सफर कर सकेंगे. इसमें 7 स्टैंडर्ड क्लास और 1 एग्जीक्यूटिव क्लास कोच होगा. स्टैंडर्ड क्लास में सीटों की व्यवस्था 3x2 के हिसाब से होगी, जबकि एग्जीक्यूटिव क्लास में 2x2 सीटें होंगी. दिव्यांग यात्रियों और चलने-फिरने में परेशानी वाले लोगों के लिए भी दो खास जगहें रखी गई हैं. जरूरत पड़ने पर दो 8-कोच वाली ट्रेनों को जोड़कर 16 कोच की ट्रेन बनाई जा सकती है.

ट्रेन के अंदर मिलेंगी ये आधुनिक सुविधाएं
  • 6/9

ट्रेन के अंदर मिलेंगी ये आधुनिक सुविधाएं

B28 के इंटीरियर को यात्रियों के आराम को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. इसमें आरामदायक सीटें, पैरों के लिए पर्याप्त जगह, बड़ी खिड़कियां, LED लाइट और सामान रखने के लिए ऊपर रैक मिलेंगे. मोबाइल और लैपटॉप चार्ज करने के लिए पावर सॉकेट भी होंगे. बड़े बैग रखने के लिए अलग जगह बनाई गई है. इसके अलावा आधुनिक बायो-डाइजेस्टर टॉयलेट भी लगाए जाएंगे.

Wi-Fi, एंटरटेनमेंट और तीन भाषाओं में जानकारी
  • 7/9

Wi-Fi, एंटरटेनमेंट और तीन भाषाओं में जानकारी

इस ट्रेन में यात्रियों को Wi-Fi बेस्ड एंटरटेनमेंट सिस्टम मिलेगा. इसके जरिए सफर के दौरान यात्री एंटरटेनमेंट कॉन्टेंट देख सकेंगे. कोच के अंदर लगी LCD स्क्रीन पर अंग्रेजी, हिंदी और क्षेत्रीय भाषाओं में जरूरी जानकारी दिखाई जाएगी. ऑडियो अनाउंसमेंट के जरिए भी यात्रियों को अपडेट मिलेंगे. किसी आपात स्थिति में यात्री ट्रेन के कर्मचारियों से टॉक बैक फैसिलिटी के जरिए सीधे संपर्क कर सकेंगे.

तेज रफ्तार में हवा का दबाव और शोर होगा कम
  • 8/9

तेज रफ्तार में हवा का दबाव और शोर होगा कम

तेज रफ्तार से चलने वाली ट्रेन में हवा का दबाव और शोर बड़ी चुनौती होते हैं. इसे ध्यान में रखते हुए B28 का अगला हिस्सा और पूरी बॉडी खास एयरोडायनामिक डिजाइन में तैयार की गई है. कंप्यूटर आधारित CFD सिमुलेशन के जरिए ट्रेन के आसपास एयर सर्कुलेशन का अध्ययन किया गया है. इससे एयर रेजिस्टेंस, ट्रेन के टनल में चलते समय एयर प्रेशर और तेज रफ्तार के दौरान होने वाला शोर कम करने में मदद मिलेगी.

रीजेनरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम से एनर्जी सेविंग
  • 9/9

रीजेनरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम से एनर्जी सेविंग

इस बुलेट ट्रेन में 25 kV, 50 Hz सिंगल फेज AC ट्रैक्शन सिस्टम का इस्तेमाल होगा. ट्रेन को बिजली ओवरहेड तारों के जरिए मिलेगी. इसमें रीजेनरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम भी होगा. इस तकनीक में ट्रेन के धीमा होने या ब्रेक लगाने के दौरान पैदा होने वाली कुछ ऊर्जा को वापस बिजली व्यवस्था में भेज दिया जाता है. इससे ऊर्जा की बचत करने में मदद मिलती है. हर कोच में तापमान और नमी को नियंत्रित रखने के लिए दो HVAC यूनिट भी होंगी.

Advertisement
Advertisement
Advertisement