शेयर बाजार में बीते कारोबारी दिन गदर मचा नजर आया था, लेकिन महज 24 घंटे बाद ही बाजी पूरी तरह पलटी हुई नजर आई और शेयर बाजार फिर क्रैश (Stock Market Crash) हो गया. दरअसल, मंगलवार को महीनेभर से ज्यादा समय से चल रहे अमेरिका-ईरान युद्ध में सीजफायर की खबर आई और बुधवार को इसका असर भारत समेत दुनियाभर के शेयर बाजारों पर देखने को मिला.
सेंसेक्स-निफ्टी खुलने के साथ ही रॉकेट की रफ्तार से भागे और मार्केट क्लोज होने तक इनमें ताबड़तोड़ तेजी बरकरार रही. 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 2900 अंक से ज्यादा चढ़कर बंद हुआ था, तो वहीं निफ्टी 800 अंक से ज्यादा की उछाल के साथ क्लोज हुआ था. लेकिन गुरुवार को बाजार खुलने के साथ ही ये तेजी गायब हो गई और Sensex-Nifty बड़ी गिरावट में कारोबार कर रहे हैं. आइए समझते हैं इसके पीछे के तीन बड़े कारणों के बारे में...
कल रैली, आज हो गया क्रैश
सेंसेक्स की बात करें, तो US-Iran Ceasfire के बाद बीएसई का सेंसेक्स बुधवार को दिनभर तेजी के साथ कारोबार करता नजर आया और अंत में 2946.32 अंक की बड़ी उछाल के साथ 77,562.90 के लेवल पर बंद हुआ. इसके बाद गुरुवार को ये 30 शेयरों वाला इंडेक्स रेड जोन में खुलने के कुछ ही देर बाद भरभराकर टूटा और 900 अंक से ज्यादा फिसलकर 76,624 के स्तर पर आ गया. खबर लिखे जाने तक दोपहर 2.30 बजे पर भी ये 1086 अंक टूटकर 76,467 पर ट्रेड कर रहा था.
सेंसेक्स की तरह निफ्टी भी क्रैश (Nifty Crash) नजर आया. बुधवार को ये एनएसई इंडेक्स 873.70 अंक की तेजी लेकर 23,997.35 पर क्लोज हुआ था. इसके बाद गुरुवार को ये इंडेक्स भी सेंसेक्स की तरह टूटते हुए 238 अंक फिसल गया और 23,759 पर कारोबार करता दिखा और खबर लिखे जाने तक ये भी 286 अंकों की गिरावट लेकर 23,709 पर आ गया था.
अचानक क्यों बिखरा बाजार, ये बड़े कारण
शेयर बाजार में गिरावट के प्रमुख कारणों की बात करें, तो सबसे बड़ा और अहम अमेरिका-ईरान युद्ध से जुड़ा हुआ है. लेकिन इसके अलावा भी मार्केट पर दबाव बढ़ाने वाले कई मामले सामने आए हैं.
पहला कारण: यूएस-ईरान में सीजफायर टूटा
शेयर बाजार के अचानक पलटी मारने के पीछे का सबसे बड़ा कारण अमेरिका-ईरान युद्ध को लेकर फिर से बढ़ी टेंशन है. दरअसल, मंगलवार को दोनों देश सीजफायर पर सहमत हुए थे, लेकिन कुछ देर कायम रहने के बाद इसके टूटने (US-Iran Ceasefire Violation) की खबर आई, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई और बाजार का सेंटीमेंट खराब हो गया. इसके साथ ही डोनाल्ड ट्रंप की नई धमकी (Donald Trump Warning) ने एशियाई शेयर बाजारों में खौफ भर दिया और बड़ी गिरावट दिखी, जिसके निगेटिव असर ने भारतीय बाजार पर दबाव बढ़ा दिया.
दूसरा कारण: क्रूड की कीमतें फिर चढ़ीं
शेयर मार्केट में गिरावट के पीछे का दूसरा कारण क्रूड ऑयल की कीमतों में अचानक से फिर आई बढ़ोतरी को भी माना जा रहा है और ये भी अमेरिका-ईरान युद्ध से जुड़ी हुई है. सीजफायर के ऐलान के तुरंत बाद Brent Crude Oil Price 110 डॉलर से सीधे टूटकर 95 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गया था, लेकिन सीजफायर टूटने और ग्लोबल टेंशन बढ़ने के चलते अचानक ये फिर से उछाल भरने लगा. खबर लिखे जाने तक ब्रेंट क्रूड करीब 4 फीसदी उछलकर 99 डॉलर के पास आ गया, तो वहीं WTI Crude Price 3.80 फीसदी चढ़कर 98 डॉलर के करीब पहुंच गया. इससे महंगाई बढ़ने के जोखिम ने फिर से निवेशकों की चिंता बढ़ा दी.
तीसा कारण: रुपये में फिर गिरावट
बाजार का सेंटीमेंट खराब करने का तीसरा बड़ा कारण इंडियन करेंसी रुपया में फिर से आई गिरावट रहा. दरअसल, गुरुवार को Indian Rupee में शुरुआती कारोबार के दौरान ही करीब 17 पैसे की गिरावट आ गई और ये अमेरिकी डॉलर के मुकाबले फिर फिसलकर 92.71 पर आ गया.
इन सब कारणों के चलते शेयर बाजार में डर का पैमाना भी उछला और India VIX Index फिर से 20 का स्तर पार कर गया. इसमें सीजफायर टूटने की खबरों के बाद अचानक इसमें तीन फीसदी से ज्यादा की तेजी आई, जो आने वाले दिनों में बाजार में उथल-पुथल का संकेत देने वाली है.
(नोट- शेयर बाजार में किसी भी तरह के निवेश से पहले अपने मार्केट एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें.)