मिडिल ईस्ट टेंशन, होर्मुज स्ट्रेट का बंद होना, बाब-एल-मंदेब समेत अन्य तेल रूट्स में रुकावट का असर दुनिया पर दिख रहा है. पाकिस्तान में ताबड़तोड़ पेट्रोल-डीजल महंगा हो रहा है, तो एक और देश का हाल-बेहाल हो गया है. फ्रांस में तेल संकट चरम पर पहुंच गया है और हालात ये हैं कि देश के हर नौ में से एक पेट्रोल पंप पर Petrol-Diesel का स्टॉक खत्म हो चुका है.
डीजल की कीमत ने तोड़े सारे रिकॉर्ड
तेल आपूर्ति में लगातार कमी के चलते फ्रांस में Fuel Crisis की तगड़ी मार जनता पर पड़ रही है. सप्लाई न होने से पेट्रोल पंपों पर तेल की कीमतों में तगड़ा उछाल आया है. खासतौर पर डीजल की औसत कीमत (Diesel Price) 2.39 यूरो प्रति लीटर से अधिक हो गई है, जिससे राष्ट्रीय स्तर पर कीमतों के पिछले सभी रिकॉर्ड टूट चुके हैं. देशभर के 700 से ज्यादा पेट्रोल पंपों पर हाई कैटेगरी का डीजल 2.50 यूरो प्रति लीटर से अधिक, जबकि कई फ्यूल स्टेशनों पर यह 2.70 यूरो प्रति लीटर तक बिक रहा है.

हर 9 में से एक पेट्रोल पंप खाली
फ्रांस में ईंधन संकट इस कदर गहराता जा रहा है, जैसा इससे पहले शायद ही जनता ने देखा होगा. जहां एक ओर डीजल की कीमतें रिकॉर्ड हाई लेवल पर पहुंच गई हैं. तो वहीं सरकार के ताजा आंकड़ों से पता चलता है कि देशभर में लगभग 11 फीसदी पेट्रोल पंप स्टेशन यानी करीब हर नौ में से एक Petrol Pump कम से कम एक प्रकार के पेट्रोल या डीजल का स्टॉक बनाए रखने के लिए संघर्ष कर रहा है.
हर ओर मचा हाहाकार
Petrol-Diesel Price Hike और ईंधन सप्लाई में लगातार जारी रुकावट के चलते पेट्रोल पंपों पर वाहन चालकों की भारी भीड़ लगी है और स्थिति गंभीर होती नजर आ रही है. क्षेत्रीय स्तर पर देखें, तो ग्रैंड एस्ट में 16 फीसदी फ्यूल स्टेशनों पर कमी से जूझ रहे हैं, तो वहीं इसके बाद सेंटर-वाल डे लोइरे और ओक्सिटानी में 14 फीसदी, जबकि पेस डे ला लोइरे में 13 फीसदी की कमी दर्ज की गई है.
सरकार को करनी पड़ी ये अपील
सऊदी अरब द्वारा तेल सप्लाई पर लगाई गई पाबंदियों ने यूरोपीय आपूर्ति पर दबाव और भी बढ़ा दिया है. हालात यहां तक खराब हो चुकी है कि फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने G-7 से आपातकालीन भंडार जारी करने की अपील की है. सप्लाई संबंधी रुकावटों में तेजी को देखते हुए मैक्रॉन ने G-7 नेताओं की बैठक बुलाने की योजना की घोषणा कर दी है.

रिकॉर्ड कीमतें, लागत का दबाव
पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति में कमी के साथ-साथ पेट्रोल पंपों पर कीमतों में भी भारी वृद्धि हुई है. अंतराराष्ट्रीय बेंचमार्क मार्केट में यूरोपीय डीजल की कीमत 200 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई और स्थानीय Tax को ध्यान में रखते हुए रिटेल लागत के साथ 300 डॉलर प्रति बैरल से अधिक हो गई. एक्सपर्ट्स का कहना है कि जमीनी हकीकत सरकार के आधिकारिक आंकड़ों से कहीं ज्यादा गंभीर हो सकती है.
उन्होंने कहा कि तय किए गए मानकों के मुताबिक, किसी पेट्रोल पंप को तभी पेट्रोल की कमी का सामना करने वाला माना जाता है, जब उसके पास मौजूद सभी ग्रेड का पेट्रोल-डीजल पूरी तरह से खत्म हो जाता है. जिस पंप में SP95 खत्म हो गया हो, लेकिन SP98 या SP95-E10 का स्टॉक हो, उसे राष्ट्रीय स्तर पर पेट्रोल की कमी की गणना में शामिल नहीं किया जाता है.