रिजर्व बैंक कर्ज लेकर छल-कपट करने वालों के बारे में तेजी से जानकारी शेयर करने के मकसद से जल्द ही केंद्रीय धोखाधड़ी रजिस्ट्री बनाएगा करेगा, जिससे बैंकों को डूबते कर्ज की समस्या से निपटने में मदद मिलेगी.
के एक उच्च अधिकारी ने बताया, 'यह जल्द ही स्थापित होगा. केंद्रीय धोखाधड़ी रजिस्ट्री स्थापित करने पर काम चल रहा है. यह की निगरानी में काम करेगा.' वर्तमान में ऐसा कोई डाटाबेस नहीं है, जिसका इस्तेमाल बैंक पहले के धोखाधड़ी मामलों के सभी अहम ब्योरे हासिल करने के लिए कर सकें.
उन्होंने कहा कि में इस तरह का डाटाबेस तैयार होने से बैंकों को नए ग्राहकों के साथ संबंध बनाते समय, ऋण सुविधाएं देते समय और खाते के परिचालन के दौरान किसी भी समय अधिक से अधिक सूचनाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी.
इस तरह से, से उधार लेने वाले ग्राहक की विश्वसनीयता जांच कर लाभ उठा सकते हैं.
इनपुट - भाषा