भारती एयरटेल ने चीन के दो प्रमुख बैंकों के साथ 2.5 अरब डालर के लोन का समझौता किया है. किसी भी के साथ द्विपक्षीय प्रतिबद्धता के तहत किया गया यह सबसे बड़ा समझौता माना जा रहा है.
इस लोन का भुगतान औसतन 9 साल में किया जाना है. कंपनी ने चीन की यात्रा पर आए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उपस्थिति में समझौते की शर्तों पर हस्ताक्षर किए.
समझौते के तहत की तरफ से 2 अरब डॉलर और इंडस्ट्रियल एंड कॉमर्शियल बैंक ऑफ चाइना से 50 करोड़ डॉलर मिलेगा. एयरटेल ने यह समझौता अपने वैश्विक वित्तीय स्रोतों के विविधीकरण के लिए किया है. इसका उपयोग डाटा नेटवर्क के विस्तार के लिए किया जाएगा.
, चाइना डेवलपमेंट बैंक ने दो अरब डालर तक का लोन देने की प्रतिबद्धता जताई है. इसमें परिपक्वता की मियाद करीब नौ साल की होगी. वहीं, इंडस्ट्रीयल एंड कामर्शियल बैंक आफ चाइना 50 करोड़ डालर लोन देगा.
शंघाई में 22 अरब डॉलर का करार
प्रधानमंत्री मोदी ने चीन के 22 सीईओज से शनिवार को मुलाकात की है. इस दौरान करीब 22 अरब डॉलर के . जिनपिंग और मोदी की यात्रा के बीच दोनों देशों में करीब 52 अरब डॉलर के करार हो चुका है.
मोदी ने चीनी कंपनियों के निवेशकों को भारत में निवेश करने के लिए आमंत्रित किया है. इस पर सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है. शियाओमी मोबाइल कंपनी के प्रेसिडेंट ने पीएम से कहा कि हमारे पास भारत के लिए बड़ा प्लान है.