भारत-ब्रिटेन के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट बुधवार से लागू हो गया है और इसका दोनों देशों को बड़ा फायदा होने वाला है. जहां ब्रिटिश सरकार की ओर से इस India-UK FTA को भारत के साथ अब तक का सबसे बड़ा व्यापार समझौता बताया गया, तो वहीं केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने इस एफटीए को भारत-ब्रिटेन संबंधों में एक अहम पड़ाव करार देते हुए इस डील को एक बड़ी आर्थिक कूटनीति की बड़ी जीत कहा है. इसके साथ ही उन्होंने भारत-यूके एफटीए के फायदे भी गिनाए हैं.
पीयूष गोयल बोले- विकास, निवेश को बढ़ावा
Piyush Goyal ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर (अब X) पर एक पोस्ट करते हुए लिखा, 'आज India-UK संबंधों में एक अहम पड़ाव है.' प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के नेतृत्व में India-UK कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक एंड ट्रेड एग्रीमेंट (CETA) और सोशल सिक्योरिटी पर समझौता लागू हो गया है.
उन्होंने अपनी पोस्ट में ब्रिटिश समकक्ष पीटर काइल और इस एफटीए पर बातचीत करने वाली दोनों टीमों को धन्यवाद देते हुए कहा कि हम मिलकर एक मजबूत और इनोवेशन-आधारित साझेदारी बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए विकास, निवेश और साझा समृद्धि को बढ़ावा देगी.
Today marks a defining milestone in India-UK ties. 🇮🇳🤝🇬🇧
Under the dynamic leadership of Hon'ble PM @NarendraModi ji, the India-UK Comprehensive Economic and Trade Agreement (CETA) and the Agreement on Social Security, have come into force, delivering zero-duty market access… pic.twitter.com/2rmRIGESdc— Piyush Goyal (@PiyushGoyal) July 15, 2026
केंद्रीय मंत्री ने बताए FTA के फायदे
पीयूष गोयल ने अपनी पोस्ट में India-UK FTA के फायदे भी गिानए और लिखा कि इससे फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से भारत के लगभग 99% एक्सपोर्ट (India Export To UK) के लिए जीरो-ड्यूटी मार्केट एक्सेस मिल गया है, जिसमें ट्रेड वैल्यू का लगभग 100% हिस्सा शामिल है.
केंद्रीय मंत्री के मुताबिक, ब्रिटेन के साथ यह व्यापार समझौता हमारे टेक्सटाइल, लेदर, जेम्स और ज्वेलरी, इंजीनियरिंग सामान, समुद्री प्रोडक्ट, केमिकल, प्रोसेस्ड फूड, MSME, किसानों और मैन्युफैक्चरर्स के लिए बड़े अवसर पैदा करता है. इसके साथ ही यह हमारे IT, प्रोफेशनल, फाइनेंशियल, एजुकेशन और बिजनेस सर्विस सेक्टर के लिए नए रास्ते भी खोलता है.
FTS में सोशल सिक्योरिटी पर डील
India-UK FTA को लेकर किए गए अपने पोस्ट में पीयूष गोयल ने आगे लिखा कि सोशल सिक्योरिटी पर समझौता दोनों देशों के बीच इस साझेदारी को और मजबूत करता है. यह अस्थायी असाइनमेंट पर काम करने वाले भारतीय पेशेवरों को 5 साल तक दोहरे सोशल सिक्योरिटी कंट्रीब्यूशन से छूट देता है, जिससे भारतीय वर्कफोर्स की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ती है.
भारत ने क्या खोला और क्या Safe किया?
गौरतलब है कि भारत ने एफटीए के जरिए ब्रिटेन को होने वाले अपने ज्यादातर निर्यात पर शुल्क-मुक्त पहुंच प्राप्त कर ली है, तो वहीं उसने अपनी 89.5% टैरिफ लाइनें खोली हैं, जो ब्रिटिश निर्यात के 91% हिस्से को कवर करती हैं. हालांकि, ब्रिटेन के निर्यात के सिर्फ 24.5% हिस्से को ही तत्काल टैरिफ फ्री पहुंच मिलेगी.
इसके साथ ही भारत ने डेयरी, अनाज, बाजरा, दालें, खाद्य तेल, सेब, सोना, आभूषण, लैब प्रोड्यूस्ड हीरे, स्मार्टफोन, ऑप्टिकल फाइबर, महत्वपूर्ण ऊर्जा उत्पाद और समुद्री जहाजों जैसे संवेदनशील क्षेत्रों को इस सूची से बाहर रखा है. भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापार वर्तमान में 56 अरब डॉलर का है, दोनों देशों का लक्ष्य 2030 तक इसे दोगुना करना है।