जहां एक ओर भारतीय शेयर बाजार में तूफानी रैली देखने को मिल रही है, तो वहीं दूसरी ओर साउथ कोरिया का शेयर बाजार बुधवार को खुलते ही लगातार दूसरे दिन क्रैश (Stock Market Crash) हो गया. KOSPI Index की ओपनिंग बेहद खराब रही और कुछ देर के कारोबार में ही इसमें लोअर सर्किट लग गया. इसके चलते कोरियाई स्टॉक एक्सचेंज को करीब 20 मिनट के लिए ट्रेडिंग तक रोकनी पड़ी.
यहां बता दें कि साउथ कोरियाई बाजार में एक्सचेंज के नियम के मुताबिक, गिरावट में ट्रेडिंग रोकने का रूल है. यानी अचानक ही मार्केट में 20 मिनट के लिए ट्रेडिंग नहीं रोकी गई, बल्कि एक्सचेंज के तय सर्किट ब्रेकर के तहत ऐसा फैसला लिया जाता है, जिससे मार्केट क्रैश होने या लोअर सर्किट लगने की स्थिति में घबराहट में होने वाली बिकवाली (Panic Selling) को रोका जा सके और निवेशकों को सोचने का समय दिया जाए.
दो दिन में 21% टूटा कोस्पी
साउथ कोरिया के शेयर बाजार में भूचाल जारी है. सिर्फ बीते दो कारोबारी दिनों में ही KOSPI 21% के आसपास फिसल गया है. जहां मंगलवार को सैमसंग और एसके हाइनिक्स जैसे दिग्गज चिप मेकर शेयरों में बड़ी गिरावट के चलते साउथ कोरियाई इंडेक्स 11% से ज्यादा फिसल गया था.
वहीं बुधवार को SK Hynix के शानदार तिमाही नतीजों के बावजूद कंपनी का शेयर करीब 15% फिसल गया, जबकि Samsung Share में 8% की गिरावट दर्ज की गई. इस गिरावट के बीच लगातार दूसरे दिन कोस्पी खुलने के साथ ही 10% के लोअर सर्किट के साथ 5262 के स्तर पर आ गया.
कोस्पी ही नहीं, स्मॉल और मिडकैप कंपनियों को ट्रैक करने वाला KOSDAQ इंडेक्स भी 8 फीसदी से ज्यादा टूट गया. इसके चलते कारोबार के शुरुआत में ही करीब 20 मिनट के लिए बाजार में ट्रेडिंग रोकनी पड़ी.
इन दो शेयरों पर टिका बाजार
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में एक्सपर्ट के हवाले से कहा गया है कि साउथ कोरिया का कोस्पी इंडेक्स दो दिग्गज कंपनियों सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स और एसके हाइनिक्स पर टिका है. इन दोनों कंपनियों के शेयर जब एक साथ गिरते हैं तो बचने की कोई जगह नहीं होती. गौरतलब है कि SK Hynix-SAMSUNG कोरियाईचिप मार्केट में आधे हिस्से को संभालते हैं.
मार्केट क्रैश का सबसे बड़े कारण
साउथ कोरिया के शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन क्रैश के पीछे सिर्फ एक वजह चिप शेयरों में तगड़ी बिकवाली है, जिससे हाहाकार मचा हुआ है. दरअसल, Chip Stocks में वैश्विक स्तर पर बिकवाली देखने को मिल रही है और ये चीन से बढ़ती प्रतिस्पर्धा और AI पर खर्च में तेजी की स्थिरता को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच नजर आई है.
इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में अचानक आए तेज उछाल ने भी बाजार की गिरावट को बल दिया है. बुधवार को Brent Crude Oil Price एक झटके में 4 फीसदी से ज्यादा चढ़ गया और 88 डॉलर प्रति बैरल के करीब कारोबार करता नजर आया.
(नोट: शेयर बाजारों में किसी भी तरह के निवेश से पहले अपने मार्केट एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें.)