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वेदांता, UPL, SRF समेत ये 28 स्‍टॉक... India-EU डील से आएगी तेजी, खरीदने की सलाह

भारत और यूरोपीय संघ के बीच व्‍यापार समझौता हो चुका है. ऐसे में ब्रोकरेज फर्म ने कुछ शेयरों को पिक किया है, जो इस डील से लाभ प्राप्‍त कर सकते हैं.

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भारत और यूरोपीय यूनियन ट्रेड डील से फोकस में रहने वाले शेयर. (Photo: Representative/ITG)
भारत और यूरोपीय यूनियन ट्रेड डील से फोकस में रहने वाले शेयर. (Photo: Representative/ITG)

India-EU ट्रेड डील ऐलान के बाद कुछ शेयरों में अच्‍छी तेजी आने की उम्मीद है. ब्रोकरेज फर्म एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग ने बुधवार को कहा कि भारत-यूरोपीय संघ व्यापार समझौते से मैन्युफैक्‍चरिंग को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए मौके बनेंगे. ब्रोकरेज फर्म ने कहा कि यह समझौता मध्यम से लंबी अवधि में डायरेक्‍ट विदेशी निवेश और विदेशी संस्थागत निवेशकों के निवेश को बढ़ाएगा, जिस कारण कुछ शेयरों में अच्‍छी तेजी आ सकती है. 

एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग ने कहा कि केमिकल कंपनियों में PI इंडस्ट्रीज, रैलीस इंडिया, SRF लिमिटेड, सुमितोमो केमिकल इंडिया और यूपीएल लिमिटेड को लाभ मिल सकता है. वहीं हाउस मैटेरियल मैन्‍युफैक्‍चरिंग में ग्रीनलाम इंडस्ट्रीज और ग्रीनपैनल इंडस्ट्रीज को फायदा मिलने की उम्‍मीद है. 

इंडस्ट्रियल सेक्‍टर की बात करें तो ABB India, अपार इंडस्ट्रीज, JE वर्नोवा टी एंड डी, Hitachi एनर्जी और सीमेंस एनर्जी इंडिया को इस व्यापार समझौते से लाभ मिलने की संभावना है. टेक्‍नोलॉजी कंपनियों में HCL Tech, कोफोर्ज लिमिटेड और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज जैसी भारतीय आईटी फर्मों ने वित्त वर्ष 2025 में यूरोपीय संघ से अपने राजस्व का 30 प्रतिशत से ज्‍यादा  अर्जित किया. मेटल और माइनिंग सेक्‍टर में वेदांता जैसे शेयरों को लाभ मिल सकता है. 
                                             
वहीं फार्मास्युटिकल क्षेत्र में सिप्ला, डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज और टॉरेंट फार्मास्यूटिकल्स का नाम शामिल है. केपीआर मिल और वेलस्पन लिविंग जैसे कपड़ा निर्यातकों को भी इस डील का लाभ मिल सकता है. 

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भारतीय वस्‍तुओं पर इम्‍पोर्ट ड्यूटी समाप्‍त होगी
एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग ने कहा कि यूरोपीय संघ भारतीय वस्तुओं पर औसतन लगभग 3.8 प्रतिशत का शुल्क लगाता है. हालांकि, इसने यह भी बताया कि श्रम प्रधान क्षेत्रों में लगभग 10 प्रतिशत का आयात शुल्क लगता है, जिसे समझौते के तहत शून्य तक कम किए जाने की संभावना है. 

इन कारोबार को होगा फायदा 
ब्रोकरेज फर्म ने कहा कि कपड़ा, चमड़ा, जूते, कृषि और कीमती पत्थरों जैसे क्षेत्र ज्‍यादा प्रॉफिट में रहेंगे, क्योंकि भारत वर्तमान में इन श्रेणियों में यूरोपीय संघ के आयात का लगभग 4 प्रतिशत हिस्सा रखता है, जिससे आने वाले वर्षों में बाजार हिस्सेदारी में काफी ग्रोथ होने की गुंजाइश है. 

ब्रोकरेज फर्म ने यह भी कहा कि यूरोपीय संघ भारत का दूसरा सबसे बड़ा आईटी खर्च मार्केट है, जो कुल इनकम टैक्‍स रेवेन्‍यू में करीब 16 प्रतिशत का योगदान देता है. फर्म ने आगे कहा कि भारत-यूरोपीय संघ व्‍यापार India EU FTAसमझौते के इनडायरेक्‍ट प्रॉफिट में अनुपालन संबंधी बाधाओं में कमी और भारतीय कारोबारियों के लिए बेहतर पहुंच और गतिशीलता शामिल है, जिससे आईटी कंपनियों को अमेरिकी बाजार पर अपनी निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है. 

भारतीय एक्‍सपोर्ट को बड़ा लाभ 
एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग ने कहा कि व्यापार समझौते के तहत तत्काल शुल्क हटाने से लगभग 33 अरब डॉलर प्राइस के भारतीय निर्यात को लाभ होगा. टेक्‍सटाइल पर टैरिफ 12 फीसदी से कम होकर शून्‍य हो जाएगा. जिसमें रेडीमेड वस्त्र, सूती धागा और घरेलू वस्त्र शामिल हैं. चमड़ा और जूते पर 17 प्रतिशत तक का शुल्क पूरी तरह से हटा दिया गया, जिससे तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश के प्रमुख विनिर्माण समूहों को सहायता मिलेगी. 

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रत्नों और आभूषणों पर लगने वाले 4 प्रतिशत तक के शुल्क को समाप्त कर दिया गया है, और एंटीक ने अगले तीन वर्षों में व्यापार को दोगुना करके 10 अरब डॉलर तक पहुंचाने की संभावना जताई है. इसी तरह बाकी सेक्‍टर्स के भी एक्‍सपोर्ट को लाभ मिलेगा. 

(नोट- यहां बताया गया टारगेट ब्रोकरेज फर्म के अपने विचार हैं. aajtak.in इसकी जिम्मेदारी नहीं लेता है. किसी भी शेयर में निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.)

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